डायलेसिस छूटी, किडनी काम करने लगी !!


क्या ये सही नहीं है !!
किडनी और हृदय रोगों की चिकित्सा आयुष में बहुत ही उत्कृष्ट है, ऐसे रोगी जिनकी अंग्रेजी दवा खाते - खाते शरीर की जीवनीय शक्ति और व्याधिक्षमत्व शक्ति पूरी तरह से नष्ट हो जाती है ऐसे रोगियों को आयुष चिकित्सा बहुत ही परिणामोत्पादक, प्रभावशाली और जीवनदायिनी है, किन्तु लोगों में जागरूकता का आभाव है जन - जन को इसका प्रचार करना चाहिए। आज अंग्रेजी इलाज की स्थिति यह है कि पहले एक गोली से इलाज शुरू होता है धीरे-धीरे वह हार्टकिडनीलिवर का रोगी बन जाता है और फिरकभी भी बन्द न होने वाली दवाओं का सिलसिला चलने लगता है। जबकि आयुष चिकित्सा में दवायें धीरे-धीरे घटते-घटते बिल्कुल बन्द हो जाती हैं। ऐसे में आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि पीड़ित मानव का सही मार्गदर्शन करें और उन तक जानकारी पहुँचायें, ताकि ऐसे पीड़ित मानव का कल्याण हो सके और लोग अंग्रेजी दवाओं के जाल से बच सकें 

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५
Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)
रमेश सिंह भदौरिया (पूर्व सैनिक) साथ में उनकी पत्नी 


मैं २००१ में आर्मी से रिटायर्ड हूँ मुझे एक साल से शुगर की समस्या थी तभी मैं आर्मी हॉस्पिटल में दिखाकर दवाएं खाता रहता था, मैं शराब बहुत पीता था। एक दिन अप्रैल माह में मुझे रात में बहुत ठण्ड लगने लगी, मैं ज्यादा ध्यान नहीं दिया और मुसम्मी का जूस भी पी लिया कुछ देर बाद मुझे बहुत ज्यादा ठण्ड लगने लगी, तो घर वाले घबराकर वहीँ भिंड के एक सरकारी हॉस्पिटल ले गए, वहां पर कुछ देर बोतलें (ड्रिप) चढ़ीं लेकिन कुछ भी आराम नहीं मिला तो वहां के डॉक्टर ने दिल्ली या ग्वालियर के लिए रिफर कर दिया, वहां से ग्वालियर पहुंचा, वहां पर सारी जांचें करवाईं गयीं और जांच के बाद मुझे किडनी की समस्या बताई गई और तुरंत डायलेसिस कर दी गई मैं नहीं जानता था कि डायलेसिस क्या है ? और मुझे बिना बताये ही कर दी. ४ दिन तक भर्ती रखा गया और कुछ अंग्रेजी दवाएं देकर घर भेज दिया गया और हर २ दिन में डायलेसिस करवाने के लिए बोला लेकिन मैंने बल्कुल साफ़ मना कर दिया कि मुझे कोई डायलेसिस नही करवानी है और घर आ गया फिर मुझे १५ दिन बाद समस्या होने लगी पैरों में सूजन, भूख नही लगने लगी तो मैं फिर से ग्वालियर जाकर २ बार डायलेसिस करवा ली और खून कम होने के कारण ३ यूनिट खून भी चढ़वाया गया. कुछ आराम मिलने पर मैं दवाएं लेकर घर वापस आ गया

आयुष ग्राम चिकित्सालय में आने से पहले की रिपोर्ट 

                तभी मुझे ललितपुर के अमृतलाल जो किडनी का इलाज आयुष ग्राम चित्रकूट में करवा रहे हैं उनकी डायलेसिस भी छूट गई थी के द्वारा आयुष ग्राम ट्रस्ट चिकित्सालय, चित्रकूटधाम का पता चला. मैं २६ फरवरी २०२० को आयुष ग्राम ट्रस्ट चिकित्सालय, चित्रकूटधाम पहुंचा, वहां पर मेरा रजिस्ट्रेशन करवाया गया फिर मेरा नंबर आने पर मुझे ओपीडी -२ में डॉक्टर वाजपेयी जी के पास बुलाया गया. उन्होंने सारी समस्याएँ पूछीं और सभी जांचें देखीं और अपने स्तर से भी जांचें की फिर कहा कि लगभग ३ हफ्ते लगेंगे आपकी डायलेसिस छूट जाएगी पर आपको यहाँ रहना होगा

