बच्चेदानी के ऑपरेशन से बची, भयंकर दर्द मिटा : आयुष ग्राम से !!

श्रीमती गुलफ्शा सिद्दीकी शेख साथ में उनके पति श्री कलाममुल्ला शेख 

                मेरी २७ साल की उम्र ४ साल पहले मासिक धर्म के दौरान बहुत दर्द होता था, ऐसे ही पेन किलर लेकर दवायें खाती रही लेकिन कुछ ज्यादा आराम न मिलने पर मुझे बनारस के डॉ. जकिया अंसारी को दिखाया, उन्होंने कोई जाँच नहीं करवाई बस, ऐसे ही पेन किलर व इंजेक्शन देते रहते थे। डॉ. अंसारी का १ साल तक इलाज चला लेकिन कुछ ज्यादा आराम न मिलने पर मैंने बनारस के एक सरकारी हॉस्पिटल में दिखाया, वहाँ पर ६-७ माह तक इलाज चला, उन्होंने भी पेन किलर दवा व इंजेक्शन लगाते रहे, जब तक दवाओं का असर रहता तब तक ठीक रहता था और उन्होंने कहा कि शादी हो जाने के बाद सब सही हो जायेगा। अब मैंने बनारस की डॉ. दीपाली गुप्ता जी को दिखाया उन्होंने अल्ट्रासाउण्ड की जाँच करवाई, जाँच आने के बाद उन्होंने बताया कि मेरे ओवेरियनसिस्ट है, इसलिए इतना असहनीय दर्द होता है, मैंने डॉ. दीपाली गुप्ता का २ साल इलाज लिया, २ साल इलाज करवाने के बाद भी पेन किलर व इंजेक्शन लगने के बाद भी जब दर्द ठीक नहीं हुआ तो उन्होंने ऑपरेशन करवाने की सलाह दी। मैंने उनके कहने पर ऑपरेशन भी करवा लिया। ऑपरेशन करवाने के ४ माह बाद तक तो ठीक रहा, मेरी शादी हो गयी, शादी के २ माह बाद मुझे असहनीय दर्द फिर से होने लगा और पहले तो दर्द कभी-कभी होने लगता था, अब तो २४ घण्टे दर्द बना ही रहने लगा। मैंने फिर डॉ. दीपाली गुप्ता को दिखाया उन्होंने यूएसजी की फिर से जाँच करवाई और बताया कि फिर से सिस्ट बन रही है। इसके लिए मेरा उनसे २ माह इलाज चला, फिर से पेन किलर व इंजेक्शन हर ५-५ घण्टे में २४ घण्टे दवायें लेनी पड़ती थी, इसके बाद भी दर्द में आराम नहीं मिल पाता था।



