हार्ट के ऑपरेशन से बचा लिया : आयुष ग्राम चित्रकूट की आयुष कार्डियोलॉजी ने !!



जानकारी सभी तक पहुँचायें-
 अभी तक एलोपैथिक अस्पताल हार्ट रोगियों को केवल बाईपास सर्जरी या स्टेंट का ही विकल्प देते थेकिन्तु अब आयुष ग्राम ट्रस्ट की आयुष कार्डियोलॉजी, बिना ऑपरेशन बिना स्टेंट हार्ट रोगियों को अच्छा समाधान प्रदान कर रही है। आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि इस बात की जानकारी जन-जन तक तक पहुँचायें। यदि हम आप सबके सहयोग से हार्ट रोगियों को बाईपास या स्टेंट से बचा ले जाते हैं तो मानव की बहुत बड़ी सेवा होगी। क्योंकि स्टेंट और बाईपास सर्जरी के बाद भी मौतें हार्ट अटैक से हो रही हैं। जबकि आयुष कार्डियोलॉजी से उपचारित एक भी रोगी की मौत हार्ट अटैक से नहीं हुयी। आप सभी के सहयोग से देश के सभी लोगों को बाईपास सजरी या स्टेंट से बचाया जा सकता है।

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५
Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)
श्री अखिलेश कुमार श्रीवास्तव 


            मैं एमपीटीसी सतना से ३० जून २०१६ में रिटायर्ड हूँ। मुझे २ माह पहले अचानक सुबह ३ बजे के  आस-पास बहुत तेज श्वास फूलने लगी, तो मेरे पास मेरी पत्नी का इन्हेलर रखा था, उसे ले लिया क्योंकि पत्नी को अस्थमा की समस्या है और वह इन्हेलर का प्रयोग करती हैं। मुझे इन्हेलर लेने से उस समय आराम मिल गया। लेकिन दूसरे दिन मैं सतना के एक अंग्रेजी हॉस्पिटल गया, वहाँ पर डॉ. मिश्रा जी को दिखाया, तो उन्होंने ईसीजी व सोनोग्राफी करवायी जाँच देखने के बाद डॉ. मिश्रा जी ने सब सामान्य बताया, मुझे १ हफ्ते की दवायें दीं पर मैंने ३-४ दिन की ही दवायें खा पाया मुझे फिर से श्वास की समस्या होने लगी, मुझे एक भी कदम चल पाना मुश्किल होने लगा। तो मैं नागपुर गया, वहाँ पर डॉक्टर ने देखा और एंजियोग्राफी करवाने के लिए बोले। मैंने अपनी एंजियोग्राफी करवाई जाँच आने के बाद डॉक्टर ने बताया कि आपके हार्ट में ब्लॉकेज हैं। इसके लिए तुरन्त ऑपरेशन करवाना पड़ेगा। मैंने सोचा कि यदि इतना खतरा होता कि तुरन्त मौत हो जायेगी तो मैं नागपुर तक कैसे आ पाता इसलिए मैं समझ गया कि जो ये नर्सिंग होम वाले कहते थे कि तुरन्त ऑपरेशन करवाओ नहीं तो मौत हो सकती है वह डराने का तरीका है। मैंने कुछ दिन बाद आकर ऑपरेशन की बात कहकर दवायें लेकर घर आया गया।


            तभी मुझे मेरे एक मित्र के द्वारा जो अपने बेटे का इलाज करवा चुके हैं चित्रकूटधाम के आयुष ग्राम ट्रस्ट की आयुष कार्डियोलॉजी का पता चला। मैं ३-४ दिन बाद आयुष ग्राम ट्रस्ट चिकित्सालय, चित्रकूट पहुँचा, मेरा रजिस्ट्रेशन करवाया गया, फिर मेरा नम्बर आने पर मुझे हार्ट, किडनी, रीढ़ रोग की ओपीडी-२ में डॉ. वाजपेयी के पास बुलाया गया। वहाँ पर मेरी केस हिस्ट्री हुयी, फिर कुछ खून की जाँचें हुयीं। जाँच आने के बाद उन्होंने देखा और कहा आप परेशान बिल्कुल न हों आपको कभी ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी और सब ठीक होगा। उन्होंने बताया कि आयुष कार्डियोलॉजी में १० दिन रखकर हृद्य, ओजस्कर चिकित्सा दी जाती है जिसमें कुछ दवायें खाने की तथा पंचकर्म थैरापी की हृद्य क्रियायें की जाती हैं और रोगी को १० दिन में ही बिना ऑपरेशन, बिना इंजेक्शन, बिना चीर-फाड़ के लाभ मिल जाता है और रोगी ऑपरेशन तथा स्टेंट से पूरी तरह से बच जाता है। बाद में घर में दवायें चलती रहती हैं और रोगी पहले से लगातार अच्छा होता जाता है।


             मैं १० दिन के लिए आयुष ग्राम चित्रकूट में रह गया। मेरी चिकित्सा शुरू हो गयी, बहुत ही आराम दायक चिकित्सा। आज १० दिन बाद मुझे डिस्चार्ज किया गया।
            जब मैं यहाँ आया था तब एक कदम भी चलने से श्वास बहुत फूलने लगती थी और सीने में  भारीपन रहता था, सीढ़ियाँ तो बिल्कुल चढ़ नहीं पाता था अन्दर से डर बना रहता था कि कुछ हो न जाये। लेकिन यहाँ की चिकित्सा से १० दिन में ही काफी आराम मिल गया, ऑपरेशन से बच गया। अब मैं  ५-६ बार ऊपर-नीचे सीढ़ियाँ चढ़-उतर लेता हूँ और श्वास में पूरा आराम है।


            बताइये! इतनी समस्या के लिए अंग्रेजी डॉक्टर हार्ट का ऑपरेशन किये दे रहे थे। जबकि मैं देख रहा हूँ कि जिन-जिन लोगों ने हार्ट की बाईपास सर्जरी या स्टेंट करवाया है उनमें नई-नई शारीरिक समस्यायें बनी ही रहती हैं और शरीर टूटता ही जाता है। कम से कम मैं इन सबसे बच गया। मैं अंत में इतना ही कहता हूँ कि यदि किसी भी हार्ट रोगी को अंग्रेजी डॉक्टर डरवायें तो एक बार आप आयुष ग्राम ट्रस्ट की आयुष कार्डियोलॉजी की चिकित्सा लें मुझे विश्वास है कि आप भी मेरी तरह ऑपरेशन से बचेंगे।

अखिलेश कुमार श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त एम.पी.टी.सी.)
स्थान - पो. शेरगंज (महदेवा), सतना (म.प्र.)


डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुसरण करते हैं ।
डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य


डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 


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