डायलेसिस छूटी गयी : आयुष ग्राम चित्रकूट से ३ सप्ताह में !!

 

आयुष के ऐसे हैं प्रभाव!!
हम यह नहीं कहते कि हम किडनीहार्ट या रीढ़ (स्पॉण्डिलाइटिस)चर्म रोगियों को शत प्रतिशत स्वस्थ कर देते हैं पर यह तो अवश्य कह सकते हैं कि हम इन रोगों में अंग्रेजी चिकित्सा से अच्छे और औसत से अधिक अच्छे परिणाम देते हैं। बस! रोगी इतना देर करके न आये। आज अंग्रेजी इलाज की स्थिति यह है कि पहले एक गोली से इलाज शुरू होता है धीरे-धीरे वह हार्टकिडनीलिवर का रोगी बन जाता है और फिरकभी भी बन्द न होने वाली दवाओं का सिलसिला चलने लगता है। जबकि आयुष चिकित्सा में दवायें धीरे-धीरे घटते-घटते बिल्कुल बन्द हो जाती हैं। एक नहींसैकड़ों हार्ट रोगीसैकड़ों किडनी रोगी इसके प्रमाण हैं जिनका डाक्यूमेंट्री रिकॉर्ड आयुष ग्राम चित्रकूट में रखा जाता है। ऐसे में आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि पीड़ित मानव का सही मार्गदर्शन करें और उन तक जानकारी पहुँचायेंशायद वे भी समय से आयुष चिकित्सा में पहुँचकर आपके मार्गदर्शन से इनकी तरह जीवन लाभ पा सकें।

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५
Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)

   

अवधेश सिंह चौहान साथ में पत्नी श्रीमती मीना चौहान 

             मेरा नाम मीना सिंह और मेरे पति श्री अवधेश सिंह चौहान (उम्र ४७), मेरे पति को जून २०२० में बुखार आने लगा, हम लोगों ने अलीगंज के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में दिखाया, वहाँ पर जाँच करवाने पर टायफायड, मलेरिया दोनों निकला और हेमोग्लोबिन भी कम आया, वहाँ से १५ दिन तक अंग्रेजी दवायें चलीं, लेकिन कोई आराम नहीं मिला, फिर हम लोगों ने फर्रूखाबाद के एक दूसरे हॉस्पिटल में दिखाया, वहाँ पर अल्ट्रासाउण्ड करवाया गया, तो बताया कि किडनी खराब है। १५ दिनों तक इलाज चला, पर कोई भी आराम नहीं मिला, पेट में दर्द बहुत हो रहा था, बुखार उतार ही नहीं रहा था, जिसके कारण कानपुर के लिए रिफर कर दिया, कानपुर फार्चून हॉस्पिटल में ले जाया गया, वहाँ पर ब्लड जाँचें हुयीं, जाँच में क्रिटनीन बढ़ा होने के कारण तुरन्त डायलेसिस के लिए बोल दिया गया, हम लोग बहुत परेशान हो गये और घबराकर डायलेसिस करवाई गयी, २ डायलेसिस हुयीं, डायलेसिस करवाने से बचने के लिए मैं उपाय सोचने लगा।



            तभी मेरे जेठ जी श्री अमर सिंह चौहान, जो अपना इलाज करवा रहे हैं के द्वारा आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चिकित्सालय, चित्रकूट के बारे में पता चला। मैं और मेरे जेठ जी अपने पति के साथ आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चिकित्सालय, चित्रकूट पहुँची, वहाँ पर ओपीडी में रजिस्ट्रेशन हुआ और फिर नम्बर आने पर मेरी केश हिस्ट्री हुयी और कुछ जाँचें करवायी गयीं, जाँच में- क्रिटनीन ७.३, यूरिया १०४.५, हेमोग्लोबिन ९.० आया। मैं २५ अक्टूबर २०२० को यहाँ पर आयी थी और २३ अक्टूबर २०२० को अंतिम डायलेसिस हुयी।

            जाँच के बाद ओपीडी-२ में डॉक्टर वाजपेयी जी के पास बुलाया गया, उन्होंने कहा कि मैं डायलेसिस छुड़वाने की कोशिश करता हूँ, इसके लिए २-३ सप्ताह तक भर्ती रहकर चिकित्सा करवाने की सलाह दी।

            मैंने अपने पति को भर्ती करवा दिया और चिकित्सा शुरू हुयी, दवायें चलीं। मेरे पति को जून माह से बुखार छूट ही नहीं रहा था, वह सिर्फ १ या २ दिनों में यहाँ पर  चला गया, पेशाब भी ठीक से नहीं हो पा रही थी, कुछ भी खाने से यहाँ तक कि पानी पीने से उल्टियाँ हो जाती थीं, वह भी बिल्कुल सही हो गया और कमजोरी बहुत थी, जिससे अपने आप से उठ-बैठ पाना मुश्किल था, वहाँ अब वे अपने से अपना कार्य अच्छे से करने लगे हैं और पंचकर्म में अपने आप से जाकर चिकित्सा करवा लेते हैं। पेट में दर्द बहुत रहता था, वह भी बिल्कुल ठीक है।

            जैसे ही डायलेसिस बन्द हुयी वैसे ही क्रिटनीन, यूरिया बढ़ने लगता है। १ नवम्बर २०२० की जाँच में क्रिटनी ११.२, यूरिया ११७.९, हेमोग्लोबिन ७.३ आया।

उपचार चलता गया उसके बाद १८ नवम्बर २०२० की जाँच हुयी तो रिपोर्ट अच्छी आने लगी, क्रिटनीन घटकर ९.५, यूरिया १०४.१, हेमोग्लोबिन बढ़कर ८.० आया। बीच में डायलेसिस की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ी।

            आज १ माह की दवायें देने के बाद यहाँ से डिस्चार्ज किया जा रहा है। इस समय मेरे पति को पूर्ण आराम है, कोई भी समस्या नहीं है।

            मैं और मेरा पूरा परिवार बहुत खुश है कि मेरे पति को डायलेसिस से छुटकारा मिल गया और जो ५ माह से समस्यायें बढ़ती ही जा रही थी, अंग्रेजी दवाओं से। यहाँ आज सिर्फ २१ दिनों में पूर्ण आराम मिल गया है।

            प्रभु श्रीराम की तपोभूमि में आयुष ग्राम (ट्रस्ट) एक ऐसा स्थल है जहाँ हर माह अनेकों रोगी किडनी, हार्ट, लिवर, गठिया आदि से बिना ऑपरेशन आराम पाते हैं। मैं चाहती हूँ कि मेरा सन्देश सब जगह पहुँचे और सभी लोग मेरी तरह लाभान्वित हों।

श्रीमती मीना पत्नी श्री अवधेश सिंह चौहान

फर्रूखाबाद (उ.प्र.) ९७२०२८७११०

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुसरण करते हैं ।
डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                  एम.डी.(आयु.) आ. 

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