(लगातार किडनी फेल्योर में सफलता) मेरे पति को डायलेसिस से नहीं मौत से बचाया आयुष ग्राम चित्रकूट ने !!


क्या ये सही नहीं है !!
किडनी और हृदय रोगों की चिकित्सा आयुष में बहुत ही उत्कृष्ट है, ऐसे रोगी जिनकी अंग्रेजी दवा खाते - खाते शरीर की जीवनीय शक्ति और व्याधिक्षमत्व शक्ति पूरी तरह से नष्ट हो जाती है ऐसे रोगियों को आयुष चिकित्सा बहुत ही परिणामोत्पादक, प्रभावशाली और जीवनदायिनी है, किन्तु लोगों में जागरूकता का आभाव है जन - जन को इसका प्रचार करना चाहिए। आज अंग्रेजी इलाज की स्थिति यह है कि पहले एक गोली से इलाज शुरू होता है धीरे-धीरे वह हार्टकिडनीलिवर का रोगी बन जाता है और फिरकभी भी बन्द न होने वाली दवाओं का सिलसिला चलने लगता है। जबकि आयुष चिकित्सा में दवायें धीरे-धीरे घटते-घटते बिल्कुल बन्द हो जाती हैं। ऐसे में आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि पीड़ित मानव का सही मार्गदर्शन करें और उन तक जानकारी पहुँचायें, ताकि ऐसे पीड़ित मानव का कल्याण हो सके और लोग अंग्रेजी दवाओं के जाल से बच सकें 

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५



Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)
श्रीमती परवीन साथ में उनके पति मो. वसीम 

मेरे पति मो. वसीम (उम्र 38 साल) को
३ साल पहले अचानक पैरों में सूजन आने लगी और पेट व कमर में दर्द होने लगा, तो वहीँ पास के मेडिकल स्टोर से अंग्रेजी दवाएं लाकर खाते रहते थे लेकिन कुछ दिन बाद धीरे – धीरे पूरे शरीर में सूजन आने लगी, पेशाब कम होने लगी, ब्लड प्रेशर बढ़ने लगा, खून कम होता चला जा रहा था, पेट व कमर का दर्द तेज होने लगा, तो मैं अपने पति को बीएचयू के डॉ. दीक्षित के पास ले गये, उन्होंने सारी जांचें करवाई जांच में लीवर में इन्फेक्शन व किडनी की भी समस्या बताई उन्होंने लीवर का इलाज १ साल तक किया लीवर में तो आराम मिल गया, किडनी की समस्या ज्यादा बढ़ गई तो डॉ दीक्षित जी ने कहा कि आप किडनी के इलाज के इलाज के लिए कहीं और दिखाइए अब लीवर की समस्या ठीक हो गई है तो हम लोग अपने पति को डॉ दानिस के पास ले गये वहां पर सभी जांचें हुईं वहां पर भी १ साल दवाएं चलीं और ४ यूनिट खून भी चढ़वाया गया, लेकिन हालत बिगडती चली जा रही थी अब तो ऐसी हालत हो गई थी कि श्वास फूलने के लिए नीमोलाइजर लेना पड़ता था, सूजन पूरे शरीर में आ गयी थी, कुछ भी खाने यहाँ तक पानी पीने में भी उल्टी हो जाती थी अब तो मेरे पति को अपने मन से अपने कार्य करने में समस्या होने लगी जबकि लगातार अंग्रेजी दवाएं चल रहीं थी
     इन समस्यायों के चलते डॉ दानिस ने डायलेसिस के लिए बोल दिया हम लोग घबरा गए तभी वहीँ अस्पताल में देखने मेरे चाचा जी आये, उन्होंने मुझे चित्रकूटधाम के आयुष ग्राम ट्रस्ट के आयुष ग्राम चिकित्सालय के बारे में बताया क्योंकि मेरे चाचा अपने किसी रिश्तेदार को किडनी का इलाज करवा चुके हैं और अब वह विल्कुल स्वस्थ हैं



हम लोग दूसरे दिन ही उस अंग्रेजी अस्पताल से निकलकर आयुष ग्राम चित्रकूट पहुंचे ऐसी हालत थी कि लग रहा था कि रास्ते में ही कुछ हो न जाये जैसे – तैसे हम लोग चित्रकूट पहुंचे, जल्दी से रजिस्ट्रेशन करवाया गया फिर इमरजेंसी में मुझे नंबर से पहले ही ओपीडी-२ में डॉ. वाजपेयी जी के पास बुलाया गया उन्होंने सारी समस्याएं सुनीं और जांचे करवाई फिर पहले की जांचें देखीं
आयुष ग्राम चिकित्सालय में भर्ती होने से पहले की रिपोर्ट 

 उस समय मेरे पति बिलकुल बेहोशी हालत में थे, उन्हें व्हीलचेयर से लाया गया था, खून बहुत कम था, किसी चीज के लिए कुछ बता भी नही पा रहे थे, टट्टी – पेशाब के लिए भी नहीं बता पा रहे थे डॉ. वाजपेयी जी ने उन्हें एडमिट किया और जांच के लिए लिखा उन्होंने सारी रिपोर्ट्स देखी और कहा कि आप परेशान न हों दो हफ्ते रहें चिकित्सा होगी, देख – रेख होगी, मैं इन्हें डायलेसिस से बचाने की कोशिश करता हूँ
                हम भर्ती हो गये चिकित्सा शुरू हो गयी, डॉ. वाजपेयी के निर्देशन में डॉक्टर नर्से सब जुट गयीं समय – समय पर निगरानी और आयुर्वेदिक दवाएं चलीं, कोई ऐसा रस दिया गया वहां कि मेरे पति २४ घंटे के अन्दर ही होश में आ गये
           यहाँ आने के पहले की रिपोर्ट हीमोग्लोबिन ६.५, यूरिया १९४.६०, क्रिटनीन ५.०३, यूरिक एसिड १९.०, सीआरपी ८४.०,बीएसएफ २३८, टीएलसी, डीएलसी भी बढ़ी थी

           १५ दिन के बाद की रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन ७.०, बीएसएफ १३१.२, यूरिया ८३.३, क्रिटनीन २.४, यूरिक एसिड ७.८, सीआरपी १५.६ आया


आयुष ग्राम चिकित्सालय में भर्ती होने के १५ दिन बाद की रिपोर्ट 

           आज मेरे पति को १ माह की दवाएं देकर डिस्चार्ज कर दिया गया है, अगले माह फिर १५ दिन के लिए भर्ती होने के लिए बुलाया गया है इस समय मेरे पति को श्वास में पूरा आराम है, अभी केवल गाय का दूध पीने के लिए बताया गया है, अब भूख भी लगने लगी है, अब उल्टी में पूरा आराम है, अब अपने मन से चल लेते हैं, अपना नित्यकर्म कर लेते हैं अब उनकी सिर्फ बीपी की अंग्रेजी दवा चल रही है और कभी – कभी लेने को बोला गया है अब सूजन पहले से बहुत कम है। आयुष ग्राम चिकित्सालय चित्रकूट ने मेरे पति को डायलेसिस से ही नहीं बचाया बल्कि मौत के मुंह से निकाला हम सब अह्सानमन्द हैं मेरी बात सब जगह पहुंचाएं

परवीन पत्नी श्री मो. वसीम
काजी सह्दुल्लापुरा बड़ी बाजार,
बनारस (उ.प्र.)

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुसरण करते हैं ।
डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य



डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 



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