सी॰ आर॰ पी॰ घटा आयुष ग्राम चित्रकूट से : गठिया से आराम हुआ !!


ध्यातव्य- 
आयुष चिकित्सा में गठियावात की प्रभावशाली और समूल चिकित्सा हैआयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम लगातार आमवात (गठिया) के रोगियों को लाभान्वित कर रहा है, यह हमारे लिए प्रसन्नता की बात है जबकि अंग्रेजी चिकित्सा ऐसे रोगों में विफल है इस बुलेटिन में कु. पूजा चौरसिया को आमवात (गठिया) से आयुष ग्राम ने मुक्त किया और उसे जीवन जीने और आगे बढ़ने की आशा दी आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि इस बात को जन-जन में प्रसारित करें ताकि ऐसे पीड़ित मानव का कल्याण हो सके, आपका मार्गदर्शन किसी पीड़ित मानव को सुखी कर सकता है 

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५
Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)

कु. पूजा चौरसिया 

                
मुझे २०१५ में अचानक से एक दिन पूरे शरीर में दर्द हुआ और सभी जोड़ों में सूजन आ गयी थी तो मेरे पापा मुझे शाहगंज (जौनपुर) ले गयेवहाँ के अंग्रेजी डॉक्टर ने कुछ दवायें दीं तो आराम हो गयालेकिन जब तक दवा खाते तब तक आराम रहता था। मेरा शाहगंज के डॉक्टर का इलाज ६-७ माह चला। फिर मुझे आराम न होने के कारण मेरे पापा मुझे मुम्बई के पाण्ड्या हॉस्पिटल ले गये, वहाँ के डॉक्टर ने कुछ खून की जाँचें करवायींजाँच आने के बाद डॉक्टर ने बताया कि मेरा सीआरपी २१ एमजी/डीएल आयामुझे तो सीआरपी के बारे में नहीं पता थातो मैंने पूछा कि यह क्या होता हैतो उन्होंने बताया कि तुझे आमवात गठिया की समस्या है यह आटो इम्यून डिजीज है। मेरे इतना ज्यादा दर्द रहता था कि उठना-बैठना भी मुश्किल हो रहा थामुझे पढ़ाई भी छोड़नी पड़ी। मुम्बई का डेढ़ साल इलाज चला लेकिन वहाँ पर भी जब तक दवायें खाते तब तक ठीक रहता जैसे ही दवा बन्द करते वैसे ही समस्या होने लगती थी।



            फिर मैं लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में गयीवहाँ पर फिर से सारी जाँचें हुयींवहाँ भी सीआरपी की समस्या बतायी। लखनऊ मेडिकल कॉलेज से पीजीआई गयी वहाँ भी मेरा इलाज १ साल तक चलालेकिन लखनऊ की दवाओं से भी वैसा ही रहता जब तक अंग्रेजी दवायें खाते तब तक ठीक रहता। लखनऊ की दवायें मेरी चल ही रही थीं किन्तु एक दिन अचानक मेरा सीआरपी १४२.७ एमजी/डीएल हो गया, मेरे हाथ-पैर टेढ़े हो गयेमुझे सहारे से चलाया जाता था।

आयुष ग्राम चिकित्सालय में चिकित्सा के पूर्व की रिपोर्ट 

            तभी मेरे पिता जी को एक पैथोलॉजी में जाँच करवाते समय एक व्यक्ति श्री अनिल जायसवाल जी से भेंट हुयी उन्हें आयुष ग्राम ट्रस्ट चिकित्सालय चित्रकूट के बारे में पता चला। श्री अनिल जायसवाल जी के भाई श्री उदयशंकर जायसवाल बाँदा में पुलिस अधीक्षक (एस.पी.) रहे हैं। उन्हें आयुष ग्राम ट्रस्ट चिकित्सालयचित्रकूट की जानकारी थी। मैं अपने पापा के साथ दूसरे दिन ही आयुष ग्राम ट्रस्ट चिकित्सालयचित्रकूट पहुँची। वहाँ मेरा रजिस्ट्रेशन हुआ फिर मेरा नम्बर आने पर मुझे सम्बन्धी ओपीडी-२ में बुलाया गया। उन्होंने मुझे देखानाड़ी देखी और सारी समस्यायें पूछीं।



