७ दिन में मेरी बेटी ठीक हुयी उल्टी की बीमारी से !!


आयुष के ऐसे हैं प्रभाव!!
आयुर्वेद उपचार से लाखों बच्चों को बचाया जा सकता है इन्हेलर और दमा से आयुर्वेद का मतलब महान् समृद्धवैज्ञानिक और समूल रोगहारी चिकित्सा और स्वास्थ्य विज्ञान का आश्रय है।  ‘‘आज भारत के १० प्रतिशत शहरी बच्चे और किशोर दमा से ग्रस्त हैं और अंग्रेजी डॉक्टरों के पास कोई इसका समाधान नहीं। इन बच्चों और किशोरों की रोगप्रतिरोधक क्षमता घट रही है बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास नहीं हो पा रहाफेंफड़े कमजोर हो रहे हैं।’’ किन्तु भारत का दुर्भाग्य है कि मानव आयुर्वेद का लाभ नहीं उठा पा रहा। पर अब समय आ गया है कि मानवता की सेवा हेतु सभी आगे आयें आयुर्वेद की ओर सभी को प्रेरित करें। इस प्रकार दमाश्वासइन्हेलर के चंगुल में फँसे प्रतिवर्ष हजारों बच्चों और किशोर-किशोरियों को ‘आयुष ग्राम’ चित्रकूट मुक्त कर पा रहा है।

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५
Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)
 
कु. प्रीती

         मेरी बेटी कु. प्रीती उम्र ११ साल, ५वीं कक्षा की छात्रा है। मेरी बेटी को १ माह पहले एक दिन अचानक पेट में बहुत तेज दर्द उठा, कुछ भी खाने यहाँ तक कि पानी तक पीने में उल्टी हो जाती थी, मैं घबराकर उसे कानपुर के विमला नर्सिंग होम ले गया, वहाँ पर डॉक्टर ने कई जाँचें यूएसजी, सीटी स्केन, एक्स-रे व कुछ ब्लड की जाँचें करवायीं। जाँच आने के बाद डॉक्टर ने बताया कि सभी रिपोर्ट्स नार्मल, सिर्फ लीवर की समस्या है। कानपुर में मेरी बेटी को ७ दिन भर्ती रखकर बोतलें, इंजेक्शन व अंग्रेजी दवायें चलायीं लेकिन कुछ ज्यादा आराम न मिलने पर मैं वहाँ से घर आ गया। घर में कुछ दिन ठीक रहने के बाद उसे अन्य समस्यायें होने लगीं। उसे कुछ भी खाने से उल्टी होने लगी, थकावट, आलस्य, नींद न आना, घबराहट, बेचैनी, उलझन होने लगी, दिन पर दिन कमजोर होती जा रही थी।
            मैं बहुत घबरा गया और परेशान होकर मैं उसे तुरन्त बिन्दकी के एक डॉक्टर को दिखाया। उन्होंने तुरन्त कुछ अंग्रेजी दवायें दीं और इंजेक्शन लगाये लेकिन कोई आराम नहीं मिला।
            तभी मुझे चित्रकूटधाम में स्थित आयुष ग्राम ट्रस्ट के चिकित्सालय आयुष ग्राम चिकित्सालय, चित्रकूट का ध्यान आया, क्योंकि मैंने आयुष ग्राम चिकित्सालय की मातृ संस्था जो पनगरा दिव्य चिकित्सा भवन बाँदा (उ.प्र.) में है। सन् २०१३ में अपने खुद का सोरायसिस रोग का इलाज करवाकर सिर्फ २९ दिनों में पूर्ण स्वस्थ हो चुका हूँ। इसलिए मुझे पूर्ण विश्वास था कि मेरी बेटी भी वहीं से स्वस्थ होगी। मैं अपनी बेटी को दूसरे दिन ही ८ अप्रैल २०२० को चित्रकूट के आयुष ग्राम चिकित्सालय पहुँचा, मैंने रजिस्ट्रेशन करवाया, फिर मेरी बेटी का नम्बर आने ओपीडी-२ में डॉ. वाजपेयी जी के पास बुलाया गया, उन्हें मैंने अपनी बेटी की सारी समस्यायें बताई। उन्होंने मुझे समझाते हुए कहा कि आप बिल्कुल परेशान न होइये आपकी बेटी पूरी ठीक हो जायेगी इसे कोई गंभीर बीमारी नहीं है केवल पक्वाशयगत वात प्रकोप (Pelvic gastric outbreak) है और उन्होंने कहा ७ दिन यहाँ रखिए यह १०० % ठीक हो जायेगी। ४८ घण्टे बाद कोई उल्टी नहीं होगी और भूख तो इतनी लगेगी कि चिल्लायेगी। मैंने ऐसा ही किया और भर्ती रहकर पंचकर्म थैरेपी स्नेहन, स्वेदन, अभ्यंग, बस्ति आदि हुयी और दवायें चलीं, रोज पंचकर्म विभाग के डॉक्टर शुक्ला और डॉ. परमानन्द वाजपेयी आते देखते उपचार लिखते फिर उपचारक उपचार देते परहेजी खाना भी यहीं से मिलता।

            आज मुझे ७ दिन हो गये हैं अब सिर्फ ७ दिनों में मेरी बेटी १०० % ठीक हो गयी है। अब वह जो १ माह से कुछ खा-पी नहीं पा रही थी वह अब भर पेट भोजन कर रही है, अब उसे उलझन, बेचैनी, थकावट, आलस्य से पूर्ण आराम है, उसे नींद भी खूब अच्छी आती है, अब वह अपने अन्दर से ७ दिन के बाद एक नई स्फूर्ति का अनुभव कर रही है।
            मुझे दु:ख है कि मैं नर्सिंग होमों में जितना खर्च जाँचों में किया उतने में बेटी पूरी ठीक हो गयी। मेरे लिए और मेरे परिवार के लिए कितनी खुशी की बात है। आज मैं घर जा रहा हूँ और अपनी बात सब तक पहुँचा रहा हूँ। 
           
अरविन्द कुशवाहा
निवासी- हरदासपुर (बकेवर),
फतेहपुर (उ.प्र.)



डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुशरण करते हैं ।
डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।

सरकार आयुष को बढ़ाये मानव का जीवन बचाये!!
     सरकार को फिर से भारत में अंग्रेजी अस्पताल और अंग्रेजी मेडिकल कॉलेजों की जगह अच्छे और समृद्ध आयुष संस्थान खोलने चाहिए तथा उनसे पूरी क्षमता से कार्य लेना चाहिए। इससे भारत का मानव हार्ट के ऑपरेशनछेड़छाड़ स्टेंट और डायलिसिस जैसी स्थितियों से बचकर और हार्ट को स्वस्थ रख सकेगा। क्योंकि हार्ट के रोगी पहले भी होते थे आज भी होते हैं और आगे भी होते रहेंगे। जिनका सर्वोच्च समाधान आयुष में है। आयुष ग्राम चित्रकूट एक ऐसा आयुष संस्थान है जहाँ ऐसे-ऐसे रस-रसायनों/ औषध कल्पों का निर्माण और संयोजन करके रखा गया है जो जीवनदान देते हैं। पंचकर्म की व्यवस्था एम.डी. डॉक्टरों के निर्देशन में हो रही हैपेयाविलेपीयवागू आदि आहार कल्पों की भी पूरी उपलब्धता है इसलिये यहाँ के ऐसे चमत्कारिक परिणाम आते हैं।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य



डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 


Post a Comment

0 Comments