अंग्रेजी दवाइयों ने किया था बर्बाद ! डायलेसिस से बचाया, मौत से उबारा : आयुष ग्राम चित्रकूटधाम ने !!


आयुष के ऐसे हैं प्रभाव!!
हम यह नहीं कहते कि हम किडनीहार्ट या रीढ़ (स्पॉण्डिलाइटिस)चर्म रोगियों को शत प्रतिशत स्वस्थ कर देते हैं पर यह तो अवश्य कह सकते हैं कि हम इन रोगों में अंग्रेजी चिकित्सा से अच्छे और औसत से अधिक अच्छे परिणाम देते हैं। बस! रोगी इतना देर करके न आये। आज अंग्रेजी इलाज की स्थिति यह है कि पहले एक गोली से इलाज शुरू होता है धीरे-धीरे वह हार्टकिडनीलिवर का रोगी बन जाता है और फिरकभी भी बन्द न होने वाली दवाओं का सिलसिला चलने लगता है। जबकि आयुष चिकित्सा में दवायें धीरे-धीरे घटते-घटते बिल्कुल बन्द हो जाती हैं। एक नहींसैकड़ों हार्ट रोगीसैकड़ों किडनी रोगी इसके प्रमाण हैं जिनका डाक्यूमेंट्री रिकॉर्ड आयुष ग्राम चित्रकूट में रखा जाता है। ऐसे में आप सभी का पावन कर्तव्य बनता है कि पीड़ित मानव का सही मार्गदर्शन करें और उन तक जानकारी पहुँचायेंशायद वे भी समय से आयुष चिकित्सा में पहुँचकर आपके मार्गदर्शन से इनकी तरह जीवन लाभ पा सकें।

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
संस्थाध्यक्षआयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूटधाम (उ.प्र.) २१०२०५

मेंहदी हसन और साथ में उनकी पत्नी 

मुझे १६ साल पहले एक दिन पेट में दर्द हुआ, तो मुरादाबाद में ही एक डॉक्टर को दिखाया। उन्होंने इंजेक्शन लगाया और कुछ अंग्रेजी दवायें दीं। पेट का दर्द ठीक हो गया। बीच-बीच में जब भी पेट दर्द होता तो उसी डॉक्टर से इंजेक्शन और अंग्रेजी दवायें लेकर खा लेता था। लेकिन एक दिन अचानक पेट में बहुत तेज दर्द हुआ, तो उसी डॉक्टर के पास फिर से गया, उन्होंने कुछ इंजेक्शन व दवायें दी लेकिन ठीक न होने पर काशीपुर के डॉक्टर रस्तोगी जी के पास गया, उन्होंने अल्ट्रासाउण्ड करवाया, अल्ट्रासाउण्ड में किडनी में पथरी बतायी गयी और ऑपरेशन की बात की। मैंने ऑपरेशन करवा लिया, कुछ साल तो सबकुछ ठीक रहा, लेकिन फिर कभी-कभी पेट दर्द हो जाता था। मैं ऐसे ही दुकानों से दर्द की दवा लेकर खाता रहता था।
अब मुझे दिसम्बर २०१९ में अचानक फिर से तेज दर्द उठा, उल्टियाँ होने लगीं, कमर में दर्द, भूख नहीं लगने लगी, पेट खराब रहने लगा। श्वास फूलती थी, नींद नहीं आती, ब्लडप्रेशर बढ़ने लगा, घबराहट, बेचैनी, पेशाब में जलन होने लगी। इन सब समस्याओं के कारण मैं काशीपुर (ऊधम सिंह नगर) के कृष्णा हॉस्पिटल गया, वहाँ के डॉक्टरों ने मुझे तुरन्त आईसीयू में भर्ती कर दिया और ४ दिन तक आईसीयू में रखा, अंग्रेजी दवायें दी, इंजेक्शन लगाया फिर पेशाब में नली डाल दी। लेकिन आराम न मिलने पर घर वाले काशीपुर (ऊधम सिंह नगर) के उजाला हॉस्पिटल में ले गये, वहाँ पर पूरी जाँचें हुयीं और बताया गया कि मेरी दोनों किडनी खराब हो गयी हैं, खून की जाँच में हीमोग्लोबिन ८.३, क्रिटनीन ९.० एमजी/डीएल और ब्लड यूरिया नाइट्रोजन ७९.० एमजी/डीएल आया। मुझे भर्ती रखा फिर ३ दिन बाद यानी ३० दिसम्बर २०१९ को जब जाँच करायी तो क्रिटनीन बढ़कर ११.७, ब्लड यूरिया नाइट्रोजन ११३.८ और यूरिक एसिड १३.४ आया।


