डायलेसिस व ट्रान्सप्लाण्ट से बच गये मेरे पिता जी : क्रिटनीन, यूरिया घटने लगा !!


आयुष के ऐसे हैं प्रभाव!!
आयुर्वेद उपचार से लाखों बच्चों को बचाया जा सकता है इन्हेलर और दमा से आयुर्वेद का मतलब महान् समृद्धवैज्ञानिक और समूल रोगहारी चिकित्सा और स्वास्थ्य विज्ञान का आश्रय है।  ‘‘आज भारत के १० प्रतिशत शहरी बच्चे और किशोर दमा से ग्रस्त हैं और अंग्रेजी डॉक्टरों के पास कोई इसका समाधान नहीं। इन बच्चों और किशोरों की रोगप्रतिरोधक क्षमता घट रही है बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास नहीं हो पा रहाफेंफड़े कमजोर हो रहे हैं।’’ किन्तु भारत का दुर्भाग्य है कि मानव आयुर्वेद का लाभ नहीं उठा पा रहा। पर अब समय आ गया है कि मानवता की सेवा हेतु सभी आगे आयें आयुर्वेद की ओर सभी को प्रेरित करें। इस प्रकार दमाश्वासइन्हेलर के चंगुल में फँसे प्रतिवर्ष हजारों बच्चों और किशोर-किशोरियों को ‘आयुष ग्राम’ चित्रकूट मुक्त कर पा रहा है।

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५
Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)
श्री दीपक लोधी साथ में उनके पिताजी चन्दन लोधी 

➡️ मैं दीपक मेरे पिता जी श्री चन्दन सिंह (उम्र 52) हम कनखार बसरी, सागर (म.प्र.) से हैं।

➡️ हम लोग एक साधारण किसान हैं।

➡️ मेरे पिता जी को 2 माह पहले से कमजोरी बहुत लगने लगी थी, चल नहीं पा रहे थे, नाखून सफ़ेद पड़ गए थे, ब्लडप्रेशर बढ़ता ही जा रहा था, चक्कर आ रहे थे, पैरों में दर्द हो रहा था। 

➡️ इन सभी समस्याओं के चलते हम लोग बीना (म.प्र.) के प्राइवेट हॉस्पिटल में डॉ. अंजन पंण्डित जी को दिखाया, उन्होंने खून की जाँच करवायी और कहा कि खून बहुत कम है इसके लिए आयरन के इंजेक्शन व ड्रिप चढेंगी, मैंने 10 दिन तक इलाज करवाया, कोई आराम नहीं मिला।

➡️ फिर मैंने ललितपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल में दिखाया, वहाँ भी सारी जाँचों के बाद बताया गया कि पिता जी की दोनों किडनी खराब हो गयीं और क्रिटनीन बढ़ा है तो ललितपुर में में तुरन्त डायलेसिस व ट्रांसप्लाण्ट के लिए बोल दिया गया।

➡️ लेकिन हम लोग डायलेसिस व ट्रांसप्लाण्ट क्या होता है? ये कुछ भी नहीं जानते थे।

➡️ हम लोग बहुत परेशान थे कि इतने पैसे नहीं कि ये सब करवा पायें तो वहाँ पर डॉक्टर ने समझाया डायलेसिस व ट्रांसप्लाण्ट में बहुत पैसे लगते हैं इसलिए आप दवायें चलाओ और घर पर ही अपने पिता जी की सेवा करें। हम लोग अपने पिता जी को घर ले आये।

➡️ तभी मेरे मामा जी को आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चिकित्सालय, चित्रकूट के बारे में पता चला कि यहाँ पर न कोई इंजेक्शन, न चीर-फाड़ और न ही डायलेसिस होती आयुर्वेद का बहुत बड़ा संस्थान है, दवाइयाँ व पंचकर्म थैरेपी द्वारा ही चिकित्सा कि जाती है।

➡️ मैं 13 जनवरी 2021 को अपने पिता जी लेकर आयुष ग्राम चित्रकूट पहुँचा। वहाँ रजिस्ट्रेशन हुआ और फिर नम्बर आने पर डॉक्टर वाजपेयी जी कि ओपीडी में भेजा गया।

आयुष ग्राम चिकित्सालय में भर्ती के समय की रिपोर्ट 

➡️ उन्होंने कुछ जाँचे करवायीं जाँच में- यूरिया 172.2, क्रिटनीन 8.4, फास्फोरस 5.9, हेमोग्लोबिन 9.4 आया।

➡️ उन्होने सलाह दी कि आप 3 सप्ताह यहाँ रहें चिकित्सा करवायें आपके पिता जी को मैं 100% डायलेसिस से बचा लूँगा। हम तुरन्त रह गये क्योंकि तैयारी से गये थे, चिकत्सा शुरू हो गयी।

➡️ डिस्चार्ज के दिन : यूरिया 129.8, क्रिटनीन 7.5, सोडियम 135.1, फास्फोरस 5.6 आया और सबसे बड़ी बात तो यह कि शरीर सम्बन्धी तमाम समस्याओं जैसे उल्टी होना, कमजोरी, भूख न लगना, कब्ज आदि में बहुत सुधार हुआ। हम बहुत प्रसन्न हैं, अब आगे दवाइयाँ और परहेज बराबर चलेगा, हम उसका पालन करेंगे।

आयुष ग्राम चिकित्सालय से डिस्चार्ज के समय की रिपोर्ट 

➡️ डॉक्टर साहब ने कहा है कि यदि ठीक इसी तरह चलेंगे तो आशा करें कि निरन्तर सुधार होता जाएगा।

हम यह कह सकते हैं कि मेरे पिता जी डायलेसिस और ट्रांसप्लाण्ट से बच गये।

दीपक लोधी श्री चन्दन सिंह लोधी

निवासी- कनखार बसरी, सागर (म.प्र.)     

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुसरण करते हैं ।
डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन-आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।

   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                एम.डी. (एस.&पी.मेडिसिन-आयु0)    
                             

डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा-आयुर्वेद)     

   

 

Post a Comment

0 Comments