मेरे बेटे के झटके मिटे : नया जीवन मिला! अंग्रेजी दवा हुयी थी नाकाम!!


Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)
कु. साहिब साथ में उसके पिता बल्ला 

                मैं कपड़े का व्यापारी हूँ मेरा बेटा साहिबयह पैदा ही ऑपरेशन से हुआ। यह मेरा बच्चा साहिबडेढ़ साल की उम्र तक तो बिल्कुल स्वस्थ था, लेकिन डेढ़ साल बाद इसे बुखार आने लगा, उसका पूरा शरीर गरम रहता था। एक दिन इसे अचानक झटके आने लगे उसका पूरा शरीर ठण्डा पड़ गया और अकड़ सा गया, मैं बहुत घबरा गया और उसे लेकर मुजफ्फरनगर के डॉ. गिरीश जी को दिखाया, उन्होंने कहा कि आप बच्चे के सिर पर ठण्डी पट्टियाँ रखिये, पूरे शरीर को ठण्डे पानी से पोछिये, आपके बच्चे को दौरे आते हैं, हमने डॉ. गिरीश जी से ३ साल तक इलाज करवाया लेकिन ज्यादा कुछ आराम न होने पर मैं अपने बच्चे को मेरठ के डॉ. विनोद अरोड़ा के पास ले गया, उन्होंने ६-७ माह तक इलाज किया, लेकिन आराम बिल्कुल नहीं मिला, पहले झटके ४-५ मिनट के लिए १ माह के अन्तर में आते थे और डॉ. विनोद के यहाँ दिखाने के बाद से झटके तो ५-६ मिनट के लिए आने लगे और कभी-कभी १५ दिन में कभी एक माह में आने लगे। इस तरह मेरा बच्च ७ साल का हो गया।

            मैं बहुत परेशान हो गया कि अब कहाँ दिखाया जाये, तभी मुझे मेरे यहाँ के डॉ. जोगेन्दर के द्वारा आयुष ग्राम (ट्रस्ट) के चिकित्सालय आयुष ग्राम चिकित्सालय, चित्रकूट के बारे में पता चला।
            मैं २६ दिसम्बर २०१८ को चित्रकूट पहुँचा, रजिस्ट्रेशन करवाया भीड़ काफी थी फिर मेरा नम्बर आने पर मुझे मेरे बेटे के साथ ओपीडी-२ में डॉ. वाजपेयी जी के पास बुलाया गया। उन्होंने मेरे बच्चे को देखा और कहा आप बिल्कुल परेशान न हों मैं आपके बच्चे को १०१ % ठीक करूँगा, चिकित्सा लगभग २ साल तक करनी होगी। उनकी बात सुनकर मुझे बहुत खुशी हुयी और मैंने सोच लिया कि मेरा बेटा यहीं से ठीक हो जायेगा।
            उन्होंने १० के लिए भर्ती रहने की सलाह दी, हम पहली बार १० दिन भर्ती हुये। रोज डॉ. वाजपेयी, डॉ. अर्चना वाजपेयी, एम.डी. (काय चिकित्सा), नर्सें राउण्ड में आते फिर उपचार लिखते फिर पंचकर्म थियेटर में उपचार दिया जाता, परहेजी भोजन भी यहीं से मिलता। इन १० दिनों में काफी आराम हुआ। अंग्रेजी दवाओं का डोज कम कर दिया गया। १० दिन बाद १ माह की दवायें देकर डिस्चार्ज कर दिया और फिर दूसरी बार १० दिन फिर से भर्ती रखा गया। मैंने ऐसा ही किया और फिर दवायें चलती रहीं। आज मुझे १३ माह हो गये हैं और इस समय मेरे बच्चे को १०० % आराम है।
            जब मैं पहली बार आयुष ग्राम चित्रकूट आया था तब मेरे बच्चे को झटके आ रहे थे और चलने में गिर पड़ता था, बोलने में हकलाता था, ठीक से विकास भी नहीं हो रहा था, बुखार तो बना ही रहता था, कुछ भी ठीक से खाता नहीं था।
            आज सिर्फ १३ माह की दवाओं से मेरे बच्चे के झटके पूर्णत: ठीक हैं, अब वह अच्छे से चल लेता है, खाता-पीता है और अब सही से बोल भी लेता है, बुखार तो १० दिन के ही इलाज से दुबारा अभी तक नहीं आया। मेरे और मेरे परिवार के लिए इससे बड़ी और क्या खुशी हो सकती है। जबकि अंग्रेजी डॉक्टर कह रहे थे कि जीवन भर दवा खानी पड़ेगी। सबसे बड़ी समस्या यह थी कि अंग्रेजी दवा खाते-खाते बेटा बिल्कुल बेजान होता जा रहा था, उनका शारीरिक और मानसिक विकास रुक गया था ऐसा हो गया था जैसा कि कोई नशेड़ी बच्चा हो। मैं सबसे यही अर्ज करता हूँ कि किसी के बच्चे को ऐसी बीमारी हो तो अंग्रेजी दवा में समय न गवायें मेरी तरह आयुष चिकित्सा का लाभ उठायें।
बल्ला
स्थान- पलड़ा, (बुढ़ाना), जिला- मुजफ्फरनगर (उ.प्र.)

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुशरण करते हैं ।
डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।

सरकार आयुष को बढ़ाये मानव का जीवन बचाये!!
     सरकार को फिर से भारत में अंग्रेजी अस्पताल और अंग्रेजी मेडिकल कॉलेजों की जगह अच्छे और समृद्ध आयुष संस्थान खोलने चाहिए तथा उनसे पूरी क्षमता से कार्य लेना चाहिए। इससे भारत का मानव हार्ट के ऑपरेशनछेड़छाड़ स्टेंट और डायलिसिस जैसी स्थितियों से बचकर और हार्ट को स्वस्थ रख सकेगा। क्योंकि हार्ट के रोगी पहले भी होते थे आज भी होते हैं और आगे भी होते रहेंगे। जिनका सर्वोच्च समाधान आयुष में है। आयुष ग्राम चित्रकूट एक ऐसा आयुष संस्थान है जहाँ ऐसे-ऐसे रस-रसायनों/ औषध कल्पों का निर्माण और संयोजन करके रखा गया है जो जीवनदान देते हैं। पंचकर्म की व्यवस्था एम.डी. डॉक्टरों के निर्देशन में हो रही हैपेयाविलेपीयवागू आदि आहार कल्पों की भी पूरी उपलब्धता है इसलिये यहाँ के ऐसे चमत्कारिक परिणाम आते हैं।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य



डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 


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