मेरा बेटा डायलेसिस से बचा : किडनी काम करने लगी


क्या ये सही नहीं है !!
किडनी और हृदय रोगों की चिकित्सा आयुष में बहुत ही उत्कृष्ट है, ऐसे रोगी जिनकी अंग्रेजी दवा खाते - खाते शरीर की जीवनीय शक्ति और व्याधिक्षमत्व शक्ति पूरी तरह से नष्ट हो जाती है ऐसे रोगियों को आयुष चिकित्सा बहुत ही परिणामोत्पादक, प्रभावशाली और जीवनदायिनी है, किन्तु लोगों में जागरूकता का आभाव है जन - जन को इसका प्रचार करना चाहिए। आज अंग्रेजी इलाज की स्थिति यह है कि पहले एक गोली से इलाज शुरू होता है धीरे-धीरे वह हार्टकिडनीलिवर का रोगी बन जाता है और फिरकभी भी बन्द न होने वाली दवाओं का सिलसिला चलने लगता है। जबकि आयुष चिकित्सा में दवायें धीरे-धीरे घटते-घटते बिल्कुल बन्द हो जाती हैं। ऐसे में आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि पीड़ित मानव का सही मार्गदर्शन करें और उन तक जानकारी पहुँचायें, ताकि ऐसे पीड़ित मानव का कल्याण हो सके और लोग अंग्रेजी दवाओं के जाल से बच सकें 

 डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५

Evidence based treatment (वैज्ञानिक प्रमाण युक्त चिकित्सा)

विवेक कुमार और उसके मामा जी 


            मैं ड्राइवरी करता हूँ मेरे ७ साल के बेटे को एक दिन ५ जनवरी २०२० को अचानक पेट में असहनीय दर्द होने लगा। मैं अपने बेटे को गाँव के ही एक डॉक्टर सुमेर वर्मा जी के पास ले गया, उन्होंने कुछ अंग्रेजी दवायें दी, लेकिन दर्द में बिल्कुल आराम नहीं हुआ। फिर हम लोग दूसरे दिन ही फतेहपुर के न्यू अलकबीर हॉस्पिटल में ले गये, उस समय मेरे बेटे को दर्द बहुत था, चक्कर जैसे झटके भी आ रहे थे। डॉक्टर साहब ने कुछ जाँचें करवायीं, जाँच में हीमोग्लोबिन ३.५ जीएम, मलेरिया (+) निकला, क्रिटनीन २.० एमजी/डीएल, यूरिया १५३.० एमजी/डीएल आया।


 जाँच देखने के बाद डॉक्टर ने बताया कि खून बहुत कम है, खून चढ़ाना पड़ेगा और पीलिया, मलेरिया है और किडनी में इन्फेक्शन भी हो रहा है। खून कम होने के कारण मैंने ४ यूनिट खून चढ़वाया और ग्लूकोज की बोतल चढ़वायी। खून चढ़ने के बाद पेट का दर्द व चक्कर बिल्कुल ठीक हो गये, मुझे लगा कि मेरा बेटा अब बिल्कुल ठीक है, मेरी आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण मैंने डिस्चार्ज कराने के लिये बोला, तो वहाँ के डॉक्टर ने बताया कि मरीज की स्थिति ठीक नहीं है, लेकिन अपनी मर्जी से जबदस्ती अपने बेटे का डिस्चार्ज करवा लिया। न्यूअलकबीर हॉस्पिटल की जाँच में हीमोग्लोबिन ७.० जीएम, क्रिटनीन ७.७ एमजी/डीएल, यूरिया ३०३.६ एमजी/डीएल आया। बताया गया कि किडनी फेल है और कानपुर ले जाओ।


            मैं अपने बेटे को डिस्चार्ज करवाने के बाद घर ले आया। घर आने के बाद मुझे एक व्यक्ति जो अपना इलाज आयुष ग्राम ट्रस्ट चिकित्सालय, चित्रकूट में चल रहा है के द्वारा पता चला। मैं तुरन्त उनसे पूरा पता लेकर दूसरे दिन ही आयुष ग्राम ट्रस्ट चिकित्सालय, चित्रकूट पहुँचा। मैंने रजिस्ट्रेशन करवाया और फिर नम्बर आने पर मुझे रोगी सहित किडनी, हार्ट, रीढ़, शिरो रोग की ओपीडी-२ में डॉक्टर वाजपेयी साहब के पास बुलाया गया, उन्होंने सारी समस्यायें पूछीं, पुरानी सभी जाँचें देखीं, रोगी को देखा और बोले कि आप परेशान न हों मैं पूरी कोशिश करता हूँ, यह सुनकर मैं रोने जैसा लगा कि मेरा बेटा इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी बीमारी को कैसे पार कर पायेगा और मेरी आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण मैं भी बहुत परेशान था, डॉक्टर साहब ने बहुत अच्छे से समझाया और खून की जाँच करवाने को कहा। मैंने जाँच करवायी जाँच आने के बाद डॉक्टर साहब ने बताया कि हीमोग्लोबिन ७.०९ जीएम, क्रिटनीन ७.९ एमजी/डीएल, यूरिया २७६.६ एमजी/डीएल, यूरिक एसिड ८.६ एमजी/डीएल, बिल्यूर्बिन ०.६ एमजी/डीएल, फास्फोरस ८.० निकला।



