नेफ्रोटिक सिण्ड्रोम (किडनी रोग समूह) ग्रस्त बाल को १ माह में आयुष ग्राम से मिली राहत और एक नई उम्मीद की किरण




राकेश के मामा जी पुराने दिनों को याद करके भावुक होकर बताते हैं कि राकेश को एक माह पूर्व पूरे शरीर में सूजन आ गयी थी और पेशाब से प्रोटीन जाने की परेशानी होने लगी। तभी लवलेश कुमार, राकेश का मामा जो यहीं आयुष ग्राम चिकित्सालय में पंचकर्म थैरेपी के विभाग में कार्यरत है, राकेश को आयुष ग्राम चिकित्सालय, चित्रकूट लेकर आये।
            राकेश १० साल का है उसे एक माह से परेशानी थी, उसके पूरे शरीर में सूजन आ गयी, पेशाब की जगह विशेष सूजन आ गयी, पेट बढ़ गया तो उसे जिला कॉमबिनेड हॉस्पिटल कर्वी, चित्रकूट ले गये, वहाँ पर खून की जाँच हुयी, जाँच आने के बाद जब डॉक्टर ने देखा तो बताया कि Alkaline phosphatase ४५२.७२ IUIL, यूरिया १२५.७५, क्रिटनीन १.१८ और यूरिक एसिड १२.८५ आया और पेशाब से प्रोटीन (±±±) में आ रही थी। जाँच देखने के बाद डॉक्टर ने दूसरे हॉस्पिटल के लिए रिफर कर दिया। लेकिन वे आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चिकित्सालय, चित्रकूट में चले आये।
            वह दिन था २९ सितम्बर २०१९ का। फिर से पेशाब की जाँच करायी गयी। जाँच में यूरिया ४७.०, क्रिटनीन १.२ और पेशाब में प्रोटीन (±±±±) में आया।
            आयुर्वेदीय दृष्टिकोण से निदान करने पर वात कफज, वृक्कामयता निदान हुआ। तदनुसार निम्नांकित औषधि व्यवस्था व्यवस्थित की गयी।
१.     अमृता टेबलेट १+३ सुबह, दोपहर, शाम।

आचार्य वाग्भट्ट लिखते हैं-
बृहत्यादिगणे सिद्धं द्विगुणीकृतगोक्षुरे।
तोयं पयो व सर्पिर्वा सर्वमूत्रविकारजित्।। अ.हृ. ११।।

            शालपर्णी, पृश्निपर्णी, बड़ी कटेरी, छोटी कटेरी और गोखरू पंचागसभी का क्वाथ बनाकर २-२ चम्मच हर ३ घण्टे में। यह बृहतीगण कषाय या बृहत्यादि कषाय है।
२. प्रमेहगजकेशरी रस १ ग्राम रेनूविन चूर्ण ६० ग्राम सभी घोंटकर ६० मात्रायें। १-१ मात्रा दिन में २ बार।
पथ्य में- जौ की रोटी, लौकी की सब्जी, पका पानी, गोदुग्ध।
            २५ अक्टूबर २०१९ को राकेश को फिर दिखाने आये तो फिर से जाँचें करवायी गयीं तो आश्चर्यजनक परिणाम आया यूरिया २६.४, क्रिटनीन १.२ और पेशाब से प्रोटीन जो (±±±±) में जा रही थी वह बिल्कुल Nil हो गया। सूजन बिल्कुल मिट गयी। सभी रिपोर्टें संलग्न हैं।
            चूँकि यह रोग हठी होता है और वापसी भी सम्भावित होती है इसलिए कम से कम ६ माह तक चिकित्सीय देख-रेख और पथ्य पालन का निर्देश दिया गया। यह है आयुर्वेद के शास्त्रीय चिकित्सा का शीघ्रकारी चमत्कार।

सूचना र्म रोगों की आयुर्वेदीय चिकित्सा पर एक सेमिनार :



आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा धन्वन्तरी पखवाड़ा के अवसर पर शनिवार दिनाँक ९ नवम्बर २०१९ को '' चर्म रोगों की आयुर्वेदीय चिकित्सा कैसे हो '' विषय पर आयुर्वेद संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है | इस कार्यक्रम में भाग लेने के इच्छुक चिकित्सक मो. / व्हाटसएप्प ६३८८०६७००५८००९२२२१३८ पर अपना पंजीकरण करायें ||



आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
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  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी        आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधिएम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत )
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य


डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 



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