२० तरह की अंग्रेजी दवाओं तथा रोग से मुक्ति मिली : आयुष ग्राम चित्रकूट से !!


जानकारी सभी तक पहुँचायें-
 अभी तक एलोपैथिक अस्पताल हार्निया रोगियों को केवल ऑपरेशन का ही विकल्प देते थेकिन्तु अब आयुष ग्राम ट्रस्ट बिना ऑपरेशन हार्निया के रोगियों को अच्छा समाधान प्रदान कर रही है। अंग्रेजी चिकित्सा में केवल दवाएं बढती जाती हैं समाधान नहीं है जबकि आयुष चिकित्सा रोग और दवा दोनों से मुक्त करती है आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि इस बात की जानकारी जन-जन तक तक पहुँचायें। यदि हम आप सबके सहयोग से हार्निया के रोगियों को बचा ले जाते हैं तो मानव की बहुत बड़ी सेवा होगी। क्योंकि ऑपरेशन के बाद भी हार्निया का कोई सफल इलाज नहीं है।

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५


Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)

श्री संतोष कुमार द्विवेदी (उ.प्र. पुलिस)

            मैं उ.प्र. पुलिस में हूँ और लखनऊ में कार्यरत हूँ। मेरी उम्र ५० साल है। मुझे ४ साल पहले चक्कर जैसा आता, शरीर में भारीपन रहता था, नींद नहीं आने लगती, लेकिन मैंने ज्यादा जॉब के कारण ध्यान नहीं दिया, मैं सोचता था कि जॉब में समय से रहना, खान-पीना, समय से सोना नहीं हो पाता इसलिए हो रहा होगा। लेकिन कुछ दिन बाद ज्यादा परेशानी होने पर मैंने लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में दिखाया, वहाँ पर डॉक्टर ने अंग्रेजी दवायें दीं, मुझे नींद न आने के कारण नींद की दवा भी दी। मेरी लखनऊ के मेडिकल कॉलेज की लगभग १ साल दवा खाई उसी बीच में मेरे शरीर में सफेद दाग होने लगे, सफेद दाग के लिए मैं लखनऊ के ही एक प्राइवेट हॉस्पिटल में डॉक्टर सुनील तलवार जी को दिखाया, उन्होंने कुछ दवायें दीं, २ साल तक इलाज चला पर आराम नहीं मिला, तो फिर मैंने लखनऊ के ही दूसरे डॉक्टर अबीर सारस्वत जी के पास गया, उन्होंने देखा और १ साल तक इलाज किया, फिर भी सफेद दाग में कोई आराम नहीं मिल पा रहा था। मैं अंग्रेजी दवायें खा-खाकर परेशान हो गया, मुझे दिन में १५-२० गोली खानी पड़ती थी। जिसमें चक्कर आने की, नींद की, भारीपन की, पेशाब बार-बार जाने की, पेट दर्द और हार्निया आदि की बीमारी थी।



