मेरी बेटी की छूटी डायलेसिस आयुषग्राम चित्रकूट से!!

साक्षी साथ में उसके पापा साहब लाल बिंद 

मेरी बेटी कु. साक्षी बिन्द को ८ सितम्बर २०१९ को बुखार आना शुरू हो गया था। अंग्रेजी इलाज में ले गये पैथोलॉजी में जांचें करवायी तो टाइफाइड की समस्या का पता चला। फिर अंग्रेजी डॉक्टर ने ३ बोतल चढ़ाई तो मेरी बेटी साक्षी बिन्द के पूरे शरीर में सूजन आनी शुरू हो गयी। मैं बहुत परेशान हो गया कि मेरी बेटी को क्या हो गया है तभी मैं घबराकर उसे प्रयागराज के चाइल्ड हॉस्पिटल ले गया। वहाँ पर डॉक्टर ने अल्ट्रासाउण्ड और फिर से खून की जांच करवायी। जांच आने के बाद डॉक्टर ने बताया कि तुम्हारी बेटी की किडनी खराब हो गयी है। वहाँ से दूसरे हॉस्पिटल (श्रीजन हॉस्पिटल) के लिये रिफर कर दिया। वहाँ १५ दिन के लिये भर्ती कर लिया तब उसका (क्रिटनीन- ९.० mg/dl, Urea – 153 mg/dl था तो डॉक्टर ने तुरन्त डायलेसिस के लिये कह दिया और कहा कि यदि डायलेसिस नहीं करेंगे तो आपकी बेटी मर जायेगी।
चाइल्ड केयर हॉस्पिटल प्रयागराज अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट 

चाइल्ड केयर हॉस्पिटल प्रयागराज किडनी की रिपोर्ट 
मैंने घबराकर हाँ ! कह दिया और ४ डायलेसिस हो गयी। खून कम था इसीलिये २ यूनिट ब्लड भी चढ़वा दिया। डायलेसिस होने से और अंग्रेजी दवायें चलने से मेरी बेटी की सूजन तो कम हो गयी लेकिन वह इतनी कमजोर हो गई कि अपने आप से चल भी नहीं पा रही थी, पेट में भारीपन, भूख नहीं लगती थी, पेट साफ नहीं होता था ये सभी समस्यायें होने लगी।
१५ दिन बाद वहाँ से डिस्चार्ज कर दिया गया, मैं कुछ अंग्रेजी दवायें लेकर घर आ गया। मैंने डिस्चार्ज के बाद जाँच करवायी तो क्रिटनीन - ४.१ mg/dl, Urea - ७३.७ mg/dl  हो गया डॉक्टर पूरी जिन्दगी डायलेसिस करवाने को बोले। जिस दिन मुझे श्रीजन हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया था मैं घर आ गया था अपनी बेटी को लेकर उसी रात अचानक २ बजे उसके सिर में बहुत तेज दर्द होने लगा। मैं जो दवायें लेकर आया वहीं तुरन्त दवायें खिलाई तो कुछ राहत मिली, सिर के दर्द में हल्का आराम मिल गया। लेकिन दूसरे दिन सुबह साक्षी को उल्टियां होने लगी, दवायें खाने पर भी ठीक नहीं हुई तो मैं उसे लखनऊ के आर्मी हॉस्पिटल लेकर गया। वहाँ पर भी उसे १५ दिन के लिये भर्ती कराने को कहा गया, मैंने फिर से १५ दिन के लिये भर्ती करवा दिया, भर्ती कराने के बाद दवायें चलीं, कुछ आराम मिल गया। १५ दिन के बाद फिर से डिस्चार्ज कर दिया और घर भेज दिया।


श्रीजन हॉस्पिटल में डायलेसिस के बाद की रिपोर्ट 
मैं बहुत परेशान था कि मेरी बेटी ठीक हो भी पायेगी कभी, मैं कहां दिखाऊं कि मेरी बेटी ठीक हो जाये। तभी मुझे एक व्यक्ति के द्वारा आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूट के चिकित्सालय के बारे में पता चला।
मैं ३ नवम्बर २०१९ को अपनी पत्नी व बेटी के साथ आयुष ग्राम ट्रस्ट के चिकित्सालय चित्रकूट पहुंचा, वहाँ पर पर्चा बना ओ.पी.डी. नं. ५ में बुलाया गया, सभी पुरानी रिपोर्ट्स देखीं और बोले कि आप लोग परेशान बिल्कुल न हों, इसे भर्ती करना होगा और कुछ थैरेपी और दवायें चलेंगी कोई चीर-फाड़ नहीं होगी। आपकी बेटी की डायलेसिस छूट जायेगी।
मैंने साक्षी को २ सप्ताह के लिये आयुष ग्राम चित्रकूट में भर्ती कर दिया यहाँ कुछ थैरेपी दी गयीं अंग्रेजी दवायें बन्द की गयीं। आयुर्वेदिक चिकित्सा चली १ सप्ताह के बाद मेरी बेटी के सिर में दर्द जो था उसमें आराम मिल गया, पेट साफ होने लगा, पेट के दर्द में आराम हो गया और हेमोग्लोबिन भी बढ़ गया और १ सप्ताह एल्बूमिन (+++) में जा रहा था वह भी १ सप्ताह बाद बिल्कुल नॉर्मल हो गया और खून चढ़वाने की भी जरूरत नहीं पड़ी और न ही मेरी बेटी को डायलेसिस की जरूरत पड़ी और अंग्रेजी दवायें सारी बन्द हो गयी थीं। रिपोर्ट्स भी अब नॉर्मल हो गयी है।
१ माह की दवायें लेकर घर आ गये, घर पर समय से दवायें खिलाते रहे। आज मुझे अपनी बेटी का आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट से इलाज करवाते डेढ़ माह हो गये हैं और आज मेरी बेटी ९० % से ज्यादा ठीक है या कहूँ कि पूरी ठीक है।


आयुष ग्राम चिकित्सालय में उपचार के बाद की रिपोर्ट 
मेरा परिवार इतना खुश है कि मैं क्या कहूँ। बस! इतना है कि मुझे पहले आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूट का पता चलता तो हमारी बर्बादी न होती। न धन जाता न समय। अंग्रेजी दवाइयों ने मेरी बेटी को बर्बाद किया। मैं कहती हूँ कि जितना बन सके उतना अंग्रेजी दवाओं से बचें तथा यदि किसी को किडनी, हार्ट आदि की परेशानी है तो ऑपरेशन/डायलेसिस आदि से बचकर आयुष ग्राम चित्रकूट पहुँचें आपको भी मेरी बेटी की तरह फायदा हो यही भगवान् से मनाते हैं।

बबिता बिन्द (माँ)
साहब लाल बिन्द (पापा)
बसन्त लाल बिन्द (बड़े पापा)
पिलखुना (रोही) जिला- भदोही (उ.प्र.)



त्रिवर्गशून्यं नारम्भं भजेत्तं चाविरोधयन ।।
                      अ.हृ.सू. 2/30
ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे धर्म-अर्थ-काम की प्राप्ति न हो ।।



डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी


डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुशरण करते हैं ।


आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी        आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधिएम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत )
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य


डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 




Post a Comment

0 Comments