आयुष ग्राम चित्रकूट की चिकित्सा से बचा हूँ डायलेसिस से : लगातार किडनी फेल्योर में सफलता


क्या ये सही नहीं है !!
किडनी और हृदय रोगों की चिकित्सा आयुष में बहुत ही उत्कृष्ट है, ऐसे रोगी जिनकी अंग्रेजी दवा खाते - खाते शरीर की जीवनीय शक्ति और व्याधिक्षमत्व शक्ति पूरी तरह से नष्ट हो जाती है ऐसे रोगियों को आयुष चिकित्सा बहुत ही परिणामोत्पादक, प्रभावशाली और जीवनदायिनी है, किन्तु लोगों में जागरूकता का अभाव है जन - जन को इसका प्रचार करना चाहिए। आज अंग्रेजी इलाज की स्थिति यह है कि पहले एक गोली से इलाज शुरू होता है धीरे-धीरे वह हार्टकिडनीलिवर का रोगी बन जाता है और फिरकभी भी बन्द न होने वाली दवाओं का सिलसिला चलने लगता है। जबकि आयुष चिकित्सा में दवायें धीरे-धीरे घटते-घटते बिल्कुल बन्द हो जाती हैं। ऐसे में आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि पीड़ित मानव का सही मार्गदर्शन करें और उन तक जानकारी पहुँचायें, ताकि ऐसे पीड़ित मानव का कल्याण हो सके और लोग अंग्रेजी दवाओं के जाल से बच सकें 

 डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५

Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)


श्री कौशल किशोर विस्वारी जी डी.ओ. (म.प्र. ग्राम विकास विभाग)

           
मैं छतरपुर (म.प्र.) में ग्राम विकास में ऑफीसर हूँ। ११ जून २०१९ को अचानक खड़े होने पर गिर कर बेहोश हो गया। मुझे ५ मिनट बाद होश आया तो मेरे सीने में दर्द हो रहा था, मुझे तुरन्त छतरपुर के डॉ. दीक्षित जी के पास ले जाया गया, उन्होंने कुछ जाँचें करवायीं, जाँच आने पर उन्होंने बताया कि आपको पैरालायसिस का अटैक आया था और किडनी में इंफेक्शन है। मैंने उन्हें बताया कि मेरे पैरों में सूजन कभी-कभी आ जाती है और भूख भी ज्यादा नहीं लगती है और मुझे ५-५ मिनट के अटैक आते रहते हैं, ऐसा जब सर्दी होती है या ठण्डी चीजें खाने से होता है। डॉ. दीक्षित जी ने समस्यायें सुनीं, जाँच देखकर बोले कि किडनी की समस्या के लिए आप दूसरे हॉस्पिटल में दिखा लीजिए। मैं डॉ. दीक्षित जी से कुछ अंग्रेजी दवायें लेकर दिल्ली के कैलाश हॉस्पिटल पहुँचा, वहाँ पर डॉक्टर ने देखा और एमआरआई व कुछ खून की जाँचें फिर से करवाने के लिए बोले।


कैलाश हॉस्पिटल की रिपोर्ट 

 मैंने फिर से सारी जाँचें करवायीं
, जाँच के बाद उन्होंने १५ दिन के लिए भर्ती कर लिया। वहाँ पर कुछ तो आराम मिला। १५ दिन के बाद कुछ दवायें देकर घर भेज दिया और कहा कि डायलेसिस की जरूरत पड़ेगी तो डायलेसिस करवाना पड़ेगा। मैं घर आ गया, किन्तु २-३ दिन दवायें खाने के बाद फिर से समस्यायें होने लगीं शरीर में सूजन व श्वास बहुत फूलने लगी। तो मेरा लड़का मुझे दिल्ली के दूसरे हॉस्पिटल गंगाराम हॉस्पिटल ले गया। वहाँ पर फिर से सारी जाँचें हुयीं। दवायें चलीं कुछ आराम हुआ लेकिन फिर भी अटैक ठण्ड के कारण कभी-कभी आ जाते थे। वहाँ पर मुझे ७ दिन भर्ती रखा गया, फिर कुछ दिन के लिये दवायें देकर डिस्चार्ज कर दिया। मैं घर पर समय से दवा खाता और जाँचें करवाता रहता था। मेरा अंग्रेजी इलाज चलता जा रहा था, क्रिटनीन बढ़ता जा रहा था अब डॉक्टर डायलेसिस के लिए कहने लगे।