            जब मैं यहाँ आई थी तब मुझे कमर व सभी जोड़ों में दर्द व सूजन थी और पीरियड भी अनियमित रहता थाअस्पताल में पकड़कर लाया गयामैं अपने आप से खड़े नहीं हो पाती थी। उन्होंने कुछ खून की जाँचें करवाईलेकिन जाँच मैं पहले से करवाकर लेकर आई थी उन्होंने जाँच देखी और मुझे पहले माह में ही आराम मिलने लगा। दर्द व सूजन कम हो गयीमैं अपना काम करने लगीअब मुझे ६ माह तक चिकित्सा कराते हो गये। जैसा आयुष ग्राम के डॉक्टर लोगों ने कहा उसी तरह किया। अब मुझे ८० % से ज्यादा आराम है, मैंने अपनी पढ़ाई भी शुरू कर दी और अब तो मैं खुद आकर हर माह चित्रकूट में दिखा जाती हूँ। मेरी अंग्रेजी दवायें भी सारी बन्द हैं।

आयुष ग्राम चिकित्सालय में चिकित्सा के ५ माह बाद की रिपोर्ट  

            खून की जाँचों में भी सी.आर.पी. बहुत घट गया। जाँच करने वाले अंग्रेजी डॉक्टर भी भौचक्का हैं कि इतनी तेजी से तुम्हारा सी.आर.पी. घट रहा है। १४२ से घटते-घटते सी.आर.पी. १६.९ हो गया यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। पर मैं भी वैसा ही फालो करती हूँ जैसा डॉक्टर साहब और आयुष ग्राम से निर्देश मिले हैं। अभी ६ माह तक और मेरा इलाज चलना है। मेरी जिन्दगी बन गयीसी.आर.पी. के कारण मेरा हेमोग्लोबिन कम हो गया है वह भी ठीक हो जाएगा। मैं तो सभी से कहती हूँ कि ऐसे लोगों का एलोपैथ में कोई सही इलाज नहीं है। सब आयुष चिकित्सा अपनायें। अन्यथा रोग बढ़ता ही जाता है ठीक तो होता नहीं। आयुष ग्राम चित्रकूट आयुर्वेद का एक बहुत बड़ा चिकित्सा संस्थान है इतने डॉक्टरनर्सेंदवायें मैंने किसी आयुर्वेद संस्थान में नहीं देखी।

पूजा चौरसिया पुत्री  श्री सुनील चौरसिया,
बिलरामऊ (खानपुर)आजमगढ़

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुसरण करते हैं ।

डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।


सरकार आयुष को बढ़ाये मानव का जीवन बचाये!!
     सरकार को फिर से भारत में अंग्रेजी अस्पताल और अंग्रेजी मेडिकल कॉलेजों की जगह अच्छे और समृद्ध आयुष संस्थान खोलने चाहिए तथा उनसे पूरी क्षमता से कार्य लेना चाहिए। इससे भारत का मानव हार्ट के ऑपरेशनछेड़छाड़ स्टेंट और डायलिसिस जैसी स्थितियों से बचकर और हार्ट को स्वस्थ रख सकेगा। क्योंकि हार्ट के रोगी पहले भी होते थे आज भी होते हैं और आगे भी होते रहेंगे। जिनका सर्वोच्च समाधान आयुष में है। आयुष ग्राम चित्रकूट एक ऐसा आयुष संस्थान है जहाँ ऐसे-ऐसे रस-रसायनों/ औषध कल्पों का निर्माण और संयोजन करके रखा गया है जो जीवनदान देते हैं। पंचकर्म की व्यवस्था एम.डी. डॉक्टरों के निर्देशन में हो रही हैपेयाविलेपीयवागू आदि आहार कल्पों की भी पूरी उपलब्धता है इसलिये यहाँ के ऐसे चमत्कारिक परिणाम आते हैं।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य



डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 


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