(लगातार किडनी फेल्योर में सफलता) डायलेसिस छुड़ायी आयुष ग्राम चित्रकूट ने जीवनदान दिया!!


क्या ये सही नहीं है !!
किडनी और हृदय रोगों की चिकित्सा आयुष में बहुत ही उत्कृष्ट है, ऐसे रोगी जिनकी अंग्रेजी दवा खाते - खाते शरीर की जीवनीय शक्ति और व्याधिक्षमत्व शक्ति पूरी तरह से नष्ट हो जाती है ऐसे रोगियों को आयुष चिकित्सा बहुत ही परिणामोत्पादक, प्रभावशाली और जीवनदायिनी है, किन्तु लोगों में जागरूकता का आभाव है जन - जन को इसका प्रचार करना चाहिए। आज अंग्रेजी इलाज की स्थिति यह है कि पहले एक गोली से इलाज शुरू होता है धीरे-धीरे वह हार्टकिडनीलिवर का रोगी बन जाता है और फिरकभी भी बन्द न होने वाली दवाओं का सिलसिला चलने लगता है। जबकि आयुष चिकित्सा में दवायें धीरे-धीरे घटते-घटते बिल्कुल बन्द हो जाती हैं। ऐसे में आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि पीड़ित मानव का सही मार्गदर्शन करें और उन तक जानकारी पहुँचायें, ताकि ऐसे पीड़ित मानव का कल्याण हो सके और लोग अंग्रेजी दवाओं के जाल से बच सकें 

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५


Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)
श्री ज्युतराम यादव साथ में उनका पुत्र संतोष कुमार यादव 


           
मैं संतोष कुमार यादव मेरी इलेक्ट्रानिक की दुकान है और आवास है ५२६/२३, ए.आर. गाँधी नगर कॉलोनी, मीरापुर बमही, वाराणसी (उ.प्र.)। मेरे पिता जी को १५ साल से सुगर व हाई ब्लडप्रेशर की समस्या रहती थी और तभी से अंग्रेजी दवायें ले रहे थे।
            ८-९ माह पहले एक दिन पिता जी का सुगर ५५० एमजी/डीएल हो गया पिता जी को बहुत परेशानी होने लगी तो मैं बनारस के डॉ. नितिन अग्रवाल के पास ले गया, उन्होंने जाँचें करवायीं तब जाँच में क्रिटनीन बढ़ गया। डॉक्टर साहब ने समझाया और कुछ दिन की दवायें दीं, इस प्रकार डॉक्टर अग्रवाल जी का ६ माह तक इलाज चला।
            घर पर पिता जी ने खान-पान पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया तो फिर से समस्यायें होने लगीं। तो मैं फिर से बनारस के डॉक्टर नितिन अग्रवाल जी के पास पहुँचा, उन्होंने फिर से जाँचें करवायीं, जाँच में क्रिटनीन और बढ़ गया, उन्होंने ३ माह तक इलाज किया लेकिन क्रिटनीन कम होने की जगह बढ़ता ही चला जा रहा था अब  उन्होंने डायलेसिस के लिए बोल दिया।
            फिर मैं बनारस के ही दूसरे हेरीटेज हॉस्पिटल ले गया, वहाँ पर फिर से सभी जाँचें हुयीं और १ हफ्ते के लिए भर्ती रहा, वहाँ पर मेरा लगभग डेढ़ लाख रुपये लग गया लेकिन कोई आराम नहीं मिला। जाँच में क्रिटनीन ९.६ आ गया। हेरीटेज हॉस्पिटल के डॉक्टर ने तुरन्त डायलेसिस करवाने के लिए बोला।


            तो मैं अपने पिता जी को बीएचयू के डॉक्टर राणा गोयल सिंह के पास ले गया, वहाँ पर उन्होंने सभी जाँचें करवायीं, तो जाँच में क्रिटनीन १० एमजी/डीएल, यूरिया २२० एमजी/डीएल, हिमोग्लोबिन ७.५ आया। उन्होंने भी १ हफ्ते की अंग्रेजी दवायें दीं और डायलेसिस के लिए कहा, मैं डायलेसिस के लिए नम्बर भी लगवा दिया तभी मुझे उसी दिन एक व्यक्ति के द्वारा जो अपना भी इलाज आयुष ग्राम ट्रस्ट चिकित्सालय चित्रकूट से करवा चुके हैं के द्वारा पता चला, मैंने अच्छे से जानकारी के लिए फोन में सर्च कर सब पता किया और तुरन्त बिना डायलेसिस करवाये सीधे चित्रकूट रात में पहुँचा, लेकिन गार्ड से पूछने पर उसने सब कुछ बताया और रात में रुकने की व्यवस्था की। मैं रात में आराम से रुका और सुबह सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करवाया फिर मेरा नम्बर आने पर मुझे डॉक्टर वाजपेयी जी के पास ओपीडी-२ में बुलाया गया, उन्होंने सारी समस्यायें पूछीं और जाँच करवायी और जाँच के बाद सर के पास फिर से बुलाया गया।
            जब मैं अपने पिता जी को लेकर सर के पास आया था तब वह व्हील चेयर से आये थे, वह बिल्कुल उठ तक नहीं पा रहे थे, बिस्तर में लेटे रहते थे, पैरों में सूजन, धीरे-धीरे पूरे शरीर में सूजन, कमजोरी, अंग्रेजी दवायें सुगर व बीपी की लेते ही थे।

