झुकी हुयी रीढ़ भी आयुष से सीधी होती है !!

श्रीमती राजवन्ती 


मुझे २ साले पहले से कमर व रीढ़ की समस्या थी
, लेकिन मैं ऐसे ही दुकान से दवा लेकर खा लेती थी। लेकिन धीरे-धीरे मेरी कमर में बहुत दर्द होने लगा, मैं उठ-बैठ तक नहीं पाने लगी। तभी मेरे परिवार के लोग परेशान होकर मुझे डीआरएस हास्पिटल इलाहाबाद ले गये। वहाँ की कुछ अंग्रेजी दवायें चलीं, कुछ आराम मिला लेकिन जितने दिन दवा खाती आराम रहता जैसे ही दवा बन्द होती फिर से और ज्यादा समस्या होने लगी। इलाहाबाद (प्रयागराज) में कुछ जाँचें भी करवायी गयीं जिसमें डॉक्टर ने रीढ़ की हड्डी की समस्या बताई और कहा कि बिना ऑपरेशन के कभी ठीक नहीं हो सकती, मैं ५५ साल की उम्र में झुककर, डण्डा लेकर बुढ़िया की तरह चलती थी। लेकिन मैंने ऑपरेशन के लिए मना कर दिया और लखनऊ पीजीआई में दिखाया। लखनऊ में भी ऑपरेशन के लिए कहा कि आपकी माँ बिना ऑपरेशन के नहीं ठीक हो सकतीं। लेकिन मेरे लड़के ने ऑपरेशन करवाने से मना कर दिया और लखनऊ में ३ दिन भर्ती रखकर एलोपैथिक इलाज चला फिर १५ दिन की दवा लेकर मेरा लड़का मुझे घर ले आया मैं बहुत परेशान थी, दर्द के कारण चल भी नहीं पा रही थी।



            तभी मेरे ही एक रिश्तेदार के द्वारा जो यहाँ पर आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चिकित्सालय, चित्रकूट आ चुके हैं से पता चला। तो मेरे लड़के ने फोन से सर्च कर सबकुछ पता किया और दूसरे दिन ही मुझे आयुष ग्राम (ट्रस्ट) चिकित्सालय, चित्रकूट में लेकर आ गया।
            मेरा रजिस्ट्रेशन करवाया गया, फिर मेरा नम्बर आने पर हार्ट, किडनी और रीढ़ चिकित्सा विभाग में डॉक्टर वाजपेयी जी के पास बुलाया गया। मेरा लड़का और दामाद मुझे उनके पास लेकर गये, उन्होंने बीमारी के बारे में सब पूछा और एक जाँच सीआरपी की करवायी, जाँच आने के बाद फिर से बुलाया गया। उन्होंने जाँच देखी और कहा कि आप लोग बिल्कुल परेशान नहीं होइये। मैं आपकी माँ को १ माह में खड़ा कर दूँगा और लगकर इलाज करवाने से यह बहुत जल्द पूर्णत: स्वस्थ हो जायेंगी।
            जब मैं यहाँ पर आयी थी तब मैं बिल्कुल चल नहीं पाती थी झुककर डण्डा लेकर चलती थी, अपना काम नहीं कर पाती थी, मेरी कमर में दर्द बहुत होता था, मैं दर्द की अंग्रेजी दवा खाते-खाते धीरे-धीरे बेड पर आ गयी थी, मतलब ऐसी स्थिति थी कि कोई नहीं कहता था कि कभी मैं चल पाऊँगी।


            लेकिन आयुष ग्राम में कटिपिच्चुधारण भी कराया गया। इस प्रकार के १ माह की चिकित्सा से ही १ माह में ही मैं उठ-बैठ पाने लगी।
            आज मेरा यहाँ से इलाज चलते डेढ़ साल हो गये हैं और मैं इस समय ९५ % स्वस्थ हूँ, अब तो मैं अपनी दवा खुद आकर ले जाती हूँ और अपना काम स्वयं कर लेती हूँ। आज मुझे न ही कोई ऑपरेशन करवाना पड़ा न ही कोई अंग्रेजी दवा खानी पड़ती है। अब मैं तीन माह की दवा लेकर दुबई जा रही हूँ, मेरा लड़का वहाँ रहता है।



           मैं और मेरा पूरा परिवार बहुत खुश है कि जो अंग्रेजी डॉक्टर कहते थे कि बिना ऑपरेशन मैं कभी ठीक नहीं हो पाऊँगी वह आज सब गलत हो गया और आयुष ग्राम ट्रस्ट का परिणाम सबके सामने है। मैं कहती हूँ कि यदि  अंग्रेजी डॉक्टर रीढ़, हार्ट, आदि के ऑपरेशन की बात करें तो पहले आप आयुष ग्राम ट्रस्ट सूरजकुण्ड रोड, चित्रकूटधामजायें। मेरी तरह आप भी ऑपरेशन से बचेंगे विश्वास करें।


राजवन्ती, ग्राम/पोस्ट- हसनपुर सर्राय अकिल,

 जिला- कौशाम्बी (उ.प्र.)


आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी        आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधिएम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत )
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य


डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 


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