डायलेसिस बन्द हुयी, इंसुलिन छूटी, किडनी काम करने लगी!!


मैं कृषि कार्य करता हूँ। मेरी उम्र ४४ साल है। मुझे १७ साल से सुगर व हाई ब्लड प्रेशर की समस्या थी। सुगर व बीपी की अंग्रेजी दवायें चल रही थी लेकिन फिर सभी कण्ट्रोल नहीं हो पा रहा था। फिर अब ६ साल से अंग्रेजी दवायें १२ सालों से लेने पर भी इंसुलिन २ बार १०-१४ यूनिट सुबह-शाम चलने लगी, लेकिन मैं बहुत परेशान रहता था कि अंग्रेजी दवायें लेने के बाद भी अब इंसुलिन चलने लगी और यह मुझे पूरी जिन्दगी भर लेनी पड़ेगी।

आदित्य गौतम साथ में उनकी पत्नी 

            फिर मुझे १ साल पहले एक दिन अचानक  पूरे शरीर में सूजन आ गयी, पेट में पानी भर गया। मेरे घर वाले मुझे घबराकर अपोलो हास्पिटल विलासपुर (छ.ग.) ले गये, वहाँ पर डॉक्टरों ने देखा और सारी जाँचें करवायीं। जाँच आने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि आपकी किडनी में इंफेक्शन हो गया है। यूरिया, क्रिटनीन बढ़ गया है, इसके लिए मुझे आजीवन डायलेसिस करवानी पड़ेगी। मुझे बिलासपुर के अपोलो हास्पिटल में ७-८ दिन रखा गया और लगातार ५ डायलेसिस कर डाली और पेट का कई बार पानी निकाला, मेरा वजन उस समय ११४ किलो ग्राम हो गया था। डायलेसिस हमेशा के लिए बोले और अंग्रेजी दवायें चलती रहेंगी और सुगर की वजह से मेरे घाव होते रहते और फूटते रहते थे।



तभी मुझे फिर मेरे चाचा जी के द्वारा आयुष ग्राम (ट्रस्ट), चित्रकूट की मातृ संस्था दिव्य चिकित्सा भवन, पनगरा, बाँदा के बारे में पता चला, मैं दूसरे दिन आयुष ग्राम ट्रस्ट के चिकित्सालय, चित्रकूट पहुँचा। मेरा रजिस्ट्रेशन हुआ, फिर मेरा नम्बर आने पर मुझे डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (आयु. कायचिकित्सा) के पास बुलाया गया उन्होंने कुछ जाँचें करवाई और जाँच आने के बाद मुझे फिर से ओपीडी नम्बर-५ में बुलाया गया। डॉ. अर्चना वाजपेयी जी ने जाँच देखी और सारी समस्यायें पूछीं और १५ दिन के लिए भर्ती रहकर पंचकर्म चिकित्सा करवाने के लिए निर्देश दिया। मैं १५ दिन के लिए वहाँ रह गया और चिकित्सा चली, १५ दिन के बाद मुझे लगभग ५० प्रतिशत से ज्यादा आराम मिल गया और न ही मुझे कोई डायलेसिस करवानी पड़ी। मेरा यूरिया, क्रिटनीन नार्मल हो गया और फास्फोरस ८.७ एमजी/डीएल से घटकर ५.८ एमजी/डीएल हो गया और मेरा सुगर व बीपी नार्मल रहने लगा और मेरी सारी अंग्रेजी दवायें बन्द हो गयीं।



            आज मुझे यहाँ कि दवा करवाते ३ माह होने जा रहे हैं और अब मुझे ८० प्रतिशत आराम है और मुझे जो घाव होते थे वह बिल्कुल ठीक हो गये। इस समय केवल हल्की खाँसी आ जाती है और हल्की सी कमजोरी महसूस हो रही है।



            मैं बहुत खुश हूँ जो एलोपैथ में इतने दिनों से सुगर व बीपी की दवा खा रहा था वह कोई ठीक नहीं कर रहा था वहीं आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चिकित्सालय, चित्रकूट में आकर पंचकर्म और २ माह की दवाओं ने ठीक कर दिया। मैं और मेर पूरा परिवार बहुत खुश है जो मैं बीपी व सुगर की दवा खाते-खाते डायलेसिस में पहुँच गया और अपोलो जैसे बड़े हास्पिटल में मुझे जिन्दगी भर डायलेसिस करवाने के लिए बोला गया था, इंसुलिन भी पूरी तरह बन्द है जिससे मैं और मेरा पूरा परिवार डॉ. अर्चना वाजपेयी और इस आयुष ग्राम ट्रस्ट, चित्रकूटधाम के चिकित्सालय का आभारी है। मैं कहता हूँ कि यदि आपको भी किडनी सम्बन्धी परेशानी है और डॉक्टर डायलेसिस के लिए कहें तो आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चित्रकूट पहुँचें। आप भी मेरी तरह स्वस्थ होंगे।

- आदित्य सिंह गौतम,
 ग्राम/पोस्ट- कापन, अकलतरा, जिला- जाँजगीर चाम्पा (छ.ग.) ४९५५५२
 मोबा.नं.- ९७२००३७२३३


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