            जाँच में क्रिटनीन ९.६ एमजी/डीएल, यूरिया २१६.८ एमजी/डीएल, हिमोग्लोबिन ८.४, सीआरपी ६७.४ एमजी/डीएल, फास्फोरस ६.७, एएलपी १८९.४ आया। सर से मैंने कहा कि मैं बहुत परेशान हो गया हूँ, मेरे ५-६ लाख रुपये भी लग गये और फिर भी मेरे पिता जी की यह हालत है। उन्होंने मुझे समझाया और १ हफ्ते भर्ती रखकर देखने के लिए कहा। मैंने १ हफ्ते के लिए भर्ती किया, लेकिन २-३ दिन बाद मेरे पिता जी का सुगर बहुत लो हो गया, बीपी हाई हो गया तो उन्होंने मुझे कहा कि आप डायलेसिस करवायें फिर देखेंगे। मैंने सोचा कि डायलेसिस के बाद डायलेसिस झूटेगी नहीं पर उन्होंने आश्वासन दिया कि हम पूरा प्रयास करेंगे। डायलेसिस के लिए रिफर कर दिया।


            मैं इन्हें ओपल हॉस्पिटल बनारस ले गया, वहाँ पर डायलेसिस हुयी, लेकिन पिता जी की और हालत खराब होने लगी तो मैं लक्ष्मी मेमोरियल हॉस्पिटल ले गया, वहाँ पर ३ डायलेसिस और हुयीं और फिर मैं दूसरे दिन ही चित्रकूट पहुँचा। सर ने देखा, जाँच करवायी और आवश्यकतानुसार समय के लिये भर्ती किया मैंने भर्ती कर दिया, जैसे ही आयुष की दवाइयाँ, थैरापी, खान-पान, डॉक्टर और नर्सेज की देख-रेख चली तो हफ्ते भर में आराम मिलने लगा, अब उन्होंने २ हफ्ते और बढ़ा दिया।
            इस प्रकार मुझे २१ दिन हो गये और अब मेरे पिता जी काफी स्वस्थ हैं। न तो कोई डायलेसिस की जरूरत पड़ी, जबकि अंग्रेजी डॉक्टरों ने १ हफ्ते में ३ डायलेसिस के लिए बोला था। लेकिन २१ दिन में एक दिन भी डायलेसिस की जरूरत नहीं पड़ी, सुगर व बीपी भी नार्मल रहने लगा और अंग्रेजी दवायें भी सुगर की छोड़कर सारी बन्द हो गयीं और १ माह की दवा देकर डिस्चार्ज कर दिया गया और १ माह बाद १५ दिन भर्ती रखकर पंचकर्म करवाने को बोला। अब मुझे विश्वास है कि अब मेरे पिता जी पूर्णत: स्वस्थ हो जायेंगे।


            मैं बहुत खुश हूँ कि अब कोई डायलेसिस नहीं करवानी पड़ेगी और न ही किसी अंग्रेजी दवा का सपोर्ट लेना पड़ा। मैं आयुष ग्राम ट्रस्ट के चिकित्सालय चित्रकूट की गतिविधियों को देखकर यह कहता हूँ कि आयुष चिकित्सा की औषधियों और थैरापी आदि में इतनी क्षमता है कि वह एक बार मुर्दे को भी जिन्दा कर सकती हैं यह मैंने अपने पिता जी पर देखा और वहाँ भर्ती कई दूसरे रोगियों में देखा। बस! डॉक्टरों और मेडिकल की टीम डॉ. वाजपेयी के नेतृत्व में आयुष ग्राम चित्रकूट जैसी हो। मैं आजीवन ऋणी हूँ यहाँ के डॉक्टरों और स्टॉफ का। सरकार को ऐसे आयुष संस्थानों को महत्व देना चाहिए ताकि लोग नया जीवन पायें और सभी को ऐसे समाचार सब जगह पहुँचाना चाहिए।


संतोष कुमार यादव पुत्र श्री जीउत राम यादव
५२६/२३ ए.आर.आई. गाँधी नगर कॉलोनी,
 मीरापुर बमही, वाराणसी (उ.प्र.)



डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुसरण करते हैं ।
डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य



डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 


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