मेरी माँ डायलेसिस से बची और बहुत आराम मिला !!

 

क्या ये सही नहीं है !!
किडनी और हृदय रोगों की चिकित्सा आयुष में बहुत ही उत्कृष्ट है, ऐसे रोगी जिनकी अंग्रेजी दवा खाते - खाते शरीर की जीवनीय शक्ति और व्याधिक्षमत्व शक्ति पूरी तरह से नष्ट हो जाती है ऐसे रोगियों को आयुष चिकित्सा बहुत ही परिणामोत्पादक, प्रभावशाली और जीवनदायिनी है, किन्तु लोगों में जागरूकता का आभाव है जन - जन को इसका प्रचार करना चाहिए। आज अंग्रेजी इलाज की स्थिति यह है कि पहले एक गोली से इलाज शुरू होता है धीरे-धीरे वह हार्टकिडनीलिवर का रोगी बन जाता है और फिरकभी भी बन्द न होने वाली दवाओं का सिलसिला चलने लगता है। जबकि आयुष चिकित्सा में दवायें धीरे-धीरे घटते-घटते बिल्कुल बन्द हो जाती हैं। ऐसे में आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि पीड़ित मानव का सही मार्गदर्शन करें और उन तक जानकारी पहुँचायें, ताकि ऐसे पीड़ित मानव का कल्याण हो सके और लोग अंग्रेजी दवाओं के जाल से बच सकें 

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५
Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)

सावित्री देवी साथ में बेटी वर्षा शर्मा 

➡️    मेरी माँ सावित्री देवी (५० वर्ष) बसहिया बुजुर्ग, महाराजगंज (उ.प्र.) से हैं।

➡️    मेरी माँ का मार्च २०२० को अचानक पैरों में सूजन और पेट दर्द शुरू हो गया, मेरा छोटा भाई पास के अंग्रेजी अस्पताल में माँ को दिखाने ले गया, उन्होंने देखा और कुछ दवायें दी और बोले कि ठीक हो जायेंगी। लगभग १५ दिन दवा खिलायीं पर कोई आराम नहीं मिला।

➡️    तब हम माँ को गोरखपुर लेकर गये, वहाँ स्पंदन हॉस्पिटल में दिखाया, वहाँ के डॉक्टरों ने जाँच करवायी, जाँच में सुगर और किडनी की समस्या के बारे में पता चला और उसी समय ब्लडप्रेशर की समस्या के बारे में भी पता चला। वहाँ लगभग ४-५ माह तक इलाज चला लेकिन कोई आराम नहीं मिला।

➡️    तब हम लोग गोरखपुर के दूसरे हॉस्पिटल में डॉक्टर आनन्द बंका को दिखाया, वहाँ किडनी ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी, पर हमारे पास ट्रांसप्लांट कराने की औकात ही नहीं थी।

➡️    फिर हम लोग माँ को लखनऊ केजीएमयू ले गये, वहाँ माँ को देखा गया, जाँचें करवायीं और इलाज शुरू हो गया, यहाँ के इलाज से माँ को कुछ दिन तक आराम लगा और कुछ दिन बाद माँ के पेट में फिर दर्द शुरू हो गया।

➡️    तभी वहीं मेरी मुलाकात मेरे गाँव के एक व्यक्ति से हुई जिनके रिश्तेदार का इलाज आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चिकित्सालय, चित्रकू में चल रहा था, उन्होंने मुझे कहा बेटा आप अपनी माँ को एक बार आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकू में दिखा दीजिए वहाँ आपकी माँ ठीक हो जायेंगी।

➡️    हमारे पास पैसा था नहीं कि हम अपनी माँ को लेकर आयुष ग्राम चित्रकू आ सके। हमारा सारा पैसा अन्य हॉस्पिटलों में खत्म हो चुका था। हम लोगों ने १ माह बाद पैसों की व्यवस्था की और अपनी माँ को आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकू लेकर पहुँचे।

➡️    जब मैं ट्रेन से सफर करके माँ को हॉस्पिटल ले के आ रही थी तब मैं यह सोच रही थी कि न तो वहाँ बॉटल और न ही इंजेक्शन लगता फिर इन सबके बिना मेरी माँ का कैसे इलाज होगा

➡️    फिर मैंने सोचा १ सप्ताह तक इलाज करवाते हैं जो होगा देखा जायेगा, हर हॉस्पिटल से निराशा मिली है, सोचा यहाँ भी इलाज लेकर भी देख लेते हैं। हम सुबह आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकू पहुँचे, रजिस्ट्रेशन करवाया और ओपीडी नं.-१ में जाँच और केस हिस्ट्री हुयी और हमें बोला गया कि आपके ३ सप्ताह भर्ती होकर चिकित्सा करवानी होगी। २-३ घण्टे में जाँच रिपोर्ट आ गयी और ओपीडी-२ में डॉक्टर वाजपेयी जी के पास भेजा गया, उन्होंने मेरी माँ को देखा और कहा कि आप परेशान न हों आपकी माँ बिल्कुल ठीक हो जायेंगी।

➡️    मैंने तुरन्त माँ को भर्ती करवाया और इलाज शुरू हो गया। मेरी माँ को २ दिन में ही आराम लगने लगा, पेट दर्द और कमजोरी में उन्हें आराम लग गया। यहाँ तो हॉस्पिटल नहीं बिल्कुल तीर्थ है। सब लोग सेवा-भाव से काम करते हैं। आयुर्वेद पंचकर्म होता है, रसौषधियों से चिकित्सा होती है। बहुत तेज लाभ होता है। संस्थान में प्रवेश करते ही एक विशेष ऊर्जा का एहसास होता है, अद्भुत शान्ति।


आयुष ग्राम चिकित्सालय में भर्ती होने के समय 14/03/2021 की रिपोर्ट 

➡️    १४ मार्च २०२१ को मैं माँ को लेकर आयी थी उस दिन मेरी माँ का क्रिटनीन ९.१, यूरिया २५४.०, हेमोग्लोबिन ७.० था और आज ४ अप्रैल २०२१ की जाँच में क्रिटनीन ९.१ से घटकर ७.८ हो गया, यूरिया २५४.० से घटकर १२४.० पर आ गया और हेमोग्लोबिन ७.४ पर आ गया।


आयुष ग्राम चिकित्सालय में भर्ती रहकर चिकित्सा के बाद04/04/2021 की रिपोर्ट 

            यहाँ की व्यवस्था और यहाँ का स्टॉफ बहुत अच्छा है। सब लोगों ने हमारा बहुत सहयोग किया, यहाँ से इलाज करवा के हम बहुत खुश है, अब मेरी माँ बिल्कुल ठीक हो रही हैं। मैं तो कहती हूँ कि सभी लोग यहाँ लाभ उठायें।

वर्षा शर्मा

बसहिया बुजुर्ग, महाराजगंज (उ.प्र.)


डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुसरण करते हैं ।

डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन-आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                एम.डी. (एस.&पी.मेडिसिन-आयु0)    
                             
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा-आयुर्वेद) 

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