बांदा-नरैनी, उ.प्र. -राम राज्याभिषेक के साथ हुआ रामलीला का भव्य समापन



नरैनी (बांदा)। क्षेत्र के पनगरा गांव स्थित आयुष ग्राम दिव्य चिकित्सा भवन के संस्थापक डा.मदनगोपाल बाजपेई के संयोजन में चल रही दस दिवसीय रामलीला के आखिरी दिन मप्र के रींवा खजूरीताल स्थित देश की ख्यातिलब्ध आदर्श रामलीला मंडली के कलाकारों ने रावण वध, राम की अयोध्या वापसी व राम राज्याभिषेक की लीला का मचंन किया। रावण वध व राम राज्याभिषेक के दौरान समूचा पंडाला जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।
गुरुवार की रात रामलीला के आखिरी दिन राम-रावण युद्ध का सजीव मंचन किया गया। श्रीराम ने जब रावण को वाण मार कर उसके सभी सिर व हाथ काट दिए तो एक बार फिर से उसके सिर व हाथ वापस जुड़ गए और वह पुनरू जीवित हो गया। तब विभीषण ने भगवान श्रीराम को रावण की नाभि में अमृत होने की बात बताई और श्रीराम ने रावण पर एक साथ 31 वाणों का प्रहार करके उसका अंत किया। समूची राक्षस जाति का अंत करके भगवान श्रीराम लक्ष्मण व सीता के साथ अयोध्या लौटे। अयोध्या में उनका जोरदार स्वागत हुआ और जय श्रीराम के उद्घोष के साथ श्रीराम, लक्ष्मण, सीता के दर्शन को अयोध्यावासी उमड़ पड़े।
इसके बाद भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक किया गया और कलाकारों के सम्मान के साथ रामलीला का समापन हुआ। इस मौके पर डा.मदनगोपाल बाजपेई ने वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश त्रिपाठी, लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी समेत दर्जन भर पत्रकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। रामलीला के दर्शकों में सीसीआईएम भारत सरकार के पूर्व अध्यक्ष डा.वेदप्रकाश त्यागी, आयुष्मा के राष्ट्रीय महासचिव डा.राम औतार चैधरी, डा.परमानंद बाजपेई, डा.अर्चना बाजपेई, उमाचरण बाजपेई, विष्णुकांत त्रिपाठी, श्यामप्रकाश शुक्ला, राजेंद्र द्विवेदी ओरन, सीताशरण यादव, राकेश प्रताप सिंह, गिरिराज दीक्षित, शिवधनी पांडेय, अशोक श्रीवास्तव, नवनीत त्रिवेदी, प्रेमप्रकाश मिश्रा, राकेश द्विवेदी, अनंतराम त्रिपाठी, डा.अवधबिहारी द्विवेदी समेत आयुष ग्राम के तमाम लोग मौजूद रहे

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