किडनी रोगी सुषमा बहुत घबराई हुयी थी : यहाँ क्या होगापर जब हुआ तो चमत्कार हो गया !!

 

क्या ये सही नहीं है !!
किडनी और हृदय रोगों की चिकित्सा आयुष में बहुत ही उत्कृष्ट है, ऐसे रोगी जिनकी अंग्रेजी दवा खाते - खाते शरीर की जीवनीय शक्ति और व्याधिक्षमत्व शक्ति पूरी तरह से नष्ट हो जाती है ऐसे रोगियों को आयुष चिकित्सा बहुत ही परिणामोत्पादक, प्रभावशाली और जीवनदायिनी है, किन्तु लोगों में जागरूकता का आभाव है जन - जन को इसका प्रचार करना चाहिए। आज अंग्रेजी इलाज की स्थिति यह है कि पहले एक गोली से इलाज शुरू होता है धीरे-धीरे वह हार्टकिडनीलिवर का रोगी बन जाता है और फिरकभी भी बन्द न होने वाली दवाओं का सिलसिला चलने लगता है। जबकि आयुष चिकित्सा में दवायें धीरे-धीरे घटते-घटते बिल्कुल बन्द हो जाती हैं। ऐसे में आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि पीड़ित मानव का सही मार्गदर्शन करें और उन तक जानकारी पहुँचायें, ताकि ऐसे पीड़ित मानव का कल्याण हो सके और लोग अंग्रेजी दवाओं के जाल से बच सकें 

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५
Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)


            मेरा नाम एस॰ से निगम, मेरी पत्नी सुषमा निगम, ६४ वर्ष, हम लोग सी -१९९७ मिनी एल॰ आई॰ जी॰ राजाजीपुरम् लखनऊ से है।

            इन्हें १५ वर्ष से बी॰पी॰ व सुगर की समस्या है, तभी से लखनऊ से डॉक्टर इन्हें एलोपैथिक दवायें व इन्सुलिन देने लगे थे। धीरे-धीरे डोज बढ़ाते गये इस प्रकार ये डॉक्टर इन्हें इन्सुलिन ४ बार देने लगे।

            नवम्बर २०१८ में अचानक दोनों पैरों में सूजन आ गयी, तब मैंने लखनऊ के अजंता हॉस्पिटल में  डॉक्टर दीपक दीवान जी को दिखाया, वहाँ पर सारी जाँचे हुई और ७ दिनों तक भर्ती रखा गया और जाँच में पता चला कि हैपेटाइटिस- सी की समस्या है। दीवान जी से ४-५ माह इलाज चला, किन्तु मार्च २०२० में फिर से सूजन आ गई और श्वास लने लगी, रात भर उल्टा सीधा बोलने लगी, याददाश्त कम होती जा रही थी।

फिर मैं एस॰पी॰जी॰आई॰ लखनऊ ले गया, वहाँ पर ८ दिनों तक भर्ती रखा गया और कोविड-१९ के कारण घर जाने के लिये बोल दिया गया।

फिर २० अगस्त को डॉक्टर देवाशीष शाह नेफ्रोलॉजिस्ट लखनऊ में दिखाया तो उन्होने सारी जाँचे दुबारा करवाई तो यूरिया २००, क्रिटनीन -९ एमजी/डीएल आया तो तुरन्त डायलेसिस के लिये बोल दिया गया और कई एलोपैथिक दवायें भी चलाई।

तभी मुझे मेरे ही मुहल्ले की एक महिला श्रीमती कृष्णा यादव (जो कई साल पहले अपना इलाज आयुष ग्राम चित्रकूट में करवाकर पूर्णत: स्वस्थ हुई हैं।) के द्वारा आपके यहाँ का पता चला।

मैं २१ अगस्त २०२० को अपनी पत्नी व बेटी सहित चित्रकूट पहुँचा। वहाँ पर मेरा रजिस्टे्रशन करवाया गया, फिर नम्बर आने पर ओ॰पी॰डी॰ नं॰ -२ में बुलाया गया। वहाँ डॉ॰ वाजपेयी सर ने सारी जाँचे देखीं और झोला भर चल रही एलोपैथिक दवायें देखीं, उन्होने कहा कि इतनी सारी दवायें देकर ही इनकी किडनी खराब की गई है। 

सर ने पहले दिन ही काफी दवायें हटा दीं और कुछ चलाई, सर ने सलाह दी कि ३ सप्ताह यहाँ रखकर चिकित्सा करनी होगी, जिससे डायलेसिस व इन्सुलिन से छुटकारा मिल जायेगा। ३ सप्ताह के लिये भर्ती करवा दिया।

जिस समय मैं लेकर आया था उस समय मेरी पत्नी बहुत घबराई थी कह रहीं थीं कि जब मैं १५ सालों से एलोपैथिक डॉक्टर कुछ नहीं कर पाये तो यहाँ क्या होगा।

            आज १० दिनों में ही काफी अच्छी रिपोर्ट्स आई और सारी समस्याओं से छुटकारा मिल गया बी॰पी॰ नार्मल रहने लगा, इन्सुलिन छूट गयी, भूख भी अच्छी लगने लगी, उल्टियां बन्द हो गयी, नींद भी ठीक आने लगी और जो झोला भर की एलोपैथिक दवायें चल रहीं थीं और दवाओं से ही पेट भरा रहता था, वह सारी बन्द करवा दी गयीं।

            मैं सर को व आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट के पूरे स्टॉफ को दिल से धन्यवाद देता हूँ और सभी से यही कहना चाहूँगा कि जितना अच्छा इलाज आयुर्वेद में है उतना अच्छा एलोपैथ में कहीं भी नहीं है।

 

एस॰के॰ निगम

सी- १००७ राजाजीपुरम्

लखनऊ (उ॰प्र॰)

 

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुसरण करते हैं ।
डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                  एम.डी.(आयु.) आ. 

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