आयुर्वेद विज्ञान पर आधारित मधुमेह (Diabetes) का असरदार सरल उपचार



चयापचय (Metabolism) एवं धातु विकार के कारण होने वाली यह बीमारी आजकल बहुत ही प्रचलन में आ गयी है, चीन के बाद यह बीमारी भारत में सबसे ज्यादा हो रही है। चिकित्सा वैज्ञानिक चिन्तित हैं कि सन् २०२५ तक भारत मधुमेह राजधानी बनने वाला है। एलोपैथ में इस रोग का बिल्कुल भी क्योर नहीं है। एलोपैथ में इस रोग की इलाज की स्थिति ठीक उसी प्रकार है जैसे किसी के आँख में पट्टी बाँध दी जाय और कह दिया जाय कि सूर्य छिप गया है या किसी की आँख में पट्टी बाँधकर चोर उसका पूरा समान उठा ले जायें। इस रोग में एलोपैथ दवाइयाँ चलती रहती हैं उधर रोगी के धीरे-धीरे गुर्दे फेल होने लगते हैं, आँखों की कमजोरी बढ़ने लगती है, मांस पेशियाँ कमजोर होने लगती हैं तथा मैथुन शक्ति बहुत कम होने लगती है। जिसे डॉक्टरी भाषा में डायबिटिक न्यूरोपैथी, डायबिटिक कार्डियोपैथी, डायबिटिक रेटनोपैथी, डायबिटिक नेफ्रोपैथी आदि कहा जाता है।


            गरिष्ठ, चिकनाईयुक्त खट्टे व नमकीन पदार्थों का अति मात्रा में सेवन, नये अनाज का सेवन, अति निद्रा, अधिक देर तक आराम तलबी करना, शारीरिक श्रम न करना, केवल मानसिक श्रम करना, गद्देदार बिस्तर पर बैठे रहना और समय-समय पर पंचकर्म द्वारा शरीर का शोधन कराकर शरीर में एकत्र गंदगी को बाहर न करना, आनुवांशिक कारणों आदि से मधुमेह होता है। इसमें रस, मेद, मांस, शुक्र, क्लेद, रक्त, वसा, मंजा, लसिका और ओज सभी दूषित हो जाते हैं।

            मधुमेह का पता चलते ही अच्छे आयुर्वेद चिकित्सालय में पहुँचकर गंभीरता पूर्वक नियमित चिकित्सा लेकर इस पर विजय प्राप्त करना चाहिए।


सरल उपचार


➡️ जामुन की गुठली, सोंठ, बेल की छाल, बेल के पत्ते, जामुन की छाल सभी ५०-५० ग्राम, गुडमार १०० ग्राम। सभी को कूट पीसकर २ भावनायें घृत कुमारी रस की देकर सुखा लें। १-१ चम्मच सुबह-शाम सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है।
➡️ आँवला और हल्दी १००-१०० ग्राम पीसकर रख लें। १-१ चम्मच सुबह-शाम खाली पेट सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है।
➡️ बबूल की छाल, पलास के पत्ते, जामुन की छाल, बेल की छाल, नीम की छाल, आँवला तथा हल्दी सभी बराबर-बराबर पीसकर रख लें। १-१ चम्मच सुबह-शाम सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है।
➡️ करेला का स्वरस मधुमेह में लाभकारी है।
➡️ मेथी, करेला, नीम, हल्दी आँवला, तेजपत्र और दालचीनी सभी को पीसकर रख लें। १-१ चम्मच सुबह-शाम गरम पानी से सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है।
पथ्य- मधुमेह रोग में पथ्य और अपथ्य का बहुत बड़ा महत्व है जौ, छिलके सहित मूँग की दाल, चना, सवाँ, गेहूँ, सेंधा नमक, परवल, करेला, आँवला, शलजम, हल्दी, कैंथा और काली मिर्च को आहार में सेवन करना चाहिए। पैदल चलना, हल्का व्यायाम, स्नान, शरीर की सूखी मालिश, सूर्य नमस्कार, कपालभार्ति, अनुलोम-विलोम प्राणायाम भी इस रोग में पथ्य हैं।
अपथ्य- दूध, दही, घी, मठ्ठा, तेल, गन्ने से बने पदार्थ, पीठी, मद्य, पान, उड़द, राजमा, पूर्व का भोजन पचे बिन पुनः भोजन, विरुद्धाहार, कफ और चर्बी बढ़ाने वाले पदार्थ, मधुर, खट्टे-नमकीन पदार्थ, दिन में सोना, अति मैथुन, धूम्रपान, वेगों का धारण अपथ्य हैं।

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी
डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं। शास्त्रीय चिकित्सा के पीयूष पाणि चिकित्सक और हार्ट, किडनी, शिरोरोग (त्रिमर्म), रीढ़ की चिकित्सा के महान आचार्य जो विगड़े से विगड़े हार्ट, रीढ़, किडनी, शिरोरोगों को शास्त्रीय चिकित्सा से सम्हाल लेते हैं । आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूटधाम, दिव्य चिकित्सा भवन, आयुष ग्राम मासिक, चिकित्सा पल्लव और अनेकों संस्थाओं के संस्थापक ।


इनके शिष्यों, छात्र, छात्राओं की लम्बी सूची है । आपकी चिकित्सा व्यवस्था को देश के आयुष चिकित्सक अनुशरण करते हैं ।


नासंवृतमुखः कुर्यात् क्षुतिहास्यविजृम्भणम् ॥ अ.हृ.सू.३५ ॥
मुख को बिना ढके न तो छींकना चाहिए, न हँसना चाहिए और न जम्भाई लें ॥


डॉ. अर्चना वाजपेयी

डॉ. अर्चना वाजपेयी एम.डी. (मेडिसिन आयु.) में हैं आप स्त्री – पुरुषों के जीर्ण, जटिल रोगों की चिकित्सा में विशेष कुशल हैं । मृदुभाषी, रोगी के प्रति करुणा रखकर चिकित्सा करना उनकी विशिष्ट शैली है । लेखन, अध्ययन, व्याख्यान, उनकी हॉबी है । आयुर्वेद संहिता ग्रंथों में उनकी विशेष रूचि है ।


आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
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  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी        आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधि (आयुर्वेद)एम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत )
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य



डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 

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