४७ साल के त्रिपाठी जी को लिवर ट्रांसप्लाण्ट से बचाया : आयुष ग्राम चित्रकूट ने! सीरम बिल्र्युबिन ३२ से घटकर ४.८ पर !!


आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट के संस्थापक अध्यक्ष और सीनियर आयुर्वेद फिजीशियन डॉ. वाजपेयी जी कहते हैं कि आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट बिना सरकारी/गैरसरकारी सहायता के अपने स्वयं के संसाधनों के बलबूते पर इतने अच्छे परिणाम और स्वास्थ्य सेवायें प्रदान कर रहा है। सस्ता भोजनसस्ता बेड चार्जसस्ती दवायेंसस्ता नर्सिंग चार्ज। डॉ. वाजपेयी आगे यह भी कहते हैं कि यदि सरकार हमें उचित संसाधनप्रोत्साहनआश्रय और व्यवस्था उपलब्ध कराये तो देश के अनगिनत हार्ट रोगियों को बाईपास सर्जरी/स्टेंट से तथा गुर्दे के रोगियों को डायलेसिस से बचाया जा सकता है और उन्हें आरोग्य के मुकाम में खड़ा किया जा सकता है।’’

आयुष के ऐसे हैं प्रभाव!!

हम यह नहीं कहते कि हम किडनीहार्ट या रीढ़ (स्पॉण्डिलाइटिस)चर्म रोगियों को शत प्रतिशत स्वस्थ कर देते हैं पर यह तो अवश्य कह सकते हैं कि हम इन रोगों में अंग्रेजी चिकित्सा से अच्छे और औसत से अधिक अच्छे परिणाम देते हैं। बस! रोगी इतना देर करके न आये। आज अंग्रेजी इलाज की स्थिति यह है कि पहले एक गोली से इलाज शुरू होता है धीरे-धीरे वह हार्टकिडनीलिवर का रोगी बन जाता है और फिरकभी भी बन्द न होने वाली दवाओं का सिलसिला चलने लगता है। जबकि आयुष चिकित्सा में दवायें धीरे-धीरे घटते-घटते बिल्कुल बन्द हो जाती हैं। एक नहींसैकड़ों हार्ट रोगीसैकड़ों किडनी रोगी इसके प्रमाण हैं जिनका डाक्यूमेंट्री रिकॉर्ड आयुष ग्राम चित्रकूट में रखा जाता है। ऐसे में आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि पीड़ित मानव का सही मार्गदर्शन करें और उन तक जानकारी पहुँचायेंशायद वे भी समय से आयुष चिकित्सा में पहुँचकर आपके मार्गदर्शन से इनकी तरह जीवन लाभ पा सकें।

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५
Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)
 

            मेरे पति श्री शशिकान्त त्रिपाठी (उम्र ४७) शुगर फैक्ट्री में प्राइवेट जॉब करते थे, कभी कोई दारू, नशा नहीं। इन्हें अप्रैल माह में पेट में गाँठ जैसी लगती थी, उसका इलाज सीतापुर में १५ दिन एलोपैथिक चला, लेकिन कोई आराम नहीं मिला, तो हम लोगों ने डॉक्टर बदल दिया लेकिन कोई आराम नहीं मिला।

            उसी समय मेरे पति ने अपने आप से पूरी जाँच करवाई तो उसमें जॉण्डिस की समस्या का पता चला। जॉण्डिस इतना बढ़ा था कि उनका पूरा शरीर पीला पड़ गया था, आँखें बिल्कुल पीली थीं, पेशाब भी कम होने लगी, हम लोग घबराकर विवेकानन्द पॉली क्लीनिक एण्ड मेडिकल संस्थान, लखनऊ ले गये। वहाँ फिर से पूरी जाँचें हुयीं, वहाँ पर बिल्र्युबिन २८ फिर ३२ आया, उन्होंने १४ दिनों तक भर्ती रखा, खूब दवायें चलायीं, लेकिन रिपोर्ट्स में बिल्र्युबिन बढ़ता ही जा रहा था। उन्होंने कहा कि आप या तो लीवर ट्रांसप्लाण्ट करवाइये या फिर घर पर रखिये उन्होंने ६ रिंग भी डाले।

            हमने लीवर ट्रांसप्लाण्ट के लिए मना कर दिया और दूसरी जगह दिखाने की सोची। तभी उसी समय मेरे चाचा  ससुर जी जो आयुष ग्राम ट्रस्ट चिकित्सालय, चित्रकूट में भर्ती रहकर अपना इलाज करवा रहे थे के द्वारा यहाँ का पता चला। ये मेरे सुसुर जी को पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विनोद त्रिपाठी जी ने भेजा।

