आर्थ्रराइटिस ठीक कर विकलांगता से बचाया आयुष ग्राम चित्रकूट ने!!

श्रीमती सुमन सिंह जी अपने बेटे प्रभात सिंह जी के साथ आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट में ।।

मेरे पिता सेलटैक्स ऑफीसर और मैं बी.टेक का छात्र हूँ, मेरी उम्र २० साल है। पढ़ाई के चक्कर में मेरी लाइफ स्टाइल बिगड़ गयी मुझे अप्रैल २०१९ से दायें पैर के अंगूठे, गर्दन में दर्द रहता था और जकड़न शुरू हो गयी, तो मैंने मेरठ के डॉ.पी.के. सिंह सैनी जी को दिखाया उन्होंने सरवाईकल बताया और फिजियोथैरेपी कराने की सलाह दी और कुछ पेन किलर टेबलेट मडेरोल, साजो लगभग एक माह तक चलायी लेकिन आराम हुआ नहीं उल्टे पेट खराब रहने लगा, मन पता नहीं कैसे रहने लगा। तब मेरे पिता जी आर्थोपेडिक डॉ. सचिन्द्र शेखर मृत्युजय हॉस्पिटल मेरठ में दिखाया उन्होंने बताया आर्थ्रराइटिस की समस्या है और एक माह में दो बार फॉलीट्रेक्स इंजेक्शन लगाने के लिये बोले और कुछ पेन किलर देते थे लेकिन इसमें कुछ आराम था लेकिन डॉक्टर ने स्वयं कह दिया कि यह परमानेन्ट क्योर नहीं है तो मैंने होम्योपैथिक डॉक्टर नीरज शिवराज को दिखाया उनका १५ दिन तक इलाज कराया, उन्होंने बोनमेरो की समस्या बतायी और कहा कि आपको जीवनभर दवाइयाँ खानी पड़ेंगी लेकिन गर्दन और पैरों का दर्द कभी ठीक नहीं हुआ, हाथ-पैर जकड़ जाते थे, अब मैं पैर घसीटकर चलने लगा, जयपुर में दिखाया वहाँ भी आराम नहीं लगा, मेरा पूरा परिवार परेशान रहता था, मेरी माँ सुमन सिंह तो बहुत ज्यादा दुखी थी।



 सब कहते थे कि लड़के का भविष्य खराब हो गया तभी मेरे भाई जैसे परिचित बी.ए.एम.एस. डॉ. दीपक कुमार,गाजियाबाद के रहने वाले हैं उन्होंने आयुष ग्राम ट्रस्ट चिकित्सालय चित्रकू के बारे में बताया और जोर देकर कहा कि आप यहीं से ठीक हो सकते हो। मैं अपनी माँ-पिता के साथ १५ सितम्बर २०१९ को आयुष ग्राम ट्रस्ट, चित्रकू आ गया। रजिस्ट्रेशन करवाया और जब फिर मेरा नम्बर आया तो मैं मुझे ओपीडी-२ में बुलाया गया, वहाँ डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी जी ने सारी समस्यायें पूछीं, मैंने समस्यायें बताई तो उन्होंने कुछ जाँच करवायीं, जाँच में हीमाग्लोबिन १२.०, सीआरपी ५१.० एमजी/डीएल निकला।


हाथ-पैर और जकड़न थी और पैर लड़खड़ाकर चलते थे, असहनीय दर्द भी होता था। डॉक्टर साहब ने कहा कि आप लोग परेशान न हों ठीक हो जायेंगे। जबड़े में जकड़न थी, बोल नहीं पाता था, हिप में भी असहनीय दर्द होता था, सभी जोड़ों में सूजन थी, दर्द के कारण नींद नहीं आती थी।
डॉक्टर वाजपेयी जी ने कहा कि आप एक-एक माह के अन्तर में १०-१० दिन के लिये पंचकर्म थैरेपी लीजिये, दवा लीजिये सब ठीक हो जायेगा। इसमें बार-बार निगेटिव थ्रोट आते हैं तो भी चिन्ता न करियेगा सब ठीक हो जायेगा समय लगेगा। हम भी दृढ़ थे क्योंकि बीएएमएस डॉ. दीपक जी, गाजियाबाद ने भी बहुत बताया था। पहली बार १० दिन के लिये आयुष ग्राम चित्रकू में रह गये उन १० दिनों में मुझे स्नेहन और विरेचन और कुछ थैरेपी दी गयी तो मेरे गर्दन, हाथ-पैरों का दर्द और सभी जोड़ों का दर्द खत्म हो गया, सूजन कम हो गयी। एक माह बाद मैंने मेरठ में ही १३.१२.२०१९ को पुन: जाँच करायी तो सीआरपी १८.८ एमजी/डीएल था


