क्रिटनीन 13.6 से 2.9 हुआ आयुष ग्राम चिकित्सालय से !!

 

क्या ये सही नहीं है !!
किडनी और हृदय रोगों की चिकित्सा आयुष में बहुत ही उत्कृष्ट है, ऐसे रोगी जिनकी अंग्रेजी दवा खाते - खाते शरीर की जीवनीय शक्ति और व्याधिक्षमत्व शक्ति पूरी तरह से नष्ट हो जाती है ऐसे रोगियों को आयुष चिकित्सा बहुत ही परिणामोत्पादक, प्रभावशाली और जीवनदायिनी है, किन्तु लोगों में जागरूकता का आभाव है जन - जन को इसका प्रचार करना चाहिए। आज अंग्रेजी इलाज की स्थिति यह है कि पहले एक गोली से इलाज शुरू होता है धीरे-धीरे वह हार्टकिडनीलिवर का रोगी बन जाता है और फिरकभी भी बन्द न होने वाली दवाओं का सिलसिला चलने लगता है। जबकि आयुष चिकित्सा में दवायें धीरे-धीरे घटते-घटते बिल्कुल बन्द हो जाती हैं। ऐसे में आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि पीड़ित मानव का सही मार्गदर्शन करें और उन तक जानकारी पहुँचायें, ताकि ऐसे पीड़ित मानव का कल्याण हो सके और लोग अंग्रेजी दवाओं के जाल से बच सकें 

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५
Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)

हसीना बानो और उनके पति

                मैं और मेरी अम्मी हसीना बानो (उम्र ५५), दिलावरपुर, दारानगर, कौशाम्बी (उ.प्र.) से हैं। मेरी अम्मी १ साल से बीमार हैं, उन्हें १ साल पहले खांसी आने लगी थी तो उन्हें मेरा भाई नारायण स्वरूप इलाहाबाद ले गये, वहाँ पर जाँचें हुयीं, जाँच में डॉक्टर ने बताया कि फेंफड़ों में पानी आ गया है, कमला नेहरू रिफर कर दिया।

➡️    हम लोग उन्हें कमला नेहरू प्रयागराज ले गये, वहाँ पर फेंफड़ों से पानी निकाला गया और ९ माह तक टी.वी. की दवायें चलीं। यहीं से नई बीमारी शुरू हुयीं।

➡️    अक्टूबर २०२० में अचानक अम्मी को बुखार आने लगा और श्वास फूलने लगी, पेशाब रुक-रुक आने लगी तो मेरा भाई उन्हें सैफी हॉस्पिटल, प्रयागराज ले गया।

➡️    वहाँ पर किडनी की समस्या बताई गयी और डायलेसिस करवाने के लिए रिफर कर दिया गया।

➡️    अम्मी को फिनिक्स हॉस्पिटल लेकर गये, वहाँ पर १ डायलेसिस की गयी और हमेशा डायलेसिस ही करवाते रहने की सलाह दी गयी। इस तरह अंग्रेजी दवा चलते-चलते किडनी फेल हुयी।

➡️    तभी मेरे भाई को सिराथू के किसी व्यक्ति ने आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चिकित्सालय, चित्रकूट के बारे में बताया। मैं और मेरा भाई अपनी अम्मी को लेकर ७ अक्टूबर २०२० को आयुष ग्राम चित्रकूट आये और रजिस्ट्रेशन करवाया, फिर नम्बर आने पर ओपीडी-२ में डॉ. वाजपेयी जी के पास भेजा गया, उन्होंने देखा और कहा कि आप परेशान न हों इनकी डायलेसिस छुड़वाने का पूरा प्रयास किया जायेगा ऐसा कहकर ३ सप्ताह के लिए भर्ती करवाया।

➡️    उस समय मेरी अम्मी को भूख बिल्कुल नहीं लग रही थी, उल्टी हो रही थी

➡️    पेशाब नहीं हो रही थी, कमजोर तो इतना थी कि अपने आप से उठ-बैठ नहीं पा रही थीं।

➡️    दस्त  भी हो रहे थे, डायलेसिस से बहुत डरती थीं।

➡️    हमने ७ अक्टूबर २०२० को आयुष ग्राम चित्रकूट में एडमिट कर दिया और चिकित्सा शुरू हुयी और दवायें चलीं, लेकिन ३ दिन बाद हालत ज्यादा खराब होने पर उन्होंने डायलेसिस के लिए रिफर कर दिया।

➡️    हम लोग पार्वती हॉस्पिटल प्रयागराज ले गये, वहाँ पर ३ डायलेसिस हुयीं और फिर १६ अक्टूबर २०२० को फिर आयुष ग्राम ट्रस्ट पहुँचे।

➡️    वहाँ पर उन्होंने फिर से भर्ती करवाकर चिकित्सा और दवायें चलीं। मेरी अम्मी को पहले ही सप्ताह से आराम मिलने लगा।

➡️    पेशाब अच्छी होने लगी, भूख भी लगने लगी और रिपोर्ट भी अच्छी आने लगी।

➡️    जब ७ अक्टूबर २०२० को आयुष ग्राम चित्रकूट में भर्ती के दिन जाँच करवाई गयी तो उस समय हीमोग्लोबिन ७.५, क्रिटनीन १३.६, यूरिया १९६.८, यूरिक एसिड १४.४, सोडियम १२०.९ पोटेशियम ६.०, सीआरपी ६१.९ आया।

            फिर ३ डायलेसिस करवाने के बाद जब १६ अक्टूबर २०२० को पुन: जाँच करवायी तो उस समय- हीमोग्लोबिन ८.३, क्रिटनीन ८.४, यूरिया ७०.७, सोडियम १३१.३ फास्फोरस ५.७, सीआरपी ४१.२ आया।

            फिर १५ दिनों की चिकित्सा के बाद जब १ नवम्बर २०२० को जाँच हुयी तो उस समय- क्रिटनीन २.९, यूरिया ५५.९, यूरिक एसिड ६.१, सोडियम १३४.० पोटेशियम ३.३, फास्फोरस ५.२, सीआरपी २२.५ आया।

            मेरी अम्मी को फिर डायलेसिस की जरूरत नहीं पड़ी। वह इस समय पूर्ण स्वस्थ हैं, उनकी पेशाब अच्छी हो रही है, भूख भी लगने लगी। नींद भी अच्छी आने लगी, श्वास फूलना बिल्कुल बन्द है, अपना काम स्वयं कर लेने लगी हैं, घूमने-फिरने लगी हैं।

            आज आयुष ग्राम ट्रस्ट से १ माह की दवायें लेने के बाद डिस्चार्ज किया जा रहा है।

            मैं सभी से कहना चहूँगी कि एलोपैथ में सिर्फ डायलेसिस व किडनी बदलवाने के अलावा कोई और विकल्प है ही नहीं। हमारी अम्मी के साथ भी यही सब होने जो रहा था, पर हम सब समय से चित्रकूट आ गये। मैं सर व पूरे स्टाफ को धन्यवाद देती हूँ।

हसीना बानो,

दिलावरपुर, दारानगर, कौशाम्बी (उ.प्र.)

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुसरण करते हैं ।
डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                  एम.डी.(आयु.) आ. 

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