मैं तो अपंग हो गया था : ऑपरेशन से बचाया और चला दिया आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट ने!!

जगदीश प्रसाद गौतम और उनका पुत्र विद्यार्थी प्रसाद गौतम 

मेरे पिता जी श्री जगदीश प्रसाद गौतम, सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त हैं। जनवरी २०१७ में अचानक पिता जी को लकवा की समस्या हो गयी जिससे बायां अंग काम नहीं करने लगा, आवाज भी लड़खड़ाने लगी, तो मैं उन्हें प्रयागराज (इलाहाबाद) में डॉ. सचिन सिन्हा को दिखाया, सी.टी. स्केन करवाया, रिपोर्ट के बाद बोले कि ठीक हो जायेंगे। ३ माह तक मैंने इलाज करवाया, पिता जी ठीक तो हो गये पर आवाज में एक भी आराम नहीं मिला।
 फिर ४ सितम्बर २०१९ का दिन अचानक दूसरे तरफ दायें पैर में बहुत दर्द हुआ, मैं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चाकघाट ले गया, वहाँ पर डॉ. एस.एन. पाण्डेय जी को दिखाया। उन्होंने सियाटिका की समस्या बतायी, दवा चली, कुछ आराम न मिलने पर मैं दूसरे दिन डॉ. एस.सी. द्विवेदी को प्रयागराज में ही दिखाया। उन्होंने एमआरआई की फिर जाँच देखकर बताया कि रीढ़ की हड्डी में दिक्कत है (एल-१ से एल-५ तक) और कहा कि नसें भी दब रही हैं। उन्होंने दूसरे डॉक्टर अमित सिंह जी के पास भेज दिया, एमआरआई देखकर डॉ. अमित सिंह बोले कि दो ऑपरेशन करवाने पड़ेंगे उन्होंने यह भी बता दिया कि ऑपरेशन के बाद भी यह जैसे है (मतलब चल बिल्कुल नहीं पा रहे थे) उससे थोड़ा ही ठीक हो सकते हैं। बस, आगे नसों की समस्या में आराम होगा। मैं परेशान था कि ऑपरेशन के बाद भी ऐसे ही रहेंगे तो क्या मतलब है। मैं पिता जी को घर ले आया।
 तभी मुझे मेरे ही मित्र बृजेश द्विवेदी जी द्वारा आयुष ग्राम, चित्रकूटधाम का पता चला। मैं ११ सितम्बर २०१९ को पिता जी को आयुष ग्राम चिकित्सालय, चित्रकूट ले आया, ओपीडी चल रही थी, मैंने पर्चा बनवाया, मेरा नम्बर २८/१६ डॉ. वाजपेयी जी ने नाड़ी परीक्षण किया, सभी पुरानी एमआरआई, सीटी स्केन देखी और सभी समस्यायें पूछीं।
 जब मैं अपने पिता जी को आयुष ग्राम चिकित्सालय, चित्रकूट लेकर आया था तब वे बिल्कुल चल नहीं पाते थे, ३ लोग उठाकर लेकर आये थे, पैर व कमर में बहुत दर्द रहता था, दर्द के कारण नींद बिल्कुल नहीं आती थी, आवाज साफ नहीं निकलती थी। उन्होंने सारी समस्यायें सुनी और बोले कि आप परेशान न हों मैं आपके पिता जी को दौड़ा दूँगा। आप १०-१० दिन, १-१ माह के अन्तर से यहाँ पंचकर्म और दवाओं हेतु समय दें। उन्होंने १० दिन रहकर स्नेहन, स्वेदन की सलाह दी। हम १० दिन के लिए भर्ती हो गये।
 जैसे-जैसे स्नेहन, स्वेदन और दवाइयाँ चलती गयीं, वैसे-वैसे आराम मिलने लगा और १० दिन में ही पैर का दर्द कम हो गया, नींद भी आने लगी, लेकिन अभी चल नहीं पाये। १० दिन बाद पिता जी को डिस्चार्ज किया गया, डिस्चार्ज करते समय कहा कि इस बार तो आपके पिता जी व्हील चेयर से जा रहे हैं पर एक माह की दवा घर में खाने के बाद जब यहाँ आयेंगे तो अपने पैरों से चलकर आयेंगे।


 हमने घर में वैसे ही दवा खिलायी और मालिश भी किया। सच में जब एक माह बाद मैं दुबारा आयुष ग्राम चित्रकूट पहुँचा तो मेरे पिता जी लाठी के सहारे अपने मन से पूरी सीढ़ियों से चढ़कर ओपीडी-२ में आये। यह मेरे लिए चमत्कार से कम नहीं है।
 मैं बहुत प्रसन्न था, अब फिर अगले चरण का १० दिन का पंचकर्म होना था। मैं फिर से पिता जी को लेकर रह गया। अब मेरे पिता जी अपने से अपना नित्यकर्म कर लेते हैं, अपने से केवल लाठी के सहारे और बिना सहारे के भी चल लेते हैं, दर्द में राहत है सिर्फ अभी कमर में हल्का दर्द रहता है। इस प्रकार मेरे पिता जी को ८० प्रतिशत आराम है, वह भी बिना ऑपरेशन। यह है आयुष का प्रभाव। जब अंग्रेजी डॉक्टर दो-दो ऑपरेशन के बाद भी चल न पाने की कोई गारण्टी नहीं ले रहे थे वहीं बिना किसी अंग्रेजी दवा के सिर्फ आयुर्वेदिक दवाओं से आज मेरे सामने मेरे पिताजी के इतने अच्छे परिणाम हैं।
 मैं कहता हूँ कि न्यूरो स्पाइनकी जितनी उत्तम चिकित्सा आयुष ग्राम में मैंने देखी वह भी बिना ऑपरेशन, वह कहीं नहीं देखी। मैं तो सभी को कहता हूँ कि जब भी डॉक्टर रीढ़ या हार्ट के ऑपरेशन की बात करें तो आयुष ग्राम, चित्रकूट की चिकित्सा में जायें। मुझे भरोसा है कि आपको भी मेरे पिता जी की तरह फायदा होगा व ऑपरेशन से बचेंगे।

- विद्यार्थी प्रसाद गौतम पुत्र श्री जगदीश प्रसाद गौतम 
ग्राम- सतपुरा चाकघाट त्योथर, जिला- रीवा (म.प्र.)
९३४०५२२०३१



आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी        आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधिएम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत )
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य


डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 




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