अब डॉक्टरों ने तुरन्त डायलेसिस के लिए कहा, हमने मना कर दिया तो उन्होंने कहा कि आपको बिना डायलेसिस के कोई ठीक नहीं कर पायेगा। तभी काशीपुर के एक बहुत बड़े व्यवसायी हरिओम अग्रवाल जी, जो अपनी किडनी का इलाज आयुष ग्राम चित्रकूट से करवाकर ठीक हुए हैं, से भेंट हो गयी उन्होंने आयुष ग्राम ट्रस्ट चिकित्सालय, चित्रकूट के बारे में बताया। मैं अपने लड़के व पत्नी के साथ तुरन्त आयुष ग्राम चित्रकूट चल दिया, १ जनवरी २०२० को यहाँ आ गया, मेरा रजिस्ट्रेशन हुआ, फिर मेरा नम्बर आने पर मुझे हार्ट, किडनी, रीढ़ चिकित्सा विभाग की ओपीडी-२ में डॉक्टर वाजपेयी जी के पास बुलाया गया। उन्होंने सारी रिपोर्ट देखीं खून की जाँचें करवायीं हीमोग्लोबिन ९.०, क्रिटनीन १३.५ एमजी/डीएल, यूरिया २७४.५ एमजी/डीएल, फास्फोरस ६.२ हो गया था। उन्होंने कहा कि हालत तो गम्भीर है, लेकिन यहाँ रखकर देखते हैं।



मैंने भी कह दिया कि मैं तो ठीक होकर ही जाऊँगा। अभ्यंग, शिरोधारा, बस्ति आदि थैरेपी तथा दवायें चलीं। भोजन में १० दिन तक केवल कृशरा दिया गया। १० दिन बाद फिर रोटी, सब्जी आदि दी गयी। ७ दिन बाद जाँच करवायी गयी तो चमत्कार हो गया- 



हीमोग्लोबिन ९.०, क्रिटनीन ८.५ एमजी/डीएल, यूरिया १९३.८ एमजी/डीएल, फास्फोरस ५.६ आया। डॉक्टर साहब ने जाँचें देखीं तो मुझे तुरन्त ओपीडी में बुलाया और कहा कि आपकी रिपोर्ट बहुत अच्छी आ रही है और मेरी पेशाब की जगह में पड़ी नली निकाल दी। थैरापी और दवायें चलती रहीं। अब मुझे १५ दिन के बाद डिस्चार्ज किया गया और जाँच करायी तो आज- क्रिटनीन १.७१ एमजी/डीएल, यूरिया ६८.४८, यूरिक एसिड ६.८ आया।


मेरी पेशाब की नली निकलवा दी गयी, मेरा पेट दर्द बिल्कुल मिट गया, श्वास फूलना बन्द हो गया, पेट सही हो गया, अब भूख बहुत अच्छी लगने लगी है। सिर्फ कभी-कभी बीपी की दवा लेनी पड़ती है और सभी अंग्रेजी दवायें बन्द हैं मैं और मेरा पूरा परिवार बहुत खुश है कि मैं बिना डायलेसिस के आज भी जिन्दा हूँ।



       
आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट के डॉ. अर्चना वाजपेयी, डॉ. मदनगोपाल वाजपेयी, डॉ.आर.एस. शुक्ल, डॉ. परमानन्द वाजपेयी, ट्रेण्ड नर्सें, स्नेहा गुप्ता, शीलू सचान, दीप्ति कुलश्रेष्ठ, साधना, चन्दा, फार्मासिस्ट राहुल कुमार, शंकर लाल, आलोक जी आदि बहुत ही अच्छे से बातचीत और सहयोग करते हैं, यहाँ का वातावरण पूरी तरह प्राकृतिक, प्रदूषण रहित, शान्त है, अंग्रेजी अस्पतालों की तरह उमस नहीं है इसका भी रोगी पर बहुत पॉजिटिव असर पड़ता है। उन अंग्रेजी डॉक्टरों की बात झूठी कर दी आयुष ग्राम चित्रकूट ने जिन्होंने कह दिया था कि बिना डायलेसिस तुम्हे कोई ठीक नहीं कर सकता।

मेंहदी हसन
ठाकुर द्वारा, मुरादाबाद (उ.प्र.)
मोबा.नं.- ९९९७८०४७४६


डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुशरण करते हैं ।


डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।



सरकार आयुष को बढ़ाये मानव का जीवन बचाये!!
     सरकार को फिर से भारत में अंग्रेजी अस्पताल और अंग्रेजी मेडिकल कॉलेजों की जगह अच्छे और समृद्ध आयुष संस्थान खोलने चाहिए तथा उनसे पूरी क्षमता से कार्य लेना चाहिए। इससे भारत का मानव हार्ट के ऑपरेशनछेड़छाड़ स्टेंट और डायलिसिस जैसी स्थितियों से बचकर और हार्ट को स्वस्थ रख सकेगा। क्योंकि हार्ट के रोगी पहले भी होते थे आज भी होते हैं और आगे भी होते रहेंगे। जिनका सर्वोच्च समाधान आयुष में है। आयुष ग्राम चित्रकूट एक ऐसा आयुष संस्थान है जहाँ ऐसे-ऐसे रस-रसायनों/ औषध कल्पों का निर्माण और संयोजन करके रखा गया है जो जीवनदान देते हैं। पंचकर्म की व्यवस्था एम.डी. डॉक्टरों के निर्देशन में हो रही हैपेयाविलेपीयवागू आदि आहार कल्पों की भी पूरी उपलब्धता है इसलिये यहाँ के ऐसे चमत्कारिक परिणाम आते हैं।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य



डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 


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