रामजन्म के साथ गूंजी बधाई गीतों व सोहर की स्वरलहरी !!

नरैनी (बांदा)। कस्बे से करीब एक किमी दूर स्थित आयुष ग्राम दिव्य चिकित्सा भवन पनगरा के संस्थापक डा.मदनगोपाल बाजपेई के संयोजन में चल रही दस दिवसीय रामलीला के दूसरे दिन देश में ख्यातिलब्ध आदर्श रामलीला मंडली खजूरीताल रींवा के कलाकारों ने रामजन्म से लेकर ताड़का वध की लीला का सजीव मंचन किया और दर्शकों की सराहना बटोरी।


बुधवार को दूसरे दिन की रामलीला में कलाकारों ने रामजन्म की लीला की शुरूआत की। जब जब होय धर्म की हानी, बाढ़ैं अधम असुर अभिमानी चैपाई के साथ शुरू रामलीला में भगवान श्रीराम ने अयोध्या के चक्रवर्ती सम्राट दशरथ के पुत्र के रूप में जन्म लिया। रामजन्म के साथ ही रामलीला का पूरा पंडाल जयघोष के साथ खुशियों से भर गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के बाल रूप की आरती उतारी और महिलाओं ने मंगलगीत व सोहर गाए। बाल लीलाओं के बाद राजर्षि विश्वामित्र का अयोध्या में आगमन हुआ और वह तपोभूमि को असुरों के आतंक से रक्षा के लिए भगवान श्रीराम व लक्ष्मण को ले जाने की अनुमति राजा दशरथ से मांगी।



भगवान श्रीराम ने तपोभूमि में यज्ञ विध्वंश को आई ताड़का, मारीचि व सुबाहु का वध किया और तपोभूमि को असुरों के आतंक से मुक्त कराया। रामलीला के दर्शकों में डा.परमानंद बाजपेई, डा.अर्चना बाजपेई, उमाचरण बाजपेई, विष्णुकांत त्रिपाठी, श्यामप्रकाश शुक्ला, राजेंद्र द्विवेदी ओरन, गिरिराज दीक्षित,शिवधनी पांडेय, प्रेमप्रकाश मिश्रा, राकेश द्विवेदी, अनंतराम त्रिपाठी, अवधबिहारी द्विवेदी समेत आयुष ग्राम के तमाम लोग मौजूद रहे। लीला के आयोजकों ने बताया है कि गुरुवार की रात अहिल्या उद्धार, पुष्पवाटिका, धनुष यज्ञ, रावण-वाणासुर संवाद आदि का मोहक मंचन किया जाएगा।



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