अंग्रेजी डॉक्टर बचे हार्ट के ऑपरेशन से : इको रिपोर्ट नार्मल ६ माह में!!



डॉ. श्रीनाथ यादव 

               
मैं डॉ श्रीनाथ यादव उम्र ६७ वर्ष, मेरा स्वयं का अस्पताल है। मुझे १० साल से डायबिटीज की बीमारी थी, जिसकी एलोपैथिक दवा खा रहा था।
            ७ दिसम्बर २०१८ को मुझे अचानक गले से लेकर सीने तक दर्द उठा तो घर के लोग मुझे जौनपुर के एक हॉस्पिटल ले गये, वहाँ पर ईसीजी हुयी तो डॉक्टरों ने ब्लॉकेज (सी.ए.डी.) की सम्भावना बतायी। कुछ ट्रीटमेण्ट देकर मुझे जौनपुर के हास्पिटल से मुझे वाराणसी के एक हास्पिटल में रिफर कर दिया गया। वाराणसी के एपेक्स हास्पिटल में दिखाया, वहाँ देखने के बाद डॉक्टरों ने स्टेंट डालने को कहा, मैंने स्टेंट भी डलवा लिया, अस्पताल की दवायें २ माह तक चलीं, लेकिन कोई आराम नहीं मिला। कमजोरी, चलने में साँस फूलना, अस्पताल में मन न लगना आदि। तब मैं लखनऊ (पीजीआई) में दिखाया, वहाँ पर भी २ माह तक दवायें चलीं फिर भी कोई आराम नहीं मिला, अब मैं बहुत डरा कि कहीं अटैक से मौत न हो जाये, एक दिन मेरी भेंट जौनपुर के ही डॉ. हंसराज भारती से हो गयी। ये हम लोगों से काफी जूनियर हैं, ये भी हार्ट अटैक के शिकार हो चुके थे और दिल्ली एम्स तक गये पर इन्हें आयुष ग्राम चित्रकूट की आयुष कार्डियोलॉजी से पूरा लाभ हुआ वह भी बिना ऑपरेशन।
            डॉ. हंसराज भारती जी मुझे २२ सितम्बर २०१९ को लेकर आयुष ग्राम ट्रस्ट (चित्रकूटधाम) के चिकित्सालय, चित्रकूट गये, यहाँ ओपीडी चल रही थी, काफी भीड़ थी, मेरा नम्बर आने पर डॉ. मदनगोपाल वाजपेयी जी की ओपीडी में बुलाया गया उन्होंने सभी परेशानियों के बारे में पूछा सारी रिपोर्टें देखी, नाड़ी परीक्षण किया, फिर कहा कि आपको जो समस्यायें हैं जैसे सीने में दर्द, मधुमेह, प्रोस्टेट, विबन्ध वह सब ठीक होगी, आप बिल्कुल परेशान न हों, अब हार्ट अटैक जैसी समस्या नहीं आयेगी। मुझे आयुर्वेद में विश्वास ही नहीं हुआ क्योंकि मैं तो एलोपैथ का डॉक्टर हूँ, लेकिन डॉक्टर साहब की बातों से मुझे लगा कि सच में मैं यहीं से स्वस्थ्य हो जाऊँगा।

आयुष ग्राम में चिकित्सा लेने से पूर्व की रिपोर्ट: 



            मैं १ माह की दवा से १० प्रतिशत तक ठीक लगने लगा और दूसरे माह से तो विशेष आराम मिलना शुरू हो गया, मेरे गले व सीने का दर्द समाप्त हो गया, मधुमेह भी ठीक चलने लगा, प्रोस्टेट की समस्या लगभग समाप्त हो गयी। ठीक तीसरे माह से तो मेरी प्रगति तेजी से होने लगी।
            मुझे बहुत खुशी हुई, मैं लोहा मान गया कि वास्तव में आयुष विज्ञान अपने आप में अद्भुत है तभी तो प्रधानमंत्री मोदी जी कहते हैं कि योग, प्राणायाम और आयुर्वेद का मैं भरपूर उपयोग करता हूँ और उसी से मेरी गाड़ी चलती है। मैं तो ठहरा एक एलोपैथ  चिकित्सक। ६ माह में मेरी सारी अंग्रेजी दवा बन्द हो गयी। अब मैं १०० प्रतिशत स्वस्थ्य हूँ सिर्फ हल्की कमजोरी महसुस होती है, और कभी-कभी पेट साफ नहीं होता केवल यही समस्या है।



आयुष ग्राम चिकित्सालय: चित्रकूट में 6 माह चिकित्सा लेने के बाद की रिपोर्ट:




            मैं  १०० प्रतिशत स्वस्थ हूँ इसलिए कि मैंने ६ माह बाद इकोकार्डियोग्राफी करायी जिसकी पूरी रिपोर्ट नार्मल आयी। एलवीएफ-५५-६०% हो गया। मैं अपनी दोनों रिपोर्ट यानी अब की और पहले की, दोनों पब्लिश करा रहा हूँ आप स्वयं देखें। जिन डॉक्टर ने इको किया वे स्वयं देखकर हैरान हो गये, उन्होंने पहले की भी दिपोर्ट देखी। मैं सभी को कहना चाहता हूँ कि यदि आप या आपकी जानकारी में कोई भी हार्ट का रोगी है और डॉक्टर स्टेंट डालने या ऑपरेशन की बात करें तो पहले आप आयुष चिकित्सा अपनायें। मुझे विश्वास है कि आप भी मेरी तरह हार्ट की समस्या से उबरेंगे। क्योंकि स्टेंट डलवाने के बाद भी मैं बीमार ही था।


डॉ. श्रीनाथ यादव
मरछा (वीरभानपुर),
 जौनपुर (उ.प्र.)

        सूना

आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा धन्वन्तरी पखवाडे  के अवसर पर शनिवार दिनाँक ९ नवम्बर २०१९ को '' चर्म रोगों की आयुर्वेदीय चिकित्सा कैसे हो '' विषय पर आयुर्वेद संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है | इस कार्यक्रम में भाग लेने के इच्छुक चिकित्सक मो. / व्हाटसएप्प ६३८८०६७००५, ८००९२२२१३८ पर अपना पंजीकरण करायें ||


आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी        आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधिएम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत )
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य


डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 







Post a Comment

0 Comments