अंग्रेजी दवा से बिगाड़े गये, बाईपास सर्जरी के केस को १० दिन में सम्हाला आयुष ग्राम चित्रकूट ने!!


मेरा नाम शैलकुमारी चौरसिया, मैं नटराज होटल पंचकढ़ी बस स्टैण्ड के पास, जिला- होशंगाबाद (म.प्र.) की रहने वाली हूँ। मेरे पति श्री पुरुषोत्तम चौरसिया वर्ष ७६ रिटायर्ड व्याख्याता हैं।

पुरुषोत्तमदास चौरसिया साथ में उनकी पत्नी शैलकुमारी चौरसिया 

            एक दिन मेरे पति श्री पुरुषोत्तम चौरसिया जी साइकिल से घुमने जा रहे थे अचानक साइकिल से गिर जाने पर उनके पैर में अन्दर से चोंट आ गई, उस जगह सूजन व लालिमा रहती थी लेकिन मैंने ध्यान नहीं दिया। यह घटना १३ साल पहले २००७ की थी।



            तभी एक दिन अचानक सीने में दर्द बहुत होने लगा। हम लोग उस समय गाँव में थे तो गाँव (नरसिंहपुर) के ही एक डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने मेरे पति को २ दिन के लिये भर्ती रखा। फिर दूसरे डॉक्टर को दिखाया तो उस डॉक्टर ने २ बार सीढ़ियों में चढ़ने-उतरने को कहा। जब सीढ़ियां चढ़ाई-उतराई तो उनका दर्द और ज्यादा बढ़ गया तो तुरन्त उस डॉक्टर ने रु. ३०००/- का इन्जेक्शन लगाया और नागपुर के स्पंदन हॉस्पिटल के लिये रिफर कर दिया। मैं तुरन्त नागपुर लेकर गई तो वहाँ पर डॉ. अमित माल्डेकर को दिखाया। उन्होंने एंजियोग्राफी की जाँच आने के बाद उन्होंने बताया कि आपके पति के हार्ट में दो ब्लॉकेज हैं, एक ९५ % का और एक ८० % ( LVEF ५० %) हार्ट काम कर रहा है। डॉ. अमित जी ने तुरन्त बाईपास सर्जरी के लिये बोले तभी सुगर की जाँच करवायी गई तो सुगर बहुत बढ़ा था। मैंने अपने पति की बाईपास सर्जरी करवायी वहाँ पर ९ दिन भर्ती रखा गया और अंग्रेजी दवायें चलती रहीं।



            ३ साल पहले एक दिन बाहर घूमते समय मेरे पति को फिर अटैक आ गया उनकी याददाश्त चली गई और वह अपना घर ही भूल गये और उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या कर रहे हैं, किसी तरह एक सज्जन व्यक्ति उन्हें घर छोड़ गये।
            मैंने जब ऐसी हालत देखी तो बहुत घबरा गई और परेशान होकर तुरन्त नजदीकी गाँव के ही अस्पताल में डॉ. जगदीश दुबे को दिखाया। उन्होंने कुछ जाँचें की और कहा कि इन्हें पेशाब में भी समस्या है क्या? तो मैंने बताया कि हाँ, इन्हें पेशाब में छोटे-छोटे सफेद थक्के आते हैं। डॉक्टर ने एक हफ्ते की दवा दी तो पेशाब में तो आराम मिल गया लेकिन याददाश्त आदि में कोई आराम नहीं मिला। फिर हम इन्हें नागपुर ले गये ३ साल से दवा चलती रही किन्तु आराम नहीं मिला बल्कि रोग बिगड़ता ही गया।


            तभी हमारे होशंगाबाद (हरिद्वार) के अतुल कृष्ण महाराज जी कथा करने आये उन्होंने आयुष ग्राम (ट्रस्ट), चित्रकूट के चिकित्सालय के बारे में बताया कि मैं हर साल पंचकर्म चिकित्सा करवाने के लिये यहाँ जाता रहता हूँ।
            मैं और मेरा लड़का अपने पति पुरुषोत्तम जी को चित्रकूट आयुष ग्राम लेकर आये। रजिस्ट्रेशन हुआ और नम्बर आने पर हार्ट, किडनी, रीढ़ विभाग के डॉक्टर वाजपेयी जी के पास बुलाया गया,  उन्होंने अच्छे से देखा और कहा कि परेशान न हों। हर २ माह में १० दिन तक यहाँ रहें, जिसमें औषधियां और थैरापी देना होगा, कोई चीर फाड़ नहीं होगी, आप देखेंगी कि १० दिन में ही बहुत सुधर जायेगा। मैंने देखा कि ८ दिन में ही मेरे पति में बहुत अन्तर आने लगा है।
 जब हम यहाँ आये तो मेरे पति को ये लक्षण थे-
   ➡️ याददाश्त ख़त्म हो गई थी 
   ➡️ बिना पकड़े बिल्कुल भी नहीं चल पा रहे थे
   ➡️ पैरों में कम्पन बहुत था
   ➡️ नींद बिल्कुल नहीं आ रही थी
   ➡️ भूख के लिये कभी कहते नहीं थे
   ➡️ पेशाब के लिये हर दो घण्टे में जाना पड़ता था
   ➡️ पेट भी साफ नहीं रहता था
   ➡️ सुगर भी बढ़ा रहता था
   ➡️ मुख बहुत सूखता था
   ➡️ लार बिल्कुल नहीं बनती थी
   ➡️ खाना खाते समय पसीना बहुत आता था
   ➡️ गुस्सा, चिड़चिड़ापन बहुत रहता था।
   ➡️ किडनी खराब हो रही थी ।

            ८ दिनों में इस प्रकार सुधार हुआ। यूरिया जो ४८.५ था जो घटकर ४२.८ और क्रिटनीन २.१ था वह घटकर १.८ हो गया।
     अब वह खुद से चल लेते हैं
   ✱  पैरों में कम्पन नाममात्र का रह गया
     पेशाब में आराम है
     नींद बहुत अच्छी आ रही है
     पेट साफ हो रहा है
     अब याददाश्त में भी अन्तर है
     खाने में पसीना जो आता था वह अब नहीं आता
     लार भी बनने लगी है
   ✱  किडनी की खराबी दूर होने लगी ।
   ✱  क्रोध व चिड़चिड़ापन बिल्कुल समाप्त हो गया है।


            यह आयुष और भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट में स्थापित इस अस्पताल का चमत्कार है।  सुगर की थोड़ी अंग्रेजी की दवा छोड़कर सारी अंग्रेजी दवायें बन्द हो गयी हैं।
            मैं बहुत खुश हूँ कि मेरे पति को जीवनदान मिल गया। मुझे पछतावा है कि यदि शुरू से ही आयुष ग्राम’  चित्रकूट में आ जाते तो शायद हमारी यह दशा न होती। बाईपास सर्जरी और अंग्रेजी दवाओं ने शरीर को खोखला कर दिया। आयुष ग्राम चित्रकूटधाम में ऐसे-ऐसे रस और औषधियाँ हैं जो चमत्कार दिखा रहे हैं, सैकड़ों हार्ट, किडनी के रोगी रोज लाभ उठा रहे हैं।


पुरुषोत्तमदास चौरसिया
पुत्र
कमलेश चौरसिया
नटराज होटल पंचकढी बस स्टैण्ड के पास, जिला होशंगाबाद
मोबा.नं.- ९९८१२७२६१८


आवृत्तिव्याधिशोकार्ताननुवर्तेत शक्तिः ।।
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डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी


डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।

इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुशरण करते हैं ।


आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी        आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधिएम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत )
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य


डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 




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