17 जनवरी 2020 को pathkind से करवाई गई रिपोर्ट 

            आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट के डॉक्टर साबह ने कहा कि इसे १५ दिन यहाँ पर रखना होगा। जिसे कुछ थैरेपी भी दी जायेंगी और चिकित्सीय निगरानी में भी रहेगा। खान-पान, दवायें सब डॉक्टर व नर्सेज की निगरानी में होगी। मैं बेटे को लेकर आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट में रह गया। बेटे को भूख बिल्कुल नहीं लग रही थी, खाना देखते ही उल्टी होने लगती थी, कमजोरी बहुत थी, किसी से बात नहीं करता, न ही बोलता और न ही हँसता, बस अपने बिस्तर में ही गुमसुम सा लेटा रहता था। भूख न लगने के कारण खाने में सिर्फ  मूँग की दाल का पानी व गाय का दूध कुछ दिन दिया गया, फिर धीरे-धीरे खिचड़ी खाने लगा और अब आज १५ दिन में मेरा बेटा काफी स्वस्थ है और अब तो उसे भूख भी अच्छी लगने लगी, जो पहले किसी से बोलता हँसता नहीं था वह भी अब बोलता है, हम लोगों से बातें करता है और भूख तो अब उसे बहुत अच्छी लगने लगी है और आज मेरे बेटे की जाँच करवाई गयी तो जाँच में हीमोग्लोबिन ८.६ जीएम, क्रिटनीन ०.९ एमजी/डीएल, यूरिया ४९.२ एमजी/डीएल, फास्फोरस ५.६, यूरिक एसिड ५.२ एमजी/डीएल आ गया। 

29 जनवरी को करवाई गई रिपोर्ट 

मैं जाँच तो देखना नहीं जानता था पर यहाँ की नर्सों से पूछने पर उन लोगों ने बताया कि आपके बेटे की रिपोर्ट बिल्कुल नार्मल है, उन्होंने कहा कि बस परहेज का ध्यान रखना आपका बेटा बिल्कुल ठीक हो जायेगा। मैं यह सुनकर कितना खुश हूँ कह नहीं सकता, मुझे १ माह दी दवा लिख दी गयी और डिस्चार्ज कर दिया।


            मैं तो यह कह सकता हूँ कि अंग्रेजी दवाओं और अस्पतालों से मेरा बेटा बर्बाद हुआ उसकी किडनी फेल हुयी पर समय से आयुष ग्राम चिकित्सालय, चित्रकूट आ गया और जीवन बच गया।

इस केस को पढ़ने के बाद आपके सुझाव, विचार, और वार्ताओं की प्रतीक्षा रहेगी  

कृपया comment box में comment अवश्य करें


विवेक कुमार पुत्र श्री कैलाश कुमार
नवाबगंज मजरेअलदादपुर, निजामुद्दीनपुर,
 जिला- फतेहपुर (उ.प्र.)




डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुशरण करते हैं ।

डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।


सरकार आयुष को बढ़ाये मानव का जीवन बचाये!!
     सरकार को फिर से भारत में अंग्रेजी अस्पताल और अंग्रेजी मेडिकल कॉलेजों की जगह अच्छे और समृद्ध आयुष संस्थान खोलने चाहिए तथा उनसे पूरी क्षमता से कार्य लेना चाहिए। इससे भारत का मानव हार्ट के ऑपरेशनछेड़छाड़ स्टेंट और डायलिसिस जैसी स्थितियों से बचकर और हार्ट को स्वस्थ रख सकेगा। क्योंकि हार्ट के रोगी पहले भी होते थे आज भी होते हैं और आगे भी होते रहेंगे। जिनका सर्वोच्च समाधान आयुष में है। आयुष ग्राम चित्रकूट एक ऐसा आयुष संस्थान है जहाँ ऐसे-ऐसे रस-रसायनों/ औषध कल्पों का निर्माण और संयोजन करके रखा गया है जो जीवनदान देते हैं। पंचकर्म की व्यवस्था एम.डी. डॉक्टरों के निर्देशन में हो रही हैपेयाविलेपीयवागू आदि आहार कल्पों की भी पूरी उपलब्धता है इसलिये यहाँ के ऐसे चमत्कारिक परिणाम आते हैं।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य



डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 


Post a Comment

0 Comments