अंग्रेजी डॉक्टरों द्वारा सम्भावित कैंसर में ७ दिन में आयुष का प्रभाव !!

रोगिणी का नाम- रामदेवी
उम्र - ६८ साल
उन्नाव (उ.प्र.)

✔️.  इनके पति की किडनी फेल्योर का इलाज आयुष ग्राम चिकित्सालय, चित्रकूट से   चल रहा है, डॉ. अर्चना वाजपेयी, एम.डी. (आयु. कायचिकित्सा) उन्हें देख रहीं थीं।

✔️. रामदेवी को ५ अप्रैल २०२० को अचानक पेट में गैस की समस्या होने लगी धीरे-धीरे    पूरे शरीर में पीला पड़ने लगा, लखनऊ अजन्ता हॉस्पिटल ले जाया गया वहाँ सोनोग्राफी व ब्लड जाँचें हुयीं। ४ दिन भर्ती रखा गया। रिपोर्ट संलग्न है।

✔️. जाँच में- Grade I Fatty Lever व १९.०४.२०२० में ब्लड जाँच में बिलर्यूबिन १३.८०, एसजीपीटी १७८, एसजीओटी ३४६, एएलपी १६९ यू/एल आया। एमआरआई करके डॉक्टर ने कैंसर होने की सम्भावना बतायी।

✔️.  जी मिचलाना, कमजोरी, बिल्कुल ऑन बेड, खाना-पीना बन्द, शारीरिक दर्द, योनिशूल, सीने में जलन, पेट में पानी।

✔️.  रोगिणी को २२.०४.२०२० को आयुष ग्राम चिकित्सालय चित्रकूट लाया गया, रजिस्ट्रेशन नम्बर- १२/५६ ओपीडी हुआ, उन्हें आयुष ग्राम के डॉक्टर और नर्सें रोगी के एम्बुलेंस पर ही देखने गये।

✔️.  इन्हें कुछ दिन के लिए Observation (अवलोकन) हेतु आयुष ग्राम चिकित्सालय में भर्ती किया गया। पथ्य में केवल दशमूल शाधित गोदुग्ध और औषधि में- महालक्ष्मी विलास रस स्वर्ण, त्रैलोक्य चिन्तामणि रस, हीरक भस्म, स्वर्णभूपति रस, आरोग्यवद्र्धिनी आदि दी गयी, कुछ पंचकर्म थैरेपी दी गयी, नर्स और डॉक्टर्स ने पूरी तरह से Observation किया। २६.०४.२०२० को जाँच की गयी तो बिलर्यूबिन १३.८ से घटकर ८.९, एसजीओटी ७८.९, एसजीपीटी ८२.६ व सीआरपी ४०.२ आया। रोगिणी के परिवारीजनों की आँखों में चमक आ गयी, आयुष ग्राम के डॉक्टर भी खुश हुये।

✔️. सिर्फ ४ दिन की चिकित्सा का यह परिणाम आया फिर दिनांक २९.०४.२०२० को जाँच करायी तो बिलर्यूबिन और घटकर ६.६, एसजीओटी ७८.६, एसजीपीटी ८०.४ व एएलपी ११६.५ आ गया।


 इतनी तेजी से काम करता है आयुर्वेद। बस! निदान सही होडॉक्टर सुयोग्य और रोगी समय से आ जायें।
           


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