आयुष चिकित्सा ने एक डॉक्टर को ऐसे बचाया पेसमेकर से!


डॉ. जय प्रकाश योगी जी 


मैं कर्नाटक से मेडिकल स्नातक हूँ। मेरा खुद का अस्पताल है और मैं चिकित्सक पद में नोयडा में ही कार्यरत हूँ। १ साल से मुझे खाँसी और नींद की समस्या थी, अपनी अंग्रेजी दवा खा लेता जिससे कुछ आराम हो जाता। लेकिन ३ मई २०१८ में मुझे अचानक श्वास लेने में समस्या होने लगी, सीने में दर्द होने लगा, मैं सो बिल्कुल नहीं पाता था, तो मेरे घर के परिजन मुझे दादरी ग्रेटर नोयडा में एक हॉस्पिटल ले गये, वहाँ के डॉक्टर ने मुझे देखा और मुझे इको करवाने के लिए बोले


इको की रिपोर्ट में एलवीईएफ केवल २०-२५% आयी, मैं घबरा गया और मेरे डॉक्टर भी। मेरे हार्ट के डॉक्टर ने पेसमेकर डलवाने के लिए कहा, पर मैं थोड़ा प्रतीक्षा की और एक माह तक दवा खाकर काम चलाता रहा अब मैं दिल्ली (एम्स) गया, वहाँ डॉ. अम्बोज राव जिन्होंने भारत  पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की बाईपास सर्जरी की थी को दिखाया,

उन्होंने भी पेसमेकर डलवाने के लिए कहा और दिल्ली एम्स की भी ईको में २०% ही एलवीईएफ आया और चलने में मेरी श्वास फूलती थी, नींद भी बिल्कुल नहीं आ रही थी, मैं और मेरे परिवार के लोग परेशान कि कहीं हार्ट अटैक जैसी कोई समस्या न आ जाये पर जवानी में पेसमेकर भी नहीं डलवाना चाहता था क्योंकि पेसमेकर का फ्यूचर मुझे मालूम था।
            मैंने एम्स की एलोपैथिक दवायें १ साल तक खायीं, लेकिन मुझे आराम नहीं मिला। तभी एक मेरे मित्र डॉक्टर द्वारा मुझे आयुष ग्राम ट्रस्ट के चिकित्सालय  चित्रकूट और वहाँ की आयुष कार्डियोलॉजी का पता चला तो मैंने नेट में सर्च करके आयुष ग्राम के बारे में पूरी जानकारी ली फिर ०७.सितम्बर २०१९ दिन बुधवार को मैं चित्रकूट आ गया यहाँ पर ओपीडी चल रही थी, भीड़ भी थी, मेरा रजिस्ट्रेशन करवाया गया और मेरा नम्बर आने पर डॉक्टर वाजपेयी जी के पास बुलाया गया। उन्होंने कुछ जाँच करवायीं उन्होंने जाँचें भी देखी और नाड़ी परीक्षण कर बोले कि आप चिंता न करें हार्ट अटैक से नहीं मरेंगे, यह बात उन्होंने लिखकर भी दे दी और कहा कि मैं आपको पूर्णत: स्वस्थ करूँगा, सच में पहले माह में ही मुझे आराम मिलना शुरू हो गया, मेरी श्वास फूलना कम हो गयी और नींद भी आने लगी, सीने का दर्द कभी-कभी होने लगा। मैं खुश हो गया कि जो हमारी एलोपैथिक दवायें इतने दिनों में कुछ नहीं कर पायीं वह आयुष चिकित्सा से सिर्फ १० दिन में बिना पेसमेकर डलवायें मिलने लगा।


            मैंने आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट की आयुष कार्डियोलॉजी का इलाज २ माह करके फिर से ईको करवाया, तो मेरा एलवीईएफ २०% से बढ़कर ३०-३५% हो गया। मैं और इको करने वाले मेरे डॉक्टर यह देखकर दंग रह गये, बोले आयुष कार्डियोलॉजी तो। मुझे फिजिकली तो ९५³ आराम है मेरी एलोपैथी जो बहुत चलती थी वह बन्द होकर सिर्फ अब २ दवायें एलोपैथी की चल रही हैं। मैं और मेरा परिवार बहुत खुश हो गया कि बिना पेसमेकर डलवाये मैं स्वस्थ्य हूँ। एक भुक्तभोगी आयुष से लाभ प्राप्त डॉक्टर होने के नाते मैं दुनिया को बताना चाहता हूँ कि यदि हार्ट में प्रॉब्लम है और अंग्रेजी डॉक्टर या अस्पताल हार्ट से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करने की बात करते हैं तो आप पहले आयुष कार्डियोलॉजी को अपनायें। आशा करें कि आप भी मेरी तरह लाभान्वित होंगे। अब मैं अपने अस्पताल का काम भी करने लगा नहीं तो सब बन्द कर दिया था केवल मौत दिखाई देती थी।
            मैं प्रभू श्रीराम की तपोभूमि में स्थापित लोककल्याण कर रहे आयुष ग्राम (ट्रस्ट) का बहुत आभार व्यक्त करता हूँ।

डॉ. जयप्रकाश योगी
१७८ संतोष नगर दादरी, ग्रेटर नोएडा (उ.प्र.) 
मोबा.नं.- ९४५६६९२३२४
(मैं बहुत व्यस्त हूँ कृपया ज्यादा फोन न करें)





सूचना र्म रोगों की आयुर्वेदीय चिकित्सा पर एक सेमिनार :


आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा धन्वन्तरी पखवाड़ा के अवसर पर शनिवार दिनाँक ९ नवम्बर २०१९ को '' चर्म रोगों की आयुर्वेदीय चिकित्सा कैसे हो '' विषय पर आयुर्वेद संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है | इस कार्यक्रम में भाग लेने के इच्छुक चिकित्सक मो. / व्हाटसएप्प ६३८८०६७००५८००९२२२१३८ पर अपना पंजीकरण करायें ||



आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी        आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधिएम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत )
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य


डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 




Post a Comment

0 Comments