एलोपैथ से किडनी खराब हुयी, अपंग हुये पति ठीक हुये आयुष ग्राम चित्रकूट से !


क्या ये सही नहीं है !!
किडनी और हृदय रोगों की चिकित्सा आयुष में बहुत ही उत्कृष्ट है, ऐसे रोगी जिनकी अंग्रेजी दवा खाते - खाते शरीर की जीवनीय शक्ति और व्याधिक्षमत्व शक्ति पूरी तरह से नष्ट हो जाती है ऐसे रोगियों को आयुष चिकित्सा बहुत ही परिणामोत्पादक, प्रभावशाली और जीवनदायिनी है, किन्तु लोगों में जागरूकता का आभाव है जन - जन को इसका प्रचार करना चाहिए। आज अंग्रेजी इलाज की स्थिति यह है कि पहले एक गोली से इलाज शुरू होता है धीरे-धीरे वह हार्टकिडनीलिवर का रोगी बन जाता है और फिरकभी भी बन्द न होने वाली दवाओं का सिलसिला चलने लगता है। जबकि आयुष चिकित्सा में दवायें धीरे-धीरे घटते-घटते बिल्कुल बन्द हो जाती हैं। ऐसे में आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि पीड़ित मानव का सही मार्गदर्शन करें और उन तक जानकारी पहुँचायें, ताकि ऐसे पीड़ित मानव का कल्याण हो सके और लोग अंग्रेजी दवाओं के जाल से बच सकें 

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५



Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)
श्री प्रकाशचन्द्र निगम साथ में पत्नी श्रीमती प्रभा निगम 


           
मेरा नाम प्रभा निगम है, मेरे पति श्री प्रकाशचन्द्र निगम (उम्र ७२), हम लोग स्वराज कॉलोनी, गली नम्बर-५, बाँदा (उ.प्र.) के रहने वाले हैं, मेरे पति सिचाई विभाग में प्रशासनिक अधिकारी थे और मेरे भाई सरकारी डॉक्टर हैं। मेरे पति को १० साल पहले पैरालायसिस अटैक आया, मैं तुरन्त कानपुर रिजेन्सी लेकर गयी, वहाँ पर डॉ. निर्मल पाण्डेय ने देखा, उन्होंने कहा कि ब्लड प्रेशर बहुत बढ़ा हुआ था, जिससे लकवा हो गया, १ साल तक उपचार हुआ, आराम मिल गया, लेकिन दवा चलते-चलते बीच में फिर से दूसरा अटैक पैरालायसिस का आया, उसी समय से लेफ्ट साइड अंग काम करना बन्द कर दिया, फिर हम रिजेन्सी कानपुर लेकर गये, वहाँ पर १ साल तक फिर उपचार चला, अभी ५-६ माह पहले अचानक पैर व कमर में बहुत दर्द होने लगा, घुटनों में सूजन व पैरों में सूजन आ गयी, लेफ्ट साइड के अंग बहुत कम काम कर पा रहे थे, हम लोग फिर कानपुर रिजेन्सी ले गये तो वहाँ पर डॉ. निर्भय कुमार जी ने देखा, सारी जाँचें करवाई गयीं, जाँच में कहा कि किडनी खराब हो गयी। हमने कहा कि यह कैसा है कि एक रोग की दवा चल रही है और दूसरा नया रोग बन गया। २८ जुलाई २०२० में जाँच करवाने पर क्रिटनीन २.५१, यूरिया ७९.१ एमजी/डीएल आया। डॉ. निर्भय जी का उपचार चल रहा था। लेकिन कुछ ज्यादा आराम नहीं हुआ।

            तभी मेरे भाई डॉ. दिनेश निगम जो सरकारी डॉक्टर हैं, उन्होंने आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चिकित्सालय, चित्रकूट का पता बताया। मैं १ नवम्बर २०२० को आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चिकित्सालय, चित्रकूट अपने बेटे व पति के साथ पहुँची, वहाँ पर रजिस्ट्रेशन करवाया गया फिर ओपीडी-२ में डॉ. वाजपेयी जी के पास बुलाया गया, उन्होंने देखा और भर्ती कर लिया।

➡️    जिस समय यहाँ पर मेरे पति आये थे उस समय बहुत समस्यायें थीं, बिल्कुल भूख नहीं लग रही थी, उठ-बैठ तक नहीं पा रहे थे, कमजोरी बहुत लग रही थी, बातें तो बिल्कुल नहीं करते थे, सुस्ती, आलस्य बना रहता था, दिनभर सोते ही रहते थे, पैरों में सूजन थी, लेफ्ट साइड के अंग काम नहीं कर रहे थे।

            आयुष ग्राम में १५ दिनों तक भर्ती रखकर पंचकर्म चिकित्सा व दवाइयाँ चलीं, १५ दिनों की चिकित्सा से ही मेरे पति को इतना आराम मिल गया जो कई सालों तक रीजेन्सी अस्पताल में अंग्रेजी दवा करने के बावजूद भी नहीं मिला। सबसे बड़ी बात थी कि अंग्रेजी दवा चलते-चलते शरीर गिरता जा रहा था, वह सुधरने लगा। उन्हें भूख खूब अच्छी लगने लगी, इन्हें हम व्हील चेयर में लाये थे वे अपने आप से चलकर पंचकर्म विभाग तक अपनी थैरेपी करवाने जाने लगे, सूजन बिल्कुल खत्म हो गयी, बातें भी खूब अच्छे से करने लगे, इस समय शरीर में स्फूर्ति सी आ गयी है।

            मैं सभी से यही कहना चाहूँगी कि जितना अच्छा उपचार आयुर्वेद में और आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूट में है वह और किसी पैथी में नहीं है, मेरा मानना है अगर शुरू में ही मेरे पति को आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूट का अच्छा उपचार मिल गया होता तो आज यह समय आता ही नहीं कि मेरे पति को व्हील चेयर में लाना पड़ता। १० साल से पैरालायसिस की अंग्रेजी दवायें खाते-खाते तो मेरे पति आज किडनी के रोगी बन गये,

       ||    चलने फिरने में लाचार हो चुके मेरे पति आयुष ग्राम चित्रकूट की चिकित्सा से अपने से चलने लगे हमें इससे बड़ी ख़ुशी और उपलब्धि और क्या चाहिए ||

श्री प्रकाशचन्द्र निगम पत्नी श्रीमती प्रभा निगम

स्वराज कॉलोनी, गली नम्बर-५, बाँदा (उ.प्र.)

७९८५८९३३०४

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुसरण करते हैं ।
डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                  एम.डी.(आयु.) आ. 

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