डायलेसिस से बच गयी मेरी नानी! क्रिटनीन हुआ ५.४ से १.१, यूरिया १८४.४ से २८.९ आयुष ग्राम चित्रकूट से!!

 

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट के संस्थापक अध्यक्ष और सीनियर आयुर्वेद फिजीशियन डॉ. वाजपेयी जी कहते हैं कि आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट बिना सरकारी/गैरसरकारी सहायता के अपने स्वयं के संसाधनों के बलबूते पर इतने अच्छे परिणाम और स्वास्थ्य सेवायें प्रदान कर रहा है। सस्ता भोजनसस्ता बेड चार्जसस्ती दवायेंसस्ता नर्सिंग चार्ज। डॉ. वाजपेयी आगे यह भी कहते हैं कि यदि सरकार हमें उचित संसाधनप्रोत्साहनआश्रय और व्यवस्था उपलब्ध कराये तो देश के अनगिनत हार्ट रोगियों को बाईपास सर्जरी/स्टेंट से तथा गुर्दे के रोगियों को डायलेसिस से बचाया जा सकता है और उन्हें आरोग्य के मुकाम में खड़ा किया जा सकता है।’’

आयुष के ऐसे हैं प्रभाव!!

हम यह नहीं कहते कि हम किडनीहार्ट या रीढ़ (स्पॉण्डिलाइटिस)चर्म रोगियों को शत प्रतिशत स्वस्थ कर देते हैं पर यह तो अवश्य कह सकते हैं कि हम इन रोगों में अंग्रेजी चिकित्सा से अच्छे और औसत से अधिक अच्छे परिणाम देते हैं। बस! रोगी इतना देर करके न आये। आज अंग्रेजी इलाज की स्थिति यह है कि पहले एक गोली से इलाज शुरू होता है धीरे-धीरे वह हार्टकिडनीलिवर का रोगी बन जाता है और फिरकभी भी बन्द न होने वाली दवाओं का सिलसिला चलने लगता है। जबकि आयुष चिकित्सा में दवायें धीरे-धीरे घटते-घटते बिल्कुल बन्द हो जाती हैं। एक नहींसैकड़ों हार्ट रोगीसैकड़ों किडनी रोगी इसके प्रमाण हैं जिनका डाक्यूमेंट्री रिकॉर्ड आयुष ग्राम चित्रकूट में रखा जाता है। ऐसे में आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि पीड़ित मानव का सही मार्गदर्शन करें और उन तक जानकारी पहुँचायेंशायद वे भी समय से आयुष चिकित्सा में पहुँचकर आपके मार्गदर्शन से इनकी तरह जीवन लाभ पा सकें।

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५
Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)

सन्त कुमार पटेल साथ में उनकी नानी (श्रीमती मना बाई पटेल)

मैं सन्त कुमार पटेल, मेरी नानी श्रीमती मना बाई (उम्र ५६), जिगदहा देवेन्द्र नगर, पन्ना की रहने वाली हैं। मेरी नानी को अक्टूबर २०२० में अचानक बुखार आने लगा, मेरे मामा जी ने नानी को देवेन्द्र नगर (पन्ना) के एक डॉक्टर को दिखाया, उन्होंने ५ दिनों तक अंग्रेजी दवायें व इंजेक्शन लगाये लेकिन बुखार उतर ही नहीं रहा था, मेरे मामा जी के पूछने पर  कि मेरी माँ को हुआ क्या है, तो डॉक्टर गुस्सा करने लगे और बोले कि आप कहीं और दिखा लीजिए।

फिर मैं अपनी नानी को सतना ले गया, वहाँ पर जाँचें करवाई गयीं, जाँच के बाद किडनी फेल्योर बताया। तभी मुझे मेरे ही एक रिश्तेदार, द्वारा आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चिकित्सालय, चित्रकूट के बारे में पता चला।

मैं नानी को लेकर १३ अक्टूबर २०२० को आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चिकित्सालय, चित्रकूट आ गया। उस समय वह कुछ भी बोल नहीं पा रही थीं, न ही कुछ खाती-पीती थीं, बुखार उतर ही नहीं रहा था, बिल्कुल मरणासन्न स्थिति में लाया था, कुछ भी अपने आप से बड़बड़ाती रहती थीं। वहाँ रजिस्ट्रेशन करवाया, फिर नम्बर आने पर ओपीडी-२ में डॉक्टर वाजपेयी जी के पास बुलाया गया, उन्होंने देखा और कुछ जाँचें करवायीं। १४ अक्टूबर २०२० की जाँच में- क्रिटनीन ५.४, यूरिया १८४.४, बिल्युर्बिन ४.४, यूरिक एसिड ९.९, एएलपी ३८८.७ आया।

२४ घण्टे तक इमरजेन्सी बनी रही। डॉ. साहब ने कहा कि परेशान न हों, बढ़ी हुयी यूरिया, यूरिक एसिड और बिल्युर्बिन के कारण यह उपद्रव हैं। ये उपद्रव ४८ घण्टे में घट जायेंगे। पंचकर्म और चिकित्सा प्रारम्भ हुयी। ४८ घण्टे में सारी समस्याओं में काबू हो गया रोज का रोज सुधार होने लगा। फिर २१ अक्टूबर २०२० की जाँच में क्रिटनीन ५.४ से घटकर २.७, यूरिया १८४.४ से घटकर ९०.४, यूरिक एसिड ७.८, एएलपी ३०२.७ आया।

आज २८ अक्टूबर २०२० की जाँच कराने पर सबकुछ बिल्कुल नार्मल आ गया- क्रिटनीन १.१, यूरिया २८.९, यूरिक एसिड ६.५, एएलपी १९२.४, बिल्युर्बिन १.४ आ गया। इस प्रकार मेरी नानी बिना डायलेसिस नया जीवन पा गयीं।

हमको सबको तो विश्वास ही नहीं था कि अब मेरी नानी कभी पहले जैसे हो पायेंगी, लेकिन आयुष ग्राम चित्रकूट की चिकित्सा ने आश्चर्य जनक परिणाम दिये हैं। मैं इस चिकित्सा संस्थान का आभारी हूँ।

श्रीमती मना बाई (रोगी)

नानी

सन्त कुमार पटेल,

जिगदहा, देवेन्द्र नगर, पन्ना (म.प्र.)

८८१८९२१९११

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुसरण करते हैं ।
डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                  एम.डी.(आयु.) आ. 

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