            मैं बहुत परेशान हो गया कि ऐसा क्यों हो रहा है दवा से तो रोग कम होना चाहिए। फिर मैं भोपाल के एक हॉस्पिटल गया वहाँ पर भी दिखाया, १ हफ्ते दवा खाई पर कुछ आराम नहीं मिला। मैं हताश हो गया और घर लौट आया। तभी मुझे मेरे रिश्तेदार जो हैं तो एलोपैथी के डॉक्टर उन्होंने आयुष ग्राम ट्रस्ट चिकित्सालय, चित्रकूट के बारे में बताया। यह भी बताया कि यहाँ किडनी, हार्ट, रीढ़ के रोगों का बहुत ही अच्छा इलाज है वह भी बिना ऑपरेशन, बिना डायलेसिस। आप वहीं जाइये। तो मैं दूसरे दिन ही तैयारी बनाकर आयुष ग्राम ट्रस्ट, सूरजकुण्ड रोड, चित्रकूट में २ सप्ताह तक रहने इलाज कराने के उद्देश्य से चित्रकूट पहुँचा। यहाँ का सिस्टम यही है कि २ - २ सप्ताह दो चरणों में रखते हैं और समय-समय पर जाँचें कराते हैं, थैरापी देते हैं, पथ्यापथ्य भी। मेरा रजिस्ट्रेशन करवाया गया, फिर नम्बर आने पर मुझे ओपीडी नं.-२ में बुलाया गया। हमने सारी समस्यायें बतायीं डॉक्टर साहब ने कहा कि आपने आने में देर कर दिया, आप अगर और जल्द आते तो रोग इतना नहीं बढ़ने पाता लेकिन कोई बात नहीं हम ठीक करेंगे आपको। यह सुनकर मुझे और मेरे परिवार को संतोष हुआ।


आयुष ग्राम चिकित्सालय में १९ जनवरी २०२० की रिपोर्ट 

            मुझे २ हफ्ते में ही आयुष ग्राम ट्रस्ट, चित्रकूट की चिकित्सा से बहुत आराम मिला, ऐसा आराम मिला जो दिल्ली के बड़े-बड़े अस्पतालों में नहीं मिला। अब १५ दिन के बाद १ माह की दवायें देकर डिस्चार्ज कर दिया गया और अगले माह फिर से २ सप्ताह के लिए रहने को कहा। मैंने ऐसा ही किया घर पर १ माह की दवायें खाने के बाद फिर से हम वहाँ पहुँचे और फिर से जाँचें हुयी फिर २ सप्ताह के लिये रह गया। यहाँ इविडेन्स बेस्ड ट्रीटमेण्ट किया जता है, पूरी तरह से जाँचों के द्वारा परखा जाता है कि रोगी को कितना लाभ हो रहा है।



            अब मुझे काफी आराम है। मेरी अंग्रेजी दवायें सारी बन्द हो गयी हैं, मुझे अटैक आने बन्द हो गये, भूख अच्छी लगने लगी, मेरा चिड़चिड़ापन, गुस्सा बिल्कुल खत्म हो गया, शरीर की सूजन पहले से कम है, पेट अच्छे से साफ होने लगा है और मेरी रक्त रिपोर्ट भी अब सही आ रही है क्रिटनीन ५.४२ एमजी/डीएल से घटकर २.९८ एमजी/डीएल आ गया। यूरिया ११५ एमजी/डीएल से घटकर ८९.८८ एमजी/डीएल आ गया। 


३१ जनवरी २०२० की रिपोर्ट

            मैं बहुत खुश हूँ कि जो अंग्रेजी अस्पताल वाले इतने दिनों में इलाज के बावजूद भी कम नहीं कर पा रहे थे अब मैं बिना डायलेसिस के जिन्दा हूँ। मेरे इस स्टेंटमेंट को आप सभी आगे बढ़ायें ताकि और जो लोग डायलेसिस में फँसने जा रहे हों वे भी बचें। मेरी तरह दूसरों को भी आयुष चिकित्सा से लाभ मिले यही मेरी भावना है।

कौशल किशोर विस्वारी, डी.ओ. (म.प्र. ग्राम विकास विभाग), छतरपुर
निवास- पायल ढाबा के पीछे, राधिका गार्डेन, छतरपुर (म.प्र.)



डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुसरण करते हैं ।

डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।


सरकार आयुष को बढ़ाये मानव का जीवन बचाये!!
     सरकार को फिर से भारत में अंग्रेजी अस्पताल और अंग्रेजी मेडिकल कॉलेजों की जगह अच्छे और समृद्ध आयुष संस्थान खोलने चाहिए तथा उनसे पूरी क्षमता से कार्य लेना चाहिए। इससे भारत का मानव हार्ट के ऑपरेशनछेड़छाड़ स्टेंट और डायलिसिस जैसी स्थितियों से बचकर और हार्ट को स्वस्थ रख सकेगा। क्योंकि हार्ट के रोगी पहले भी होते थे आज भी होते हैं और आगे भी होते रहेंगे। जिनका सर्वोच्च समाधान आयुष में है। आयुष ग्राम चित्रकूट एक ऐसा आयुष संस्थान है जहाँ ऐसे-ऐसे रस-रसायनों/ औषध कल्पों का निर्माण और संयोजन करके रखा गया है जो जीवनदान देते हैं। पंचकर्म की व्यवस्था एम.डी. डॉक्टरों के निर्देशन में हो रही हैपेयाविलेपीयवागू आदि आहार कल्पों की भी पूरी उपलब्धता है इसलिये यहाँ के ऐसे चमत्कारिक परिणाम आते हैं।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य



डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 


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