डायलेसिस बन्द नया जीवन मिला : आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम से !!


क्या ये सही नहीं है !!
किडनी और हृदय रोगों की चिकित्सा आयुष में बहुत ही उत्कृष्ट है, ऐसे रोगी जिनकी अंग्रेजी दवा खाते - खाते शरीर की जीवनीय शक्ति और व्याधिक्षमत्व शक्ति पूरी तरह से नष्ट हो जाती है ऐसे रोगियों को आयुष चिकित्सा बहुत ही परिणामोत्पादक, प्रभावशाली और जीवनदायिनी है, किन्तु लोगों में जागरूकता का आभाव है जन - जन को इसका प्रचार करना चाहिए। आज अंग्रेजी इलाज की स्थिति यह है कि पहले एक गोली से इलाज शुरू होता है धीरे-धीरे वह हार्टकिडनीलिवर का रोगी बन जाता है और फिरकभी भी बन्द न होने वाली दवाओं का सिलसिला चलने लगता है। जबकि आयुष चिकित्सा में दवायें धीरे-धीरे घटते-घटते बिल्कुल बन्द हो जाती हैं। ऐसे में आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि पीड़ित मानव का सही मार्गदर्शन करें और उन तक जानकारी पहुँचायें, ताकि ऐसे पीड़ित मानव का कल्याण हो सके और लोग अंग्रेजी दवाओं के जाल से बच सकें 

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५

श्री परमात्मा शुक्ल जी अपनी पत्नी के साथ आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट में ||

            मेरे पिता श्री परमात्मा शुक्ल उम्र ५८ को १० साल से मधुमेह था। मधुमेह की दवाइयां १० साल से अंग्रेजी अस्पतालों की चलती रहीं। २२ दिसम्बर २०१९ को अचानक सीने में भयंकर दर्द हुआ और बेहोश हो गये। हम सभी घर वाले बहुत परेशान हो गये हम लोग तुरन्त ही नजदीक के ही अंग्रेजी डॉ. जाहिर हुसैन जी को सीनियर रेजीडेन्ट  मेडिकल कॉलेज भठही में दिखाया। वहाँ उन्होंने हार्ट अटैक बताया और इकोस्प्रिन आदि कुछ दवायें लिखी। इसके बाद २२ दिसम्बर २०१९ को ही वर्तिका आरान हार्ट केयर सेण्टर में डॉ. कृष्ण कुमार शाही जी को दिखाया वहाँ ३ दिन तक आई.सी.यू. में भर्ती रहे।


            वहाँ उन्होंने २५ दिसम्बर २०१९ को कुछ जाँचें करवायीं बताया कि हार्ट में ब्लॉकेज है। यूरिया १६१.७ एम.जी./डी.एल., क्रिटनीन ६.८ एमजी % यूरिक एसिड ९.६ एमजी % निकला वहाँ से डॉ. ने सांई हॉस्पिटल डायलेसिस के लिये रिफर कर दिया, वहाँ उन्होंने लगातार तीन डायलेसिस की फिर लगातार डायलेसिस चलने लगी। डायलेसिस से बहुत कमजोरी लगती थी और श्वास भी फूलने लगी थी। तभी हमारे नजदीकी के एक रिश्तेदार जिनका इलाज यहाँ आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम के चिकित्सालय में चल रहा था उन्होंने बताया आप एकबार वहाँ ले जाइये वहाँ हार्ट और किडनी का अच्छा इलाज है  और आयुष पैथी से इलाज है। हमें विश्वास है कि इनका जीवन बच जायेगा। हम लोग ९ जनवरी २०२० को आयुष ग्राम चिकित्सालय चित्रकूट आये रजिस्ट्रेशन हुआ और ओपीडी  नं. ५ में डॉ. वाजपेयी जी के यहाँ बुलाया गया उन्होंने जाँच और दवा के पर्चे देखे। फिर २ हफ्ते रहने की सलाह दी। हम यहाँ पर १० जनवरी २०२० को रह गये, चित्रकूट में जाँच हुयी तो एच.बी. ९.० यूरिया ११९.७ एमजी % क्रिटनीन ५.० एम.जी./डी.एल. यूरिक एसिड ७१ एम जी/डी एल निकला।


यहाँ उन्हें स्वेदन, स्नेहन, बस्ति आदि थैरेपी दी गयी बहुत आरामदायक चिकित्सा रही और सप्ताह में एक - एक बार जाँचें भी करवायी। अब पिता जी की इन्सुलिन भी कम हो गयी पहले १० यूनिट इन्सुलिन लगाते थे लेकिन अब जरूरत पड़ने पर लगाते हैं अब सीने का दर्द मिट गया और श्वास और कमजोरी में भी आराम है आज मेरे पिता जी का डिस्चार्ज है। आज  की जाँच में एच.बी. ९.० एमजी/डीएल, यूरिया ६४.२ क्रिटनीन २.९६ एमजी/डीएल हो गया है वह भी दो सप्ताह में।


            मैं समाज को संदेश देना चाहता हूँ कि मेरे पिता जी को आयुष चिकित्सा से ही जीवनदान मिला नहीं हम तो बार्बद ही थे।
                                                                                     
                      
सुमित शुक्ल पुत्र परमात्मा शुक्ल
भठही बुजुर्ग, (भठही खुर्द),                                                                                         
कुशीनगर (उ.प्र.) २७४४०१

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