मेरे पिता जी का क्रिटनीन ११.४ से ४.४५, यूरिया २९३.२ से ८०.० आया !!


आयुष के ऐसे हैं प्रभाव!!
हम यह नहीं कहते कि हम किडनीहार्ट या रीढ़ (स्पॉण्डिलाइटिस)चर्म रोगियों को शत प्रतिशत स्वस्थ कर देते हैं पर यह तो अवश्य कह सकते हैं कि हम इन रोगों में अंग्रेजी चिकित्सा से अच्छे और औसत से अधिक अच्छे परिणाम देते हैं। बस! रोगी इतना देर करके न आये। आज अंग्रेजी इलाज की स्थिति यह है कि पहले एक गोली से इलाज शुरू होता है धीरे-धीरे वह हार्टकिडनीलिवर का रोगी बन जाता है और फिरकभी भी बन्द न होने वाली दवाओं का सिलसिला चलने लगता है। जबकि आयुष चिकित्सा में दवायें धीरे-धीरे घटते-घटते बिल्कुल बन्द हो जाती हैं। एक नहींसैकड़ों हार्ट रोगीसैकड़ों किडनी रोगी इसके प्रमाण हैं जिनका डाक्यूमेंट्री रिकॉर्ड आयुष ग्राम चित्रकूट में रखा जाता है। ऐसे में आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि पीड़ित मानव का सही मार्गदर्शन करें और उन तक जानकारी पहुँचायेंशायद वे भी समय से आयुष चिकित्सा में पहुँचकर आपके मार्गदर्शन से इनकी तरह जीवन लाभ पा सकें।

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५
Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)

               

प्रेमचन्द्र पटेल पुत्र श्री मोतीलाल पटेल 

➡️    मैं प्रेमचन्द्र पटेल मेरे पिता जी मोतीलाल पटेल (उम्र ७०) स्थान- हरसोस, बनारस (उ.प्र.) से हैं। मेरे पिता जी एक बिजनेसमैन हैं। इन्हें ४ साल से सुगर की समस्या थी तभी से अंग्रेजी दवा लेने लगे थे, तभी से ब्लडप्रेशर की भी समस्या होने लगी उसकी भी अंग्रेजी दवा लेने लगे।

➡️    २८ मार्च २०१९ को साँस लेने में समस्या होने लगी तो हम उन्हें हेरीटेज हॉस्पिटल बनारस ले गये, वहाँ पर सारी जाँचें हुयीं, जाँच में किडनी की समस्या का पता चला। ४-५ दिनों तक दवायें खायीं लेकिन कोई आराम नहीं मिला।

            फिर ओपल हॉस्पिटल बनारस ले गये, वहाँ पर फिर से जाँचें हुयीं जाँच के बाद डायलेसिस के लिए बोल दिया गया लेकिन डायलेसिस नहीं करवाई और ३-४ माह तक दवायें चलीं, क्रिटनीन घटता-बढ़ता रहता था। फिर मुझे मेरे एक रिश्तेदार डॉ. गुलाब सिंह, बनारस के द्वारा आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चिकित्सालय, चित्रकू के बारे में पता चला।

            हम आयुष ग्राम चित्रकू पहुँचे। वहाँ रजिस्ट्रेशन हुआ, फिर नम्बर आने पर ओपीडी-२ में डॉक्टर वाजपेयी जी के पास बुलाया गया। जब हम पिता जी को लेकर उनके पास गये तो उस समय निम्न समस्यायें थी-

➡️    पिता जी को कमजोरी बहुत थी, चक्कर आ रहे थे, उन्हें दो लोग पकड़ कर लाये थे 

➡️    आँखों से साफ दिखाई नहीं देता था, भूख कम लग रही थी, पैरों में सूजन थी, पेशाब होने में समस्या थी।

➡️    जब मेरे भइया पिता जी को लेकर सर के पास दिखाया तो उन्होंने कुछ जाँचें करवायीं जाँच में- हेमोग्लोबिन ६.७, क्रिटनीन ११.४, यूरिया २९३.२, यूरिक एसिड ९.७, एएलपी १६६.४ आया। उन्होंने तीन सप्ताह के लिए आयुष ग्राम चिकित्सालय, चित्रकू में रखा गया।

आयुष ग्राम चिकित्सालय में भर्ती होने के समय की रिपोर्ट 

➡️    चिकित्सा शुरू हुयी, पंचकर्म, रोगी के हिसाब से खान-पान दिया गया। दवायें चलती रहीं। हर सप्ताह खून की जाँच हुयी, हर सप्ताह यूरिया, क्रिटनीन घटता जा रहा था।

➡️    तीन सप्ताह बाद डिस्चार्ज कर दिया गया, तब से दवायें नियमित चल रही हैं और खान-पान का परहेज भी।

➡️    फिर ३० दिसम्बर २०२० को जाँच करवाने पर हेमोग्लोबिन ८.०, यूरिया १५०.६, क्रिटनीन ८.३, यूरिक एसिड ७.५ एएलपी १४९.० आ गया। सारी समस्यायें खत्म हो गयीं।

आयुष ग्राम में भर्ती रहकर चिकित्सा के बाद की रिपोर्ट 

➡️    आज ३ माह दवायें करते हो गये, मेरे पिता जी पूरी तरह स्वस्थ हैं।

➡️    ७० वर्ष की आयु में जहाँ सभी अंग्रेजी डॉक्टर डायलेसिस की ही सलाह दे रहे थे वहीं आज मेरे पिता जी बिना डायलेसिस व अंग्रेजी दवायें के इतने अच्छे हो गये हैं कि कह नहीं सकता।

➡️    अंग्रेजी डॉक्टरों ने किडनी में सिस्ट भी बताया था, अंग्रेजी दवायें चलने के बाद कोई आराम नहीं मिल पा रहा था, वहीं आज यहाँ की चिकित्सा से पूर्ण स्वस्थ हैं। अब तो मैं अपने पिता जी को नहीं लेकर आता, जाँच करवाने के बाद स्वयं मैं दवायें ले जाता हूँ।

➡️    २८ जनवरी २०२१ की जाँच करवाने पर यूरिया ८०.०, क्रिटनीन ४.४५, यूरिक एसिड ८.६५ आ गया।

चिकित्सा के 1 महीने बाद की रिपोर्ट 

            मैं और मेरा पूरा परिवार बहुत खुश है कि मेरे पिता जी ७० साल की उम्र में बिना डायलेसिस व बिना अंग्रेजी दवाओं के आज पूर्ण स्वस्थ हैं, यह हम लोगों के लिए चमत्कार ही है। हम लोग इस चिकित्सा संस्थान का व सभी कर्मचारियों को शुभकामनायें देता हूँ और भगवान् से प्रार्थना करता हूँ कि यह खूब तरक्की करें जिससे हम जैसे लोगों की सहायता हो सके।

प्रेमचन्द्र पटेल पुत्र श्री मोतीलाल पटेल

ग्राम/पोस्ट हरसोस, वाराणसी (उ.प्र.)

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुसरण करते हैं ।
डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन-आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                एम.डी. (एस.&पी.मेडिसिन-आयु0)    
                             
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा-आयुर्वेद) 

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