आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट से डॉ. प्रकाशचन्द्र शर्मा का वजन 10 दिन में 102.8 से 96.6 हुआ : उन्हीं की जुबानी !!


आयुष के ऐसे हैं प्रभाव!!
हम यह नहीं कहते कि हम किडनीहार्ट या रीढ़ (स्पॉण्डिलाइटिस)चर्म रोगियों को शत प्रतिशत स्वस्थ कर देते हैं पर यह तो अवश्य कह सकते हैं कि हम इन रोगों में अंग्रेजी चिकित्सा से अच्छे और औसत से अधिक अच्छे परिणाम देते हैं। बस! रोगी इतना देर करके न आये। आज अंग्रेजी इलाज की स्थिति यह है कि पहले एक गोली से इलाज शुरू होता है धीरे-धीरे वह हार्टकिडनीलिवर का रोगी बन जाता है और फिरकभी भी बन्द न होने वाली दवाओं का सिलसिला चलने लगता है। जबकि आयुष चिकित्सा में दवायें धीरे-धीरे घटते-घटते बिल्कुल बन्द हो जाती हैं। एक नहींसैकड़ों हार्ट रोगीसैकड़ों किडनी रोगी इसके प्रमाण हैं जिनका डाक्यूमेंट्री रिकॉर्ड आयुष ग्राम चित्रकूट में रखा जाता है। ऐसे में आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि पीड़ित मानव का सही मार्गदर्शन करें और उन तक जानकारी पहुँचायेंशायद वे भी समय से आयुष चिकित्सा में पहुँचकर आपके मार्गदर्शन से इनकी तरह जीवन लाभ पा सकें।

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५
Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)
श्री प्रकाशचन्द्र शर्मा (M.B.B.S.) साथ में पत्नी श्रीमती मन्दाकिनी शर्मा 


               
मैं डॉ. प्रकाश चन्द्र शर्मा, (उम्र ५४), मेरी पत्नी श्रीमती मंदाकिनी शर्मा (उम्र ५०), हम लोग झालावाड़ (राजस्थान) रहने वाले हैं। मुझे ८ साल से मानिसक तनाव रहने लगा, नींद न आना, पेट साफ न होना और २ साल से मेरा वजन बढ़ता चला गया, मैंने अपनी अंग्रेजी दवायें चलायीं, जब तक दवायें खाता तब तक आराम रहता जैसे ही दवायें बन्द करता वैसे ही समस्यायें हाने लगतीं थीं। मेरा वजन धीरे-धीरे १०२.८ किलो ग्राम हो गया। अब मेरी श्वास फूलने लगती थी, खर्राटे आते, चलने में समस्या होने लगती थी और मेरी पत्नी को भी १३-१४ साल से हाई ब्लडप्रेशर हो गया वह तभी से दवा भी लेने लगी थीं। मानसिक तनाव, याददाश्त कम होती जा रही थी, घुटनों में दर्द बहुत रहता था, मोड़कर बिल्कुल बैठ नहीं पाती थीं, १२ साल पहले माहवारी की समस्या होने के कारण मैंने अपनी पत्नी की अल्ट्रासाउण्ड जाँच करवायी, जाँच में ३ स्टोन किडनी में निकली, मैंने उसकी भी अंग्रेजी दवायें चलायीं, २ स्टोन तो निकल गये लेकिन १ स्टोन १० एमएम का अभी है। सर्वाइकल दर्द भी रहता था, यूरिन बिस्तर में ही कभी-कभी हो जाती थी यह ४ साल से समस्या थी, मल त्याग के लिए बार-बार जाना, वजन बढ़ रहा था, पैरों में सूजन भी आने लगी थी, शिर:शूल होते रहना ये बहुत सी समस्यायें हो रही थीं।