                                    मैं जब यहाँ आया था उस समय मेरे पेशाब से एकदम खून आ रहा था जिससे मैं बहुत परेशान था, कमजोरी बहत थी, भूख बिल्कुल नहीं लग रही थी, पूरे शरीर में सूजन थी, और जब डायलेसिस का समय आता था तब बुखार जैसा पूरे शरीर में होने लगता था. अंग्रेजी दवाएं खा-खाकर परेशान हो गया, मैं डायलेसिस बिल्कुल नही करवाना चाहता था यूरिक एसिड खूब बढा था जो किसी तरह कम नहीं हो रहा था

आयुष ग्राम चित्रकूट में भर्ती होने के दिन की रिपोर्ट 

                मैं इन सब परेशानियों के साथ यहाँ भर्ती हो गया क्योंकि तैयारी करके आया ही था यहाँ प्रतिदिन डॉ. शुक्ल जी राउंड में आते, नर्सें आती, दवा देतीं, पंचकर्म थिएटर में पंचकर्म होता, डॉक्टर जो खाना लिखते वो मिलता, बहुत अच्छी साफ सफाई, भव्य अस्पताल आयुष का मैंने तो नही देखा इतना बड़ा आयुष संस्थान सप्ताह में २-३ दिन डॉ. वाजपेयी जी भी राउंड करते, हर सप्ताह खून जांचें होती. पहले हफ्ते में ही मेरा क्रिटनीन, यूरिया बढ़ना रुक गया सो डायलेसिस में पड़ी मेरी नैक लाइन भी निकाल दी गई इससे मुझे बहुत राहत मिली ऐसा लगा कि मानो जान बच गई
                दूसरे हफ्ते मेरा पेशाब से खून आना बंद हो गया, यूरिक एसिड घटने लगा, तीन हफ्ते में मेरा यूरिया १९५.१८ से घटकर ६६ हो गया, यूरिक एसिड १६.९५ से घटकर ११.७ और क्रिटनीन घटकर ५.४ हो गया. अब एक माह की दवा लिखकर मुझे डिस्चार्ज किया जा रहा है
आयुष ग्राम में चिकित्सा के बाद की रिपोर्ट 

                आज मैं कितना खुश हूँ मैं बयां नहीं कर सकता यहाँ अंग्रेजी डॉक्टरों ने कहा था की आपको हर हफ्ते में २ डायलेसिस करानी पड़ेगी वह बात आयुष ग्राम चित्रकूट के डॉक्टरों ने गलत साबित कर दिया और मुझे जीवन दान दे दिया मेरा स्वास्थ्य भी पहले से अच्छा हो गया मेरी बात अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं                          
रमेश सिंह भदौरिया (पूर्व सैनिक)
राधा कॉलोनी, भिण्ड (मध्य प्रदेश) 

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुसरण करते हैं ।

डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।


सरकार आयुष को बढ़ाये मानव का जीवन बचाये!!
     सरकार को फिर से भारत में अंग्रेजी अस्पताल और अंग्रेजी मेडिकल कॉलेजों की जगह अच्छे और समृद्ध आयुष संस्थान खोलने चाहिए तथा उनसे पूरी क्षमता से कार्य लेना चाहिए। इससे भारत का मानव हार्ट के ऑपरेशनछेड़छाड़ स्टेंट और डायलिसिस जैसी स्थितियों से बचकर और हार्ट को स्वस्थ रख सकेगा। क्योंकि हार्ट के रोगी पहले भी होते थे आज भी होते हैं और आगे भी होते रहेंगे। जिनका सर्वोच्च समाधान आयुष में है। आयुष ग्राम चित्रकूट एक ऐसा आयुष संस्थान है जहाँ ऐसे-ऐसे रस-रसायनों/ औषध कल्पों का निर्माण और संयोजन करके रखा गया है जो जीवनदान देते हैं। पंचकर्म की व्यवस्था एम.डी. डॉक्टरों के निर्देशन में हो रही हैपेयाविलेपीयवागू आदि आहार कल्पों की भी पूरी उपलब्धता है इसलिये यहाँ के ऐसे चमत्कारिक परिणाम आते हैं।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य



डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 


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