                दिसम्बर २०१९ में मेरे पेट में एक दिन दर्द उठा, तो मैं लखनऊ के डॉ.एन.के. गुप्ता जी के पास गया, उन्होंने जाँच करवाने को बोला, मेरी जाँच आने के बाद बताया कि मुझे हार्निया की समस्या है और इसके लिए उन्होंने कहा कि अभी ३-४ साल दवा खाओ और उसके बाद हार्निया का ऑपरेशन करना पड़ेगा और ऑपरेशन के ६ साल बाद फिर से हार्निया का ऑपरेशन होगा। मैंने डॉ.एन.के. गुप्ता जी की १ सप्ताह दवायें खाई, मेरे पेट में दर्द बहुत होने लगता था, हल्का पेट में दर्द बना ही रहता था, सूजन भी बनी रहती थी।
            तभी मुझे मेरे ही एक रिश्तेदार जो अपना किडनी व हार्ट का इलाज आयुष ग्राम ट्रस्ट चिकित्सालय, चित्रकूट से करवा रहे हैं, उन्हें भी डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए बोला था, लेकिन आयुष ग्राम ट्रस्ट चिकित्सालय, चित्रकूट की चिकित्सा से उन्हें कोई ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ी और वह स्वस्थ हैं उनका ७ माह से इलाज चल रहा है। मैं उनसे आयुष ग्राम चिकित्सालय, चित्रकूट का पता लेकर मैं पत्नी सहित एक दिन आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट पहुँचा, मेरा पर्चा बना फिर ओपीडी में बुलाया गया, वहाँ मैंने बताया कि नींद न आना, यूरिन का बार-बार आना, हार्निया की समस्या, सफेद दाग की समस्या, पेट में दर्द बना रहना और इन समस्याओं के लिए बहुत सी अंग्रेजी दवायें खानी पड़ती है और हार्निया का ऑपरेशन भी बोला गया है। उन्होंने सभी समस्यायें सुनीं और बोले आप परेशान न हों मैं आपको बिल्कुल स्वस्थ करूँगा। उन्होंने १ माह की दवा लिखी उसे लेकर घर आ गया, सच में मुझे पहले माह से ही आराम मिलने लगा।
            यहाँ की चिकित्सा में अभी केवल मुझे २ माह हुये हैं, अब मैं काफी स्वस्थ महसूस कर रहा हूँ, अब मुझे बिना अंग्रेजी दवा के नींद आ जाती है, यूरिन में आराम है, चक्कर आने बन्द हो गये, हार्निया के दर्द से राहत है, सफेद दाग बिल्कुल समाप्त हो गये। वह भी बिना अंग्रेजी दवा लिये और बिना ऑपरेशन के।
            मैं बहुत खुश हूँ कि जिस बीमारी से मैं ४ साल से ग्रसित था, अंग्रेजी दवायें खाने के बाद भी बिल्कुल स्वस्थ नहीं हो पा रहा था वहीं आज मैं सिर्फ २ माह की आयुर्वेदिक दवाओं से मुझे ५० % से ज्यादा आराम मिल गया। मेरी सभी अंग्रेजी दवायें बन्द हो गयीं और मुझे कोई ऑपरेशन भी नहीं करवाना पड़ा। अब मैं पूरे मन से पुलिस की नौकरी करता हूँ।
मैं तो यह समझा कि अंग्रेजी चिकित्सा में केवल दवायें बढ़ती ही जाती हैं समाधान नहीं है, जबकि आयुष चिकित्सा रोग और दवा दोनों से मुक्त करती है।

संतोष कुमार द्विवेदी,(उ.प्र. पुलिस),
५३८ के.ए./४७६, त्रिवेणी नगर,
सीतापुर रोड, लखनऊ (उ.प्र.)

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुसरण करते हैं ।

डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।


यह वैज्ञानिक रूप से भी प्रमाणित हो चुका है कि रोगों की उत्पत्ति वात,पित्त,कफ, के असंतुलन से ही होती है


 कोलेस्ट्रोल,मधुमेह,ब्लडप्रेशर,थायराइड,हड्डियों की बीमारी और डिजेनरेशन आदि चयापचय असंतुलन की बीमारी है रीढ़ की नस दबना, घुटनों का घिसना और हार्ट में ब्लॉकेज यह ठीक उसी प्रकार त्रिदोषों के असंतुलन का परिणाम और आयुजन्य विकृति है कोलेस्ट्रोल का घटना बढ़ना मौसम के बदलाव से भी जुड़ा प्रकरण है किन्तु वर्तमान में ऐसा परिद्रश्य निर्मित है कि व्यक्ति रोगों के सही कारण ठीक करने की अपेक्षा प्रदर्शन में बहुत व्यस्त है


 प्रदर्शन में वह बहुत बड़े बड़े अंग्रेजी अस्पतालों के चक्कर काटता है और अप्राकृतिक दवाइयां खाता है, बड़ी बड़ी जांचें कराता है और ऐसा करते करते रोग को जटिल कर लेता है अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर लेता है, नये नये रोग पैदा कर लेता है जैसे हार्ट कोलेस्ट्रोल के प्रकरण को ले लीजिये इनकी गोलियां खाते खाते लोग नपुंसकता,कान्तिहीनता और दुर्बलता में जकड जाते हैं जबकि आयुष चिकित्सा में ऐसे रोगों का सहज, सरल समाधान मिल ही जाता है इसलिए आयुष चिकित्सा अपनाकर ढेर सारी गोलियों और रोगों के जंजाल से बाहर निकलें

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य



डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 


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