            मैं आखिरी आशा के साथ अपने पति को १५ जुलाई २०२० को लेकर आयुष ग्राम ट्रस्ट चिकित्सालय, चित्रकूट पहुँची, रजिस्ट्रेशन हुआ, फिर नम्बर आने पर ओपीडी-२ में डॉ. वाजपेयी के पास बुलाया गया। उन्होंने सारी समस्यायें पूछीं और अपने ढंग से परीक्षण किया और कुछ जाँचें भी करवायीं, जाँच में बिल्र्युबिन ३२.० एमजी/डीएल आया। उन्होंने कहा कि उम्मीद तो कम है पर मैं कोशिश करता हूँ और ७ दिन भर्ती रखें। अगर अंतर आने लगेगा तो यह बिल्कुल ठीक हो सकते हैं।

            हम तो बहुत घबरा घबराये थे ही, यहाँ चिकित्सा शुरू हुयीं, मल जो ४ दिन से बिल्कुल नहीं आ रहा था, वह यहाँ पर दूसरे दिन से ही ठीक हो गया, जबकि विवेकन्द लखनऊ में मल ही नहीं ला पा रहे थे, आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट की २ दिन की चिकित्सा के बाद जाँच करवाई तो सरीम बिल्र्युबिन ३२ से घटकर २९.३ एमजी/डीएल आया, सब खुश हो गये। अब १ हफ्ते में जाँच करवाई जाने लगी, हर जाँच में धीरे-धीरे कम आने लगा।

            एक दिन मेरे पति को खून की उल्टी हुयीं फिर शौच से भी खून आया जो घोर इमरजेन्सी थी पर यहाँ के डॉ. वाजपेयी जी में आयुर्वेद से ही इमरजेन्सी की व्यवस्था करने की अनोखी क्षमता देखी। वे बिना घबराये सब ठीक किया। आगे की चिकित्सा फिर शुरू हुयी। बड़ी तेजी से सुधार शुरू हो गया। यहाँ का नर्सिंग स्टॉफ बहुत ही मेहनती है और यहीं के प्रशिक्षण केन्द्र से प्रशिक्षित नर्सें बहुत ही सहयोग करती हैं। मैंने तो इतना अच्छा स्टॉफ किसी हॉस्पिटल में नहीं देखा। यह हॉस्पिटल नहीं मंदिर जैसा है।

            आज डेढ़ माह बाद डिस्चार्ज किया जा रहा है और अब बिल्र्युबिन ४.८ एमजी/डीएल हो गया।

            वे दिन याद करके हमारे आँसू आ जाते हैं जब विवेकानन्द हॉस्पिटल लखनऊ जैसे बड़े हॉस्पिटल से वापस कर दिया गया था, मेरे पति कोमैंने देखा कि किसी मरणासन्न अवस्था वाले व्यक्ति को उठाकर चला सके वह क्षमता यहाँ आयुष ग्राम चित्रकूट में है।

            जिस समय मैं अपनी पति को लेकर यहाँ आयी थी उस समय मेरे पति इतने घबराये थे कि मैं अब नहीं बचूँगा और हम लोग बिल्कुल मरणासन्न अवस्था में सर के पास लेकर आये थे, उस समय यूरिन में समस्या हो रही थी, ४ दिनों से मल नहीं हुआ था, कमजोरी तो इतनी हो गयी थी कि अपना नित्यकर्म भी नहीं कर पा रहे थे, पूरा शरीर पीला पड़ गया था, बीच में यहाँ भी समस्यायें आयीं लेकिन उन्होंने बिल्कुल हार नहीं मानी। अपना नित्यकर्म कर लेते हैं, सभी अंग्रेजी दवायें भी बन्द हैं, भूख भी अच्छी लगने लगी, अपने आप से चल भी लेते हैं।

            मेरे लिए तो डॉक्टर वाजपेयी जी और यह हॉस्पिटल भगवान् हो गया, नहीं तो कोई नहीं कहता कि विवेकानन्द जैसे बड़े हॉस्पिटल से जवाब होने के बाद कहीं भी ठीक हो सवेंâगे, लेकिन आज मेरे पति मेरे सामने हैं और बहुत स्वस्थ हैं इसके लिए मैं डॉ. वाजपेयी जी व पूरे स्टाफ को जितना धन्यवाद दूँ वह कम है। अंत में एक बात कहती हूँ कि बहुत से रोगी जो आयुष ग्राम चित्रकूट जैसा विकल्प नहीं ढूँढ पाते वे अंग्रेजी दवा कराते-कराते हाथ से बेहाथ हो जाते हैं। अतः अब हमें समझना चाहिए कि हमारे देश में आयुष चिकित्सा भी है उससे जीवन जियें।

श्रीमती अमृता त्रिपाठी पत्नी शशिकान्त त्रिपाठी शिक्षिका,

शुगर फैक्टी बिसवां, सीतापुर (उ.प्र.)


डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुसरण करते हैं ।
डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                  एम.डी.(आयु.) आ. 

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