डायलेसिस से बच गया : आयुष ग्राम चित्रकूट की चिकित्सा से !!

राम प्रताप सिंह साथ मे उनका परिवार और नर्स साधना जी 


मुझे सबसे पहले सन 2016 में किडनी की परेशानी हुई थी मुझे पेशाब में समस्या हो गयी पेशाब में जलन और कम मात्रा में होने लगी इन सबके चलते मैंने रायबरेली में एक अंग्रेजी डॉक्टर को दिखाया उन्होंने अल्ट्रासाउंड और खून की जांच करवाने के लिए कहा मैं अपने स्वभाव में थोड़ा गुस्से वाला हूँ मैने अपने ढंग से इलाज किया डॉक्टर ने एक हफ्ते की दवा लिख कर दे दी । मैं अंग्रेजी दवाएं लेकर घर आ गया । घर पर एक ही बार दवा खाने से मेरे पूरे शरीर मे जलन सीने में बहुत जलन होने लगी । तभी मुझे मेरे बहन के लड़के ने आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट की मात्र संस्था दिव्य   चिकित्सा भवन पनगरा बाँदा के बारे में पता चला मेरी चचेरी बहन जिसका कैंसर का इलाज पहले से चल रहा था । 
मैं दूसरे दिन ही पनगरा बाँदा पहुंचा । वहां पर ओपीडी थी । डॉक्टर साहब ने खून की जांच और पेशाब की जांच करवाई । जांच आने के बाद मुझे फिर से नंबर आने पर डॉक्टर साहब के पास बुलाया गया । उन्होंने सभी समस्याएं पूँछी । और जांच देखकर नाड़ी परीक्षण किया । और मुझसे बोले  कि आप परेशान न हो आप बिल्कुल स्वस्थ्य हो जायेंगे । इसके लिए आपको 21 दिन यहां रहकर पंचकर्म चिकित्सा करवानी होगी मैंने पहले तो बात नहीं मानी और सिर्फ दवा लेकर घर जाने के लिए कहता रहा । लेकिन फिर मुझे डॉक्टर साहब ने बहुत अच्छे से समझाया मेरे परिवार के लोगों ने समझाया यहाँ की नर्सों ने पंचकर्म से मिलने वाले लाभ को बताया । सबकी बात सुनकर मैं 21 दिन यहां रह गया। मुझे पहले हफ्ते में ही आराम मिलना शुरू हो गया । मेरी जो जांच में क्रेटनीन 2.8 mg/dl के लगभग आ गया था और 21 दिन में बिल्कुल नार्मल हो गई । और मेरी पेशाब की समस्या दूर हो गई । भूँख लगने लगी, पेट साफ होने लगा मैं बहुत खुश हो गया । और मैं अपनी मर्जी से पांच दिन और रुककर पंचकर्म करवाया । 
27 दिन बाद मुझे डॉक्टर साहब ने 1 माह की दवा देकर घर भेज दिया । फिर एक माह बाद दिखाने को कहा , मैं दवा लेकर घर आ गया घर पर ही दवा खाई मैं पूर्णतः ठीक हो गया । अब अपनी लापरवाही के कारण मैं दोबारा दिखाने आया ही नहीं । फिर अभी पिछले महीने (2019) में अचानक दोबारा सारी समस्याएं होने लगीं । टट्टी और पेशाब में फिर से दिक्कत होने लगी । गैस बहुत बन रही थी पेट साफ नही होने लगा, बीपी बहुत कम होने लगा, उल्टी तो इतनी हो रही थी कि मानो जान ही निकल जायेगी । 
फिर मुझे दिव्य चिकित्सा भवन पनगरा, बाँदा के चिकित्सालय के बारे में याद आया और मैं दूसरे दिन ही मैं पनगरा पहुंचा वहाँ पर ओपीडी नही थी पता चला कि अब यहां की आईपीडी आयुष ग्राम चिकित्सालय , चित्रकूट में चली गयी है फिर मैं आयुष ग्राम चित्रकूट आ गया यहां पर ओपीडी चल रही थी । काफी भीड़ थी मेरा नंबर आने पर मुझे डॉक्टर साहब के पास बुलाया गया उन्होंने मुझे देखते ही पहचान गए । कि मैंने पनगरा में इलाज  करवाया था फिर मुझे पूंछा कि दवा बीच में क्यों छोड़ दी थी खूब गुस्सा भी हुए और कहा कि अब मैं आपका इलाज नहीं करूंगा । मैंने बहुत प्रार्थना की, मैंने कहा कि अब गलती नहीं होगी फिर जांच करवाई गई जाँच आने पर फिर से डॉक्टर साहब के पास ओपीडी में बुलाया गया जांच देखी और नाड़ी परीक्षण कर फ़िर से 15 दिन यहां रहकर पंचकर्म चिकित्सा की सलाह दी मैंने तुरंत बात मान ली और 15 दिन के लिए रह गया । पहले हफ्ते में ही मुझे आराम मिलने लगा मेरी बीपी भी नार्मल हो गई ।
भर्ती होने के दिन जांच में हीमोग्लोबिन 8.4gm%, क्रेटनीन 8.2 mg/dl, यूरिया 122.0 mg/dl, यूरिक एसिड 12.1 mg/dl, फॉस्फोरस 5.6,सीआरपी 35.5 आया । 


वह 15 दिन में हीमोग्लोबिन बढ़कर 8.6  क्रेटनीन 4.5 mg/dl, यूरिया 66.9mg/dl, सीआरपी 22.3 mg/dl और फॉस्फोरस भी नॉर्मल आ गया ।

 यह सब देखकर मैं बहुत प्रसन्न था । और सोचने लगा कि अगर मैं बीच मे दवा नहीं छोड़ता तो यह समस्याएं दोबारा आती ही नहीं आज मैं 85% से भी ज्यादा स्वस्थ्य हूँ । और आज मैं एक माह की दवा लेकर घर जा रहा हूँ और एक माह बाद फिर से दिखाने आऊंगा । मैं और मेरा पूरा परिवार बहुत खुश है कि मैं डायलेसिस से बच गया नया जीवन मिल गया ।

राम प्रताप सिंह 
ग्राम / पोस्ट - रेहुआ लालगंज
जिला - प्रतापगढ़ (उ.प्र.)
मोब.नं.- 6393765772




आयुष ग्राम ट्रस्ट चित्रकूट द्वारा संचालित
   
आयुष ग्राम चिकित्सालय:चित्रकूट 
   मोब.न. 9919527646, 8601209999
 website: www.ayushgram.org



  डॉ मदन गोपाल वाजपेयी        आयुर्वेदाचार्यपी.जी. इन पंचकर्मा (V.M.U.) एन.डी.साहित्यायुर्वेदरत्न,विद्यावारिधिएम.ए.(दर्शन),एम.ए.(संस्कृत )
 प्रधान सम्पादक चिकित्सा पल्लव
                                  
डॉ अर्चना वाजपेयी                              एम.डी.(कायचिकित्सा) आयुर्वेद 

डॉ परमानन्द वाजपेयी                                                                   आयुर्वेदाचार्य


डॉ आर.एस. शुक्ल                                                                           आयुर्वेदाचार्य 




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