 मुझे लगा कि मैं अब ठीक हो जाऊँगा, मैं पहले से अच्छा महसूस कर रहा हूँ, मेरे हाथ-पैरों की जकड़न, सूजन और दर्द बिल्कुल ठीक हो गया, जबड़े की भी जकड़न ठीक हो गयी है। तभी मौसम बदला तो कुछ दिक्कत बढ़ी पेट में कब्ज हो गया। तो डॉ. दीपक जी ने समझाया कि ऐसा तो साल भर चलेगा। परेशान न हों।
अब मैं चौथी बार यहाँ आयुष ग्राम चित्रकू में दिखाने आया हूँ अपने आप को स्वस्थ महसूस कर रहा हूँ।


इस समय मेरा सीआरपी घटकर ८.६ हो गया है,और कोई पेन किलर दवा और इंजेक्शन नहीं लेता मैं और मेरा परिवार बहुत खुश है कि आयुष ग्राम ट्रस्ट चिकित्सालय, चित्रकूट भगवान की पुरी से मुझे नया जीवन मिला। हम समाज को संदेश देना चाहते हैं कि यदि कोई भी परेशान हो तो आयुष अपनायें आप भी मेरी तरह ठीक होंगे।
मैं प्रभात की माँ सुमन सिंह, मुझे बहुत खुशी है कि मेरा बेटा ठीक हो गया, हम तो पूरी तरह निराश हो चुके थे। यहाँ पर मुझे बहुत अच्छा लगा, यह अस्पताल एकदम प्रदूषण रहित है, बहुत ही शान्त वातावरण में है भगवान श्रीराम की पुरी में है। यहाँ के डॉक्टर, स्टॉफ बहुत अच्छे हैं।

प्रभात सिंह
डी-४२, ग्रीन वुड सिटी, मेरठ (उ.प्र.)
मोबा.नं.- ८४४९६००६९८




डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुशरण करते हैं ।


डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।



सरकार आयुष को बढ़ाये मानव का जीवन बचाये!!
     सरकार को फिर से भारत में अंग्रेजी अस्पताल और अंग्रेजी मेडिकल कॉलेजों की जगह अच्छे और समृद्ध आयुष संस्थान खोलने चाहिए तथा उनसे पूरी क्षमता से कार्य लेना चाहिए। इससे भारत का मानव हार्ट के ऑपरेशनछेड़छाड़ स्टेंट और डायलिसिस जैसी स्थितियों से बचकर और हार्ट को स्वस्थ रख सकेगा। क्योंकि हार्ट के रोगी पहले भी होते थे आज भी होते हैं और आगे भी होते रहेंगे। जिनका सर्वोच्च समाधान आयुष में है। आयुष ग्राम चित्रकूट एक ऐसा आयुष संस्थान है जहाँ ऐसे-ऐसे रस-रसायनों/ औषध कल्पों का निर्माण और संयोजन करके रखा गया है जो जीवनदान देते हैं। पंचकर्म की व्यवस्था एम.डी. डॉक्टरों के निर्देशन में हो रही हैपेयाविलेपीयवागू आदि आहार कल्पों की भी पूरी उपलब्धता है इसलिये यहाँ के ऐसे चमत्कारिक परिणाम आते हैं।

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी         आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत), एल-एल.बी. (B.U.)
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव और आयुष ग्राम मासिक
पूर्व उपा. भारतीय चिकित्सा परिषद
उत्तर प्रदेश शासन 
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य



डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 

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