            मैंने बहुत सी अंग्रेजी दवाइयाँ चलायीं परन्तु कुछ ज्यादा आराम नहीं मिल पा रहा था। मैं एलोपैथ का डॉक्टर होने के बावजूद भी मुझे आयुर्वेद चिकित्सा पर बहुत विश्वास था पर किसी अच्छे सेण्टर की तलाश में था, तभी मुझे मेरे क्लीनिक में काम कर रहे एक लड़के के द्वारा आयुष ग्राम (ट्रस्ट) के चिकित्सालय, चित्रकूट का पता चला। मैंने नेट में और अच्छे से पता किया और मैंने एक किडनी रोगी को आयुष ग्राम चिकित्सालय, चित्रकूट भेजा मैंने उसे बताया कि एलोपैथ में हमारे पास सिर्फ दो विकल्प हैं या तो डायलेसिस करवाओं या फिर ट्रान्सप्लाण्ट। इन दोनों से बचने के लिए मैंने आयुर्वेद चिकित्सा व पंचकर्म थैरेपी का सहारा लेने की सलाह दी और आयुष ग्राम चित्रकूट भेजा।
            मेरी उस मरीज सुनील कुमार जैन से फोन पर बात होती रहती थी, उसे काफी आराम है। फिर मुझे भी अपनी आयुर्वेद चिकित्सा व पंचकर्म चिकित्सा करवाने की जिज्ञासा हुयी। मैं पत्नी सहित १९ जुलाई २०२० को आयुष ग्राम चिकित्सालय, चित्रकूट पहुँचा, हम दोनों का रजिस्ट्रेशन करवाया गया और ओपीडी-२ गये। वहाँ पर डॉ. वाजपेयी जी ने देखा, मैंने उन्हें अपनी और अपनी पत्नी दोनों की समस्यायें बतायी और पंचकर्म करवाने की अपनी जिज्ञासा बतायी तो उन्होंने हम दोनों को १० दिन भर्ती रखा और पूर्ण शास्त्रीय विधि से हम लोगों का पंचकर्म हुआ, १० दिनों में मुझे बहुत आराम हुआ, हमारे खर्राटे दूर हो गये, मेरा पेट समय से साफ होने लगा, तनाव दूर हो गया और मेरा वजन १० दिनों के पंचकर्म से १०२.८ किलो ग्राम से घटकर ९६.६ किलो ग्राम आ गया और मेरी पत्नी को सभी समस्याओं में ८०% आराम हो गया। जो मेरी अंग्रेजी दवायें ब्लडप्रेशर व तनाव की १३-१४ साल से चल खा रहीं थीं फिर भी कम नहीं हो पा रही थीं वहीं यहाँ पहले दिन से ही सारी अंग्रेजी दवायें बन्द हो गयीं, घुटनों का दर्द सही हो गया, मोड़कर बैठने लगीं, यूरिन व मल भी ठीक हो गया, सिर के दर्द में पूर्ण आराम हो गया और मेरी पत्नी का भी वजन २.५ किलो ग्राम कम हो गया १० दिनों में।
            मैं और मेरा पूरा परिवार और मेरी पत्नी बहुत खुश हैं। हम लोग जितना नहीं सोच रहे थे उससे भी ज्यादा आराम मिला, आज मुझे अपनी पैथी से ज्यादा इस आयुर्वेद चिकित्सा में विश्वास हो गया है। आज हम दोनों कुछ दवायें लेकर घर जा रहे हैं और मैं फिर से पंचकर्म के लिए जरूर आऊँगा। मुझे यहाँ पर हॉस्पिटल जैसा लगा ही नहीं, पूरा आश्रम जैसा लगा, मंदिर जैसा लगा, यहाँ पर पूरा कोरोना के कारण सेनेटाइजेशन व सामाजिक दूरी व मास्क का विशेष ध्यान रखा जाता है। मैं डॉक्टर वाजपेयी व पूरे स्टॉफ को दिल से धन्यवाद देता हूँ। 
डॉ. प्रकाशचन्द्र शर्मा
श्रीमती मंदाकिनी शर्मा
२२८, चन्द्र श्रीराम नगर, भवानी मंडी, झालवाड (राजस्थान) ३२६५०२


आयुष ग्राम चिकित्सालय चित्रकूट आना मेरे लिये नवजीवन समान है। १० दिनों में मानसिक एवं शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ हुआ। डॉ. वाजपेयी जी से अत्यन्त प्रभावित हुआइनके मार्गदर्शन जीवन पर्यन्त अनुकरणीय हैं। वर्ष में एक बार पंचकर्म अवश्य करवाना चाहिये। यहाँ आयुष ग्राम चिकित्सालय आकर नया जीवन प्राप्त हुआ। निकट भविष्य में यहाँ आता रहूँगा। मैं डॉ. वाजपेयी जी का चरण वन्दन करता हूँ। अन्त में यह कहना चाहूँगा कि यह चिकित्सालय जैसा नहीं मंदिर का अनुभव होता है। यहाँ का स्टॉफ व व्यवस्थायें प्रशंसनीय हैं।
डॉ. प्रकाशचन्द्र शर्मा, (एम.बी.बी.एस.)
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुसरण करते हैं ।
डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य



डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 

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