            तभी एक मेरे रिश्तेदार जिन्होंने अपने अब्बू के हार्ट का इलाज आयुष ग्राम ट्रस्ट, चित्रकूट में करवा चुके हैं अब वह बिल्कुल स्वस्थ हैं से आयुष ग्राम ट्रस्ट चिकित्सालय, चित्रकूट का पता चला। मैं अपने भाइयों के साथ आयुष ग्राम चित्रकूट पहुँची। मेरा रजिस्ट्रेशन हुआ, फिर नम्बर आने पर मुझे डॉ. वाजपेयी जी की ओपीडी-२ में बुलाया गया, उन्होंने सारी रिपोर्ट्स देखीं और कहा कि ऑपरेशन की कोई जरूरत नहीं है, आप यहाँ पर १५ दिन रहें उम्मीद करें कि हम दर्द भी कम कर लेंगे और आपके पेन किलर इंजेक्शन/गोलियाँ भी बन्द कर लेंगे। मेरे भाइयों ने मुझे भर्ती कर दिया, ४ दिन यहाँ चिकित्सा हुयी पर मेरा दर्द बिल्कुल भी कम नहीं हुआ और मुझे विश्वास न होने पर मैं यहाँ से डिस्चार्ज करवाकर फिर से डॉ. दीपाली गुप्ता के पास गयी, उन्होंने कुछ जाँचें करवायीं और पेट में इंफेक्शन बताया, उन्होंने १ सप्ताह इलाज किया और फिर से सिस्ट के लिए ऑपरेशन के लिए बोल दिया। अब मुझे रोना आ गया कि कितने ऑपरेशन होंगे, क्या होगा? दर्द के लिए हर ४-४ घण्टे में जबरदस्त गोलियाँ खा रहीं थी। मुझे आयुष ग्राम चित्रकूट छोड़कर आने का पछतावा हुआ।
            मैं घबराकर वहाँ से फिर चित्रकूट पहुँची, वहाँ डॉक्टर साहब ने मुझे अच्छे से समझाया और कहा कि बेटा तुम्हे धीरज रखकर एक जगह इलाज करवाओ। फिर १५ दिन के लिए भर्ती होकर चिकित्सा करवाने लगी।
            रोज डॉक्टर आते और उपचार लिखते, नर्सेज आतीं तो सुबह-सुबह घी जैसी दवा पिलातीं और भी कुछ दवायें चलतीं, कुछ थैरेपी भी दी जातीं। खान-पान, परहेज के अनुसार दिया जाता। पहले सप्ताह में ही मेरी पेन किलर कम हो गयी और १० दिन में तो मेरी सारी पेन किलर बन्द हो गयी और बच्चेदानी का दर्द भी मिट गया। हम सब चकित रह गये कि हमारे देश में कैसी चिकित्सा है कि सही चिकित्सा तक हम पहुँच नहीं पाते और इधर अंग्रेजी डॉक्टर मनमानी करते रहते हैं इंजेक्शन, गोलियाँ और ऑपरेशन। जबकि आयुष ग्राम चिकित्सा से मैं बिल्कुल अच्छे से सभी परेशानियों से छुटकारा पा गयी और ऑपरेशन से बच गयी। अब मेरा दर्द बिल्कुल सही है, कभी-कभी दर्द की शंका हो जाती है क्योंकि मैंने बहुत झेला है इन अंग्रेजी डॉक्टरों और अस्पतालों में।
            मैं तो कहती हूँ कि मेरी बात सभी जगह पहुँचे और सभी लोग मेरी तरह बचें। अभी देश में ऐसे आयुष चिकित्सा संस्थान हैं जो मुझ जैसे परेशान लोगों को ऑपरेशन से बचा रहे हैं।
मैंने देखा कि चित्रकूट के इस आयुष संस्थान में डॉक्टर नर्सों का व्यवहार बहुत अच्छा है और हार्ट, किडनी, रीढ़ के रोगी भर्ती होकर मेरी तरह रोग और ऑपरेशन से छुटकारा पाते हैं।

गुलफ्शा सिद्दीकी शेख
पत्नी
श्री मो.कलाममुल्ला शेख
ए. १४/२१-बी, भारद्वाजी टोला, वाराणसी (उ.प्र.)



डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुशरण करते हैं ।
डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।

सरकार आयुष को बढ़ाये मानव का जीवन बचाये!!
     सरकार को फिर से भारत में अंग्रेजी अस्पताल और अंग्रेजी मेडिकल कॉलेजों की जगह अच्छे और समृद्ध आयुष संस्थान खोलने चाहिए तथा उनसे पूरी क्षमता से कार्य लेना चाहिए। इससे भारत का मानव हार्ट के ऑपरेशनछेड़छाड़ स्टेंट और डायलिसिस जैसी स्थितियों से बचकर और हार्ट को स्वस्थ रख सकेगा। क्योंकि हार्ट के रोगी पहले भी होते थे आज भी होते हैं और आगे भी होते रहेंगे। जिनका सर्वोच्च समाधान आयुष में है। आयुष ग्राम चित्रकूट एक ऐसा आयुष संस्थान है जहाँ ऐसे-ऐसे रस-रसायनों/ औषध कल्पों का निर्माण और संयोजन करके रखा गया है जो जीवनदान देते हैं। पंचकर्म की व्यवस्था एम.डी. डॉक्टरों के निर्देशन में हो रही हैपेयाविलेपीयवागू आदि आहार कल्पों की भी पूरी उपलब्धता है इसलिये यहाँ के ऐसे चमत्कारिक परिणाम आते हैं